PNB AI समिट 2026: बैंकिंग के भविष्य और डिजिटल सुरक्षा पर मंथन

पंजाब नेशनल बैंक ने बैंकिंग क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभाव और सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण समिट का आयोजन किया, जिसमें विशेषज्ञों ने भविष्य की तकनीक पर विस्तृत चर्चा की।

PNB AI समिट 2026 का आयोजन

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने हाल ही में PNB AI समिट 2026 का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस बड़े कार्यक्रम में बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा (BFSI) क्षेत्र के दिग्गजों को एक साझा मंच मिला। समिट में विभिन्न नीति निर्माताओं, नियामकों, उद्योग जगत के प्रमुख चेहरों, तकनीकी विशेषज्ञों, फिनटेक क्षेत्र के नवप्रवर्तकों और साइबर सुरक्षा पेशेवरों ने भाग लिया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बैंकिंग के भविष्य को आकार देने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम प्रौद्योगिकियों और साइबर सुरक्षा की क्रांतिकारी भूमिका का विश्लेषण करना था।

दिग्गजों की उपस्थिति और कार्यक्रम के मुख्य अतिथि

दो दिनों तक चले इस महत्वपूर्ण समिट की शुरुआत वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के अतिरिक्त सचिव देबाशीष प्रस्टी के संबोधन से हुई। इस दौरान पंजाब नेशनल बैंक के एमडी और सीईओ अशोक चंद्र, इंडियन बैंक एसोसिएशन (IBA) के मुख्य कार्यकारी अतुल कुमार गोयल और भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के नेशनल क्वांटम मिशन के क्यूटीसी प्रमुख जेबीवी रेड्डी उपस्थित रहे। इनके अलावा आईएस एडवाइजर गुलशन राय और आईआईटी कानपुर के डीन डॉ. प्रतीक सेन ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

टेक्नोलॉजी और बैंकिंग के भविष्य पर राय

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि देबाशीष प्रस्टी ने अपने संबोधन में बैंकिंग में एआई को शामिल करने और सरकार के 'इंडिया एआई मिशन' के बीच सामंजस्य बैठाने की आवश्यकता पर बल दिया। बैंक के एमडी और सीईओ अशोक चंद्र ने पंजाब नेशनल बैंक के दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए कहा कि वे जेनरेटिव एआई और एजेंटिक एआई का उपयोग ग्राहक सेवा, जोखिम प्रबंधन और वित्तीय समावेश के स्तर को ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए करेंगे। वहीं, जेबीवी रेड्डी ने क्वांटम-सेफ बैंकिंग और सुरक्षित साइबर सुरक्षा ढांचे की अहमियत बताई, जबकि अतुल कुमार गोयल ने साइबर हमलों से निपटने के लिए बैंकिंग इकोसिस्टम में सामूहिक इनोवेशन का आह्वान किया।

साइबर सिक्योरिटी हैकाथॉन 2026 का समापन

समिट का एक प्रमुख आकर्षण साइबर सिक्योरिटी हैकाथॉन 2026 का सफल समापन रहा। पंजाब नेशनल बैंक ने इसे वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (DFS) की देखरेख में आयोजित किया था। आईआईटी कानपुर के साथ मिलकर तैयार की गई इस प्रतियोगिता की थीम 'पब्लिक-फेसिंग एप्लिकेशन के लिए क्वांटम-प्रूफ सिस्टम' थी। इसमें प्रतिभागियों ने ऐसे ऑटोमेटेड सॉल्यूशन तैयार किए जो क्रिप्टोग्राफिक खामियों की पहचान करने और पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी के लिए तैयारी को सुनिश्चित करने में सक्षम थे। विजेताओं को नकद पुरस्कार से पुरस्कृत कर उनके प्रयासों को सराहा गया।

AI एक्सपीरियंस जोन और तकनीकी सत्र

समिट के दौरान एक विशेष AI एक्सपीरियंस जोन भी बनाया गया था, जहां लगभग 20 कियोस्क पर अत्याधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। इसमें AWS, Microsoft और Google जैसी वैश्विक कंपनियों ने भाग लिया और अपनी एआई, जेनरेटिव एआई और एनालिटिक्स समाधान दिखाए। तकनीकी सत्रों के दौरान एआई-आधारित डिजिटल भुगतान, धोखाधड़ी से बचाव, मल्टीलिंगुअल एआई मॉडल और एआई-फर्स्ट बैंक बनाने जैसी चुनौतियों पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि एआई अब केवल प्रयोग का विषय नहीं रहा, बल्कि बैंकिंग परिचालन का एक अनिवार्य आधार बन गया है।

रणनीतिक भविष्य और निष्कर्ष

समिट के उत्तरार्ध में एआई-फर्स्ट दुनिया में भारतीय बैंकिंग की रणनीतियों पर विचार किया गया। उद्योग जगत के विशेषज्ञों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट से आगे बढ़कर अब बड़े पैमाने पर एआई को लागू करने का समय आ गया है। इस समिट ने न केवल तकनीकी समाधानों को प्रदर्शित किया, बल्कि भविष्य के बैंकिंग ढांचे में भरोसा, गवर्नेंस और सुरक्षा के बीच एक संतुलन बनाने का संदेश भी दिया। इस आयोजन के माध्यम से पंजाब नेशनल बैंक ने भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में एआई संचालित परिवर्तन की अपनी प्रतिबद्धता को और अधिक मजबूती दी है।

https://www.indiatv.in/paisa/business/pnb-organized-the-ai-summit-2026-discussions-were-held-on-various-topics-including-cybersecurity-2026-08-31-1240500