क्रॉस वोटिंग का डर या कुछ और? MP कांग्रेस ने विधायकों से क्यों कराए दस्तखत, बैठक से 2 MLA रहे नदारद

राज्यसभा चुनाव को लेकर भोपाल में हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सभी विधायकों के दस्तखत कराए गए, जबकि दो विधायक अनुपस्थित रहे। एक सीट के लिए जरूरी 58 विधायकों के मुकाबले कांग्रेस के पास 62 विधायक हैं।

मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की सरगर्मी तेज हो गई है। जून में प्रदेश की तीन सीटों पर मतदान होना है और इसे लेकर बीजेपी तथा कांग्रेस, दोनों ही दलों ने अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। आंकड़ों के लिहाज से कांग्रेस एक सीट आसानी से अपने नाम कर सकती है, लेकिन इसके बावजूद पार्टी सतर्कता बरत रही है।

शनिवार को राजधानी भोपाल में राज्यसभा चुनाव को केंद्र में रखकर कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई। इस बैठक के दौरान सभी मौजूद विधायकों से दस्तखत कराए गए, जिसके बाद यह सवाल उठने लगा कि आखिर पार्टी ने ऐसा क्यों किया—क्या उसे क्रॉस वोटिंग की आशंका है या इसके पीछे कोई और वजह है।

दिग्विजय के इनकार के बाद नटराजन पर भरोसा

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह पहले ही यह स्पष्ट कर चुके थे कि वह राज्यसभा नहीं जाना चाहते। उनके इनकार के बाद पार्टी ने मीनाक्षी नटराजन को अपना उम्मीदवार बनाने का फैसला किया।

बैठक से दो विधायक रहे अनुपस्थित

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बताया कि किन्हीं कारणों के चलते दो विधायक बैठक में मौजूद नहीं रह सके। उन्होंने कहा कि हर परिस्थिति में पार्टी राज्यसभा का चुनाव जीतेगी, और वह भी पूरी एकजुटता के साथ।

पटवारी ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन को चुनाव जिताकर राज्यसभा भेजा जाएगा। उनके मुताबिक कांग्रेस ने साफ राजनीति का संदेश दिया है और पार्टी हर तरह की स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और विवेक तन्खा ने वर्चुअली अपनी बात रखी।

बीजेपी के तीसरे उम्मीदवार की चर्चा

मुख्यमंत्री मोहन यादव और कैलाश विजयवर्गीय के बयानों के आधार पर इस बात की चर्चा शुरू हुई है कि बीजेपी राज्यसभा के लिए तीसरा उम्मीदवार भी मैदान में उतार सकती है। यही वजह है कि कांग्रेस के भीतर क्रॉस वोटिंग को लेकर चिंता बनी हुई है।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस आशंका को खारिज करते हुए कहा कि अगर बीजेपी तीसरा प्रत्याशी उतारती है, तब भी कांग्रेस चुनाव जीतेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि मीनाक्षी नटराजन को हर हाल में राज्यसभा पहुंचाया जाएगा। सिंघार के अनुसार बैठक में सभी विधायकों ने पार्टी को भरोसा दिलाया है।

आंकड़ों में कांग्रेस मजबूत

मध्य प्रदेश में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 58 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता है, जबकि कांग्रेस के पास इस समय 62 विधायक हैं। इस लिहाज से पार्टी एक सीट के लिए सहज स्थिति में है।

बैठक में प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी और सीडब्ल्यूसी सदस्य कमलेश्वर पटेल सहित विधायक शामिल हुए।

नटराजन ने जताया आभार

मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और प्रदेश नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि जब उन्हें लोकसभा में प्रतिनिधित्व का अवसर मिला था, तब उन्होंने प्रदेश की आवाज को मजबूती से रखने का काम किया था।

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