इन दिनों दक्षिण एशिया के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बेहद बिगड़ा हुआ है। सिर्फ पड़ोसी देश नेपाल और चीन ही नहीं, बल्कि इस वक्त पाकिस्तान में भी बारिश और जलभराव के कारण जो स्थिति बनी हुई है, वह किसी बड़ी प्राकृतिक आपदा से कम नहीं है। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद और पड़ोसी शहर रावलपिंडी में मंगलवार, 1 सितंबर 2026 की सुबह हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। आलम यह है कि पाकिस्तान के सैन्य मुख्यालय रावलपिंडी और देश की राजधानी इस्लामाबाद के कई इलाकों में कर्फ्यू जैसे हालात पैदा हो गए हैं। सड़कों पर पानी का सैलाब बह रहा है, जिसके कारण प्रशासन ने रावलपिंडी के सभी स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया है।
लेह नाले का बढ़ा जलस्तर और प्रभावित इलाकों से पलायन
इस मूसलाधार बारिश की वजह से इस्लामाबाद और रावलपिंडी के बीच बहने वाले प्रमुख लेह नाले का जलस्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। पाकिस्तान मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, लेह नाले का जलस्तर कटारियां में 29 फीट और गावलमंडी में 23.5 फीट तक दर्ज किया गया है। इस नाले के पूरे जलग्रहण क्षेत्र में करीब 200 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। जलस्तर में आई इस भारी तेजी को देखते हुए प्रशासन ने कटारियां और गावलमंडी के आसपास के निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
शहरी बाढ़ का बढ़ा खतरा, आपातकालीन सेवाएं अलर्ट पर
पाकिस्तान के योजना मंत्री अहसान इकबाल ने मौजूदा हालात को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण दोनों शहरों के रिहायशी इलाकों में शहरी बाढ़ (अर्बन फ्लडिंग) का खतरा काफी बढ़ गया है। स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने वाटर एंड सैनिटेशन एजेंसी (वासा), रेस्क्यू 1122 और जिला प्रशासन सहित सभी राहत एवं आपातकालीन विभागों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। आपातकालीन दल मौके पर तैनात हैं और नालों से जल निकासी के साथ-साथ नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
रावल डैम के स्पिलवे खोलने की तैयारी
इस्लामाबाद के डिप्टी कमिश्नर इरफान नवाज मेमन ने स्थिति पर जानकारी देते हुए बताया कि लगातार हो रही भारी बारिश के चलते रावल डैम का जलस्तर अपनी निर्धारित सीमा से काफी ऊपर चला गया है। इस अत्यधिक दबाव को नियंत्रित करने के लिए दोपहर 2 बजे डैम के स्पिलवे (गेट) खोलने की योजना बनाई गई। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे किसी भी सूरत में नदी-नालों और भारी जलभराव वाले क्षेत्रों के करीब न जाएं।
विशेष रूप से इस्लामाबाद के ई-11 इलाके में रिकॉर्ड तोड़ बारिश देखी गई है, जिसके चलते वहां की नालियां पूरी तरह उफान पर आ गईं और सड़कों पर पानी जमा हो गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि कुछ अवैध रूप से बनाए गए और पहले से सील किए गए बेसमेंट में भी पानी घुस गया। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन ने नालों के प्राकृतिक बहाव को रोकने और उन्हें अवरुद्ध करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। प्रभावित इलाकों से पानी निकालने के लिए डीवाटरिंग पंपों की संख्या बढ़ा दी गई है।
मौसम विभाग की चेतावनी और यातायात की स्थिति
पाकिस्तान मौसम विभाग ने पहले ही चेतावनी जारी कर दी थी कि देश के उत्तरी हिस्सों में 5 सितंबर तक भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। इस चेतावनी में इस्लामाबाद और रावलपिंडी सहित कई प्रमुख शहरों में अचानक आने वाली बाढ़ का खतरा बताया गया था।
सड़कों पर पानी भरने की वजह से यातायात व्यवस्था भी पूरी तरह लड़खड़ा गई है। ट्रैफिक पुलिस ने सभी वाहन चालकों को बेहद धीमी गति से चलने और दुर्घटना से बचने के लिए आगे चल रहे वाहनों से पर्याप्त दूरी बनाए रखने की सख्त सलाह दी है। प्रशासन लगातार पूरी स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है और जहां भी जलभराव हो रहा है, वहां से पानी निकालने का काम युद्धस्तर पर किया जा रहा है। आने वाले दिनों में और बारिश की आशंका को देखते हुए राहत और बचाव दलों को पूरी तरह से मुस्तैद रखा गया है।
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