मां मझिघरियाणी मंदिर की दान पेटी से निकला अनोखा खजाना, 54 लाख रुपये के साथ मिली कर्जदार की 7 पन्नों की दर्दभरी चिट्ठी

ओडिशा के प्रसिद्ध मां मझिघरियाणी मंदिर में दान पेटियों की गिनती के दौरान भारी मात्रा में नकदी और आभूषणों के साथ एक भक्त का भावुक पत्र मिला है, जिसमें उसने देवी से कर्ज मुक्ति की गुहार लगाई है।

ओडिशा के रायगढ़ा में स्थित विख्यात मां मझिघरियाणी मंदिर में सोमवार का दिन बेहद खास रहा। यहां मंदिर प्रशासन द्वारा जब दान पेटियों यानी हुंडियों को खोला गया, तो वहां मौजूद हर शख्स दंग रह गया। दान पात्रों से न केवल लाखों रुपये की नकदी, बहुमूल्य सोने-चांदी के आभूषण और विदेशी मुद्राएं बाहर आईं, बल्कि एक ऐसा दस्तावेज भी मिला जिसने सभी का दिल झकझोर कर रख दिया। यह कोई साधारण कागज नहीं था, बल्कि एक लाचार भक्त द्वारा मां के चरणों में अपनी परेशानियों को बयां करता हुआ सात पन्नों का एक बेहद भावुक और दर्दभरा प्रार्थना पत्र था। भक्त ने अपनी जिंदगी की तमाम उलझनों, आर्थिक तंगी और भारी-भरकम कर्ज का जिक्र करते हुए मां मझिघरियाणी से अपनी लाज बचाने की मन्नत मांगी थी।

सुरक्षा के बीच खोली गईं 9 दान पेटियां, निकला भारी खजाना

मंदिर प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साए में मंदिर की कुल 9 दान पेटियों को खोला गया। इन पेटियों से भारी मात्रा में चढ़ावा बाहर निकला, जिसे सुरक्षित तरीके से गिनने के लिए रायगढ़ा स्थित यूनियन बैंक की मुख्य शाखा में भेजा गया। बैंक कर्मियों और मंदिर के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में जब पैसों की गिनती पूरी हुई, तो आंकड़े हैरान करने वाले थे। दान पेटियों से कुल 54 लाख 15 हजार 902 रुपये की नकद राशि बरामद हुई।

नकदी के अलावा, भक्तों ने मां के चरणों में सोने और चांदी के आभूषण भी अर्पित किए थे। मंदिर प्रशासन के मुताबिक, हुंडियों से कुल 64 ग्राम सोना और करीब 1.764 किलोग्राम चांदी के जेवर मिले हैं। इस भारी-भरकम दान को देखकर मंदिर परिसर में कौतूहल का माहौल बन गया।

नोटों की गिनती और विदेशी मुद्राओं का विवरण

दान पेटियों में छोटे-बड़े सभी प्रकार के नोटों का अंबार लगा हुआ था। बैंक द्वारा जारी की गई सूची के अनुसार, विभिन्न मूल्यों के नोटों का विवरण इस प्रकार है:

  • 500 रुपये के कुल 2,679 नोट मिले।
  • 200 रुपये के कुल 1,488 नोट पाए गए।
  • 100 रुपये के सबसे अधिक 22,034 नोट बरामद हुए।
  • 50 रुपये के कुल 14,806 नोट निकले।
  • 20 रुपये के कुल 21,460 नोट दान पेटी से प्राप्त हुए।

दिलचस्प बात यह रही कि इस दान में केवल भारतीय मुद्रा ही नहीं थी, बल्कि विदेशों से आने वाले श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई विदेशी मुद्राएं भी शामिल थीं। हुंडियों से अमेरिकी डॉलर, ओमानी रियाल, सऊदी रियाल और यूएई दिरहम जैसी प्रतिष्ठित विदेशी मुद्राएं और सिक्के भी बरामद किए गए।

कर्ज में डूबे सुनील की सात पन्नों की भावुक फरियाद

इस अथाह धन-दौलत के बीच जो चीज सबसे अधिक चर्चा का विषय बनी, वह थी सात पन्नों की एक लंबी चिट्ठी। यह भावुक पत्र कोरापुट के रहने वाले सुनील खरा नामक एक भक्त द्वारा लिखा गया था। आश्चर्यजनक रूप से इस पत्र पर भविष्य की तारीख यानी 20 अगस्त 2026 अंकित थी। सुनील ने अपने इस पत्र में अपनी दर्दनाक आर्थिक स्थिति और परिवार की लाचारी का पूरा ब्यौरा पेश किया था।

सुनील ने लिखा कि वह इस समय बेहद कठिन दौर से गुजर रहा है और गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रहा है। उसने अपनी चिट्ठी में साफ तौर पर लिखा कि उसके सिर पर करीब 23 लोगों का कर्ज है। वह कर्जदाताओं के दबाव और अपनी आर्थिक तंगी से बुरी तरह टूट चुका है। उसने मां मझिघरियाणी से हाथ जोड़कर विनती की कि उसे इस कर्ज के दलदल से बाहर निकाला जाए।

भक्त ने मां से मांगी नौकरी, शांति और मार्गदर्शन

सुनील की इस सात पन्नों की चिट्ठी में जीवन की जंग जीतने की उम्मीद और अटूट आस्था साफ झलक रही थी। उसने मां से प्रार्थना करते हुए लिखा कि उसे ऐसी शक्ति और परिस्थितियां प्रदान की जाएं, जिससे वह अपनी कमाई बढ़ा सके और एक-एक करके सभी 23 कर्जदारों का पूरा पैसा ससम्मान लौटा सके। भक्त ने देवी से एक अच्छी नौकरी दिलाने और अपनी आय के स्रोत मजबूत करने की गुहार लगाई।

इसके अलावा, सुनील ने पत्र में अपने एक निजी काम का भी उल्लेख किया। उसने प्रार्थना की कि उसके घर की बिक्री से संबंधित जो भी कागजी कार्यवाही अटकी हुई है, वह बिना किसी बाधा के और आसानी से पूरी हो जाए, ताकि उसे कुछ आर्थिक संबल मिल सके। अपनी व्यक्तिगत समस्याओं के साथ-साथ सुनील ने अपने परिवार का भी ख्याल रखा। उसने मां से अपनी पूजनीय माताजी और भाई के सुखी जीवन और कल्याण के लिए आशीर्वाद मांगा।

पत्र के अंत में उसने अपने मन के भय, चिंताओं और नकारात्मक विचारों को दूर करने की प्रार्थना की। उसने मां से सही मार्ग चुनने की शक्ति, सही निर्णय लेने का विवेक और मन की शांति प्रदान करने की याचना की। अंत में उसने अपनी सारी समस्याओं को मां के चरणों में सौंपते हुए खुद को उनके हवाले कर दिया।

https://www.indiatv.in/india/national/a-seven-page-emotional-letter-found-from-donation-box-maa-majhighariani-temple-in-raighar-2026-09-01-1240577