आय से अधिक संपत्ति: सहायक अभियंता के नौ ठिकानों पर विजिलेंस का छापा, लॉकर से 2 करोड़ नकद बरामद

ओडिशा विजिलेंस ने कंधमाल के बलिगुड़ा स्थित आईटीडीए के सहायक कार्यकारी अभियंता बैकुंठ नाथ बेहरा के 9 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। बैंक लॉकरों से करीब 2 करोड़ रुपये नकद, पांच इमारतें और 13 प्लॉट सामने आए हैं।

ओडिशा विजिलेंस विभाग ने आय से अधिक संपत्ति के एक मामले में कंधमाल जिले के बलिगुड़ा स्थित आईटीडीए के सहायक कार्यकारी अभियंता बैकुंठ नाथ बेहरा के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई शुरू की है। शुक्रवार 6 जून 2026 को विजिलेंस की टीमों ने राज्य के अलग-अलग स्थानों पर एक साथ धावा बोलकर करोड़ों रुपये की संपत्ति का पर्दाफाश किया। मिली जानकारी के मुताबिक, विभाग को शिकायत मिली थी कि बेहरा के पास उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति है। इसी आधार पर विशेष न्यायाधीश (विजिलेंस), भुवनेश्वर के जारी किए सर्च वारंट के तहत उनसे और उनके परिजनों से जुड़े कुल 9 स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया।

कई जिलों में एक साथ हुई छापेमारी

इस कार्रवाई में 2 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, 5 डीएसपी, 6 इंस्पेक्टर समेत अन्य कर्मचारियों को शामिल किया गया। तलाशी भुवनेश्वर, बारिपदा, जाजपुर जिले के धर्मशाला और कंधमाल जिले के बलिगुड़ा में की गई। जिन प्रमुख ठिकानों पर छापे पड़े उनमें भुवनेश्वर के नीलाद्री विहार, सैलश्री विहार, कानन विहार और चंद्रशेखरपुर स्थित आलीशान मकान शामिल हैं। इसके साथ ही जाजपुर जिले के धर्मशाला स्थित पैतृक घर, बारिपदा में एक रिश्तेदार का घर, एक अन्य रिश्तेदार का मकान, बलिगुड़ा का कार्यालय कक्ष और सरकारी आवास की भी तलाशी ली गई।

पांच बड़ी इमारतों का खुलासा

प्रारंभिक जांच में बेहरा और उनके परिवार के नाम पर बड़ी मात्रा में चल-अचल संपत्ति सामने आई है। अब तक कुल पांच बड़ी इमारतों का पता चला है। इनमें सबसे बड़ी संपत्ति भुवनेश्वर के नीलाद्री विहार में स्थित करीब 10,500 वर्गफुट क्षेत्रफल की चार मंजिला इमारत है। इसके अलावा सैलश्री विहार में तीन मंजिला भवन और कानन विहार में 3,750 वर्गफुट क्षेत्रफल वाला दो मंजिला मकान मिला है। चंद्रशेखरपुर इलाके में 2,500 वर्गफुट का एक और दो मंजिला मकान तथा जाजपुर जिले के धर्मशाला की पैतृक जमीन पर बना दो मंजिला भवन भी जांच में मिला है। इनमें से चार भवन भुवनेश्वर के प्रमुख इलाकों में हैं और बेहद कीमती माने जा रहे हैं।

13 प्लॉट और गहनों का मूल्यांकन जारी

तलाशी के दौरान कुल 13 उच्च मूल्य वाले प्लॉटों का भी पता चला है। इनमें से 7 प्लॉट भुवनेश्वर के प्रमुख क्षेत्रों में, 5 प्लॉट जाजपुर जिले के धर्मशाला क्षेत्र में और 1 प्लॉट बारिपदा में स्थित है। भुवनेश्वर के नीलाद्री विहार, सैलश्री विहार, गोविंदप्रसाद, बोमिकहाल, घाटिकिया और जतनी इलाके में जमीन होने की जानकारी सामने आई है, जबकि धर्मशाला और बारिपदा में भी कई भूखंडों का पता चला है। छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने 2 लाख 66 हजार 400 रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा सोने के गहनों का वजन और मूल्यांकन भी किया जा रहा है। विजिलेंस बैंक खातों, डाकघर जमा योजनाओं और अन्य वित्तीय निवेशों की भी पड़ताल कर रही है।

बैंक लॉकरों से निकले करीब 2 करोड़

इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा बैंक लॉकरों से हुआ है। जांच में सामने आया कि बेहरा की पत्नी के नाम पर भुवनेश्वर के चंद्रशेखरपुर स्थित एक्सिस बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शाखाओं में दो लॉकर हैं। इन लॉकरों को खोले जाने पर इनमें से करीब 2 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए। अधिकारी बैंक मशीनों के जरिए नोटों की गिनती कर रहे हैं। इस बरामदगी के बाद मामला और भी गंभीर हो गया है। विजिलेंस की तकनीकी शाखा सभी भवनों और जमीनों का माप तथा बाजार मूल्यांकन कर रही है, और अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही संपत्तियों की असली कीमत सामने आ सकेगी।

तलाशी और जांच अब भी जारी

फिलहाल तलाशी और जांच का काम जारी है। सभी संपत्तियों के दस्तावेज, बैंक खातों, निवेशों और अन्य वित्तीय लेन-देन की विस्तृत पड़ताल की जा रही है। संपत्तियों का मूल्यांकन पूरा होने और जांच समाप्त होने के बाद आय से अधिक संपत्ति के मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई को बीते कुछ वर्षों में ओडिशा विजिलेंस की सबसे बड़ी आय से अधिक संपत्ति संबंधी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है।

कौन हैं बैकुंठ नाथ बेहरा?

बैकुंठ नाथ बेहरा का जन्म 13 जून 1974 को हुआ था। उन्होंने 16 अगस्त 1999 को जूनियर इंजीनियर के रूप में सरकारी सेवा में प्रवेश किया, जब उनका शुरुआती वेतन मात्र 6,000 रुपये प्रतिमाह था। उनकी पहली नियुक्ति नबरंगपुर ब्लॉक में हुई और बाद में उनका तबादला आईटीडीए उदला कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने कुसुमगुड़ा ब्लॉक, डाबुगांव ब्लॉक और आईटीडीए नबरंगपुर में विभिन्न पदों पर काम किया। 31 अक्टूबर 2016 को उन्हें सहायक अभियंता के पद पर पदोन्नति मिली। फरवरी 2026 में उन्हें सहायक कार्यकारी अभियंता बनाकर बलिगुड़ा आईटीडीए में पदस्थापित किया गया, जहां वे वर्तमान में कार्यरत हैं।

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