छत्तीसगढ़ में बीजेपी की नई रणनीति, कार्यकारी अध्यक्ष पद के लिए तोखन साहू का नाम सबसे आगे

उत्तर प्रदेश में एक सड़क दुर्घटना के बाद छत्तीसगढ़ बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव के स्वास्थ्य और संगठन की कार्यप्रणाली को देखते हुए पार्टी में कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ति पर विचार किया जा रहा है।

संगठनात्मक बदलाव की चर्चा

छत्तीसगढ़ की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को लेकर इन दिनों हलचल तेज हो गई है। हाल ही में प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव के साथ उत्तर प्रदेश के ललितपुर में एक सड़क हादसा हुआ, जिसमें उन्हें चोटें आईं। इस घटना के बाद से ही राज्य में बीजेपी के भीतर एक नए और महत्वपूर्ण बदलाव की अटकलें शुरू हो गई हैं। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का मानना है कि संगठन की नियमित गतिविधियों को बिना किसी रुकावट के चलाने के लिए पार्टी एक कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त करने की तैयारी में है।

तोखन साहू का नाम सबसे आगे

कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वह है बिलासपुर से सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू का। राजनीतिक गलियारों में यह माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंप सकता है। तोखन साहू की संगठन में लंबे समय से सक्रिय भूमिका रही है और विभिन्न कार्यक्रमों में उनकी कार्यशैली को पार्टी स्तर पर काफी सराहा गया है। इन्हीं सब कारणों से इस दौड़ में उनका नाम सबसे मजबूत माना जा रहा है।

दिल्ली बुलावा और सियासी संकेत

ताजा जानकारी के अनुसार, ऐसी चर्चाएं भी हैं कि तोखन साहू को मंगलवार को दिल्ली तलब किया गया है। दिल्ली में उनकी मुलाकात प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव से होने की भी खबरें हैं, जिसने इन अटकलों को और अधिक बल दिया है। यद्यपि भारतीय जनता पार्टी की तरफ से अभी तक आधिकारिक रूप से कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर कोई घोषणा नहीं की गई है, लेकिन दिल्ली में हो रही बैठकों को संगठन के नजरिए से काफी अहम माना जा रहा है। राजनीतिक विशेषज्ञ इस घटनाक्रम पर पैनी नजर रखे हुए हैं।

क्या किरण सिंह देव हटाए जाएंगे?

पार्टी सूत्रों और वरिष्ठ नेताओं की ओर से आ रहे संकेतों से स्पष्ट है कि इस चर्चा को किरण सिंह देव को पद से हटाने के रूप में बिल्कुल नहीं देखा जाना चाहिए। पार्टी फिलहाल उनके नेतृत्व पर पूरा भरोसा जता रही है और उन्हें प्रदेश अध्यक्ष के पद पर बनाए रखने की इच्छुक है। व्यवस्था केवल इसलिए की जा रही है ताकि किरण सिंह देव के स्वास्थ्य लाभ की अवधि के दौरान संगठन के रोजमर्रा के कामकाज प्रभावित न हों। बीजेपी के आगामी कार्यक्रमों और सेवा महोत्सव जैसे अभियानों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए कार्यकारी अध्यक्ष की भूमिका बेहद जरूरी हो गई है।

संगठन की सक्रियता प्राथमिकता

बीजेपी का लक्ष्य राज्य में अपनी संगठनात्मक गतिविधियों को निरंतर बनाए रखना है। पार्टी चाहती है कि किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी आकस्मिकता संगठन के काम में बाधा न बने। चूंकि बीजेपी इन दिनों छत्तीसगढ़ में काफी सक्रिय है, इसलिए पार्टी नेतृत्व एक ऐसी व्यवस्था चाहता है जो संगठन के कार्यक्रमों को गति देने में सहायक हो। तोखन साहू की केंद्रीय मंत्री के रूप में जिम्मेदारी और संगठन के प्रति उनकी सक्रियता उन्हें इस पद के लिए एक उपयुक्त विकल्प बनाती है। आने वाले कुछ दिनों में तस्वीर और भी स्पष्ट हो जाएगी।

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