पाकिस्तान के अशांत प्रांत खैबर पख्तूनख्वा की राजधानी पेशावर में सोमवार को एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। बहरीन से प्रत्यर्पित कर लाए गए पाकिस्तान के सबसे कुख्यात अपराधियों में से एक मुमताज उर्फ मुमताजे को पुलिस हिरासत के दौरान हुई एक भीषण मुठभेड़ में मार गिराया गया है। सोमवार को हुई इस मुठभेड़ के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस खूंखार गैंगस्टर पर हत्या और अपहरण समेत करीब 49 से अधिक गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। वह लंबे समय से कानून की नजरों से बचकर विदेश में छिपा हुआ था, जिसे हाल ही में वापस लाया गया था।
पेशावर के शाहपुर इलाके में ताबड़तोड़ फायरिंग
पेशावर कैपिटल सिटी पुलिस के प्रवक्ता द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना शाहपुर इलाके में नॉर्दर्न बाइपास के पास घटित हुई। पुलिस की एक विशेष टीम आरोपी गैंगस्टर मुमताज उर्फ मुमताजे को कड़ी सुरक्षा के बीच एक गुप्त पुलिस ठिकाने पर ले जा रही थी। इसी दौरान घात लगाए बैठे अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने पुलिस के काफिले पर अचानक अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। अचानक हुए इस हमले से पुलिस बल को संभलने का मौका नहीं मिला और पूरा इलाका गोलियों की गूंज से दहल उठा।
हमले के बाद पुलिसकर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और हमलावरों पर जवाबी कार्रवाई की। दोनों तरफ से हुई इस भीषण गोलीबारी में दो अज्ञात हमलावर मौके पर ही ढेर हो गए। वहीं दूसरी ओर, इसी क्रॉस-फायरिंग के दौरान गाड़ी के भीतर मौजूद गैंगस्टर मुमताज को भी कई गोलियां लगीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, हमलावरों का इरादा मुमताज को छुड़ाना या फिर उसकी हत्या करना हो सकता है, जिसकी जांच की जा रही है।
रहमान डकैत जैसा था मुमताज का खूंखार साम्राज्य
मुमताज उर्फ मुमताजे कोई साधारण अपराधी नहीं था। पाकिस्तान के अपराध जगत में उसका नाम बेहद खौफ के साथ लिया जाता था। कई लोग उसकी तुलना पाकिस्तान के पूर्व बदनाम अपराधी रहमान डकैत से कर रहे हैं। मुमताज का अपना एक बहुत बड़ा संगठित आपराधिक नेटवर्क था, जो पूरे क्षेत्र में सक्रिय था। उसके खिलाफ दर्ज मामलों की सूची अत्यंत लंबी और भयावह है।
- वह 49 से अधिक गंभीर आपराधिक मुकदमों में सीधे तौर पर वांछित था।
- उस पर हत्या, हत्या के प्रयास और जबरन वसूली के अनेक मामले दर्ज थे।
- वह सुपारी देकर हत्या कराने यानी टारगेट किलिंग और अपहरण जैसे घिनौने अपराधों को अंजाम देता था।
- गरीबों और व्यापारियों की जमीन तथा लोगों की निजी संपत्तियों पर अवैध कब्जा करना उसका मुख्य पेशा था।
- पुलिस और सुरक्षाबलों पर जानलेवा हमले करने और क्षेत्र में अवैध हथियारों की तस्करी करने का भी उस पर आरोप था।
उसका खौफ इतना अधिक था कि कोई भी उसके खिलाफ गवाही देने की हिम्मत नहीं जुटा पाता था, जिससे वह कानून के चंगुल से बार-बार बच निकलता था।
इंटरपोल की मदद से बहरीन से हुई थी गिरफ्तारी
पेशावर पुलिस के लिए मुमताज को पकड़ना नाक का सवाल बन चुका था। जब वह पाकिस्तान से भागकर बहरीन में छिप गया, तो पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिकंजा कसना शुरू किया। पेशावर कैपिटल सिटी पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय पुलिस संगठन यानी इंटरपोल की मदद ली। इंटरपोल के जरिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाकर मुमताज को बहरीन से गिरफ्तार किया गया। उसे वापस पाकिस्तान लाने की प्रक्रिया को पुलिस विभाग अपनी एक बहुत बड़ी कामयाबी मान रहा था, लेकिन पाकिस्तान की धरती पर कदम रखते ही चंद घंटों के भीतर उसका अंत हो गया।
कोर्ट के आदेश और सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल
इस एनकाउंटर के बाद अब पाकिस्तान के कानून और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। इस घटना से ठीक पहले पेशावर हाई कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए थे। कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा था कि आरोपी मुमताज को अत्यंत सुरक्षित तरीके से अदालत के समक्ष पेश किया जाए और पूरी जांच प्रक्रिया के दौरान उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। कोर्ट ने उसे सुरक्षित रूप से जेल भेजने का आदेश भी दिया था।
मुमताज की मां ने भी अदालत से गुहार लगाई थी और उम्मीद जताई थी कि हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुसार उनके बेटे के संवैधानिक और मौलिक अधिकारों की रक्षा की जाएगी। हालांकि, पुलिस सुरक्षा के बीच हुई इस संदिग्ध मुठभेड़ और मुमताज की मौत ने अब इस पूरे घटनाक्रम को एक नया मोड़ दे दिया है।
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