पश्चिम बंगाल की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली कोलकाता की प्रेसिडेंसी जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। साल 2002 में कोलकाता के अमेरिकन सेंटर पर हुए आतंकी हमले के मुख्य साजिशकर्ता और खूंखार आतंकवादी आफताब अंसारी की जेल कोठरी यानी सेल से आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का एक बड़ा जखीरा बरामद किया गया है। अति-सुरक्षित मानी जाने वाली इस जेल के भीतर इतने हाई-टेक उपकरण मिलने के बाद जेल प्रशासन और राज्य की सुरक्षा एजेंसियों में पूरी तरह हड़कंप मच गया है। अधिकारी इस बात को लेकर हैरान हैं कि इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद ये उपकरण जेल के भीतर तक कैसे पहुंचे।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल, बरामद हुई गैजेट्स की बड़ी खेप
जेल अधिकारियों को खुफिया इनपुट मिले थे कि हाई-सिक्योरिटी सेल में बंद कैदी बाहरी दुनिया के संपर्क में हैं। इसी सूचना के आधार पर जेल प्रशासन द्वारा अचानक एक सघन तलाशी अभियान चलाया गया। जब सुरक्षाकर्मियों ने आफताब अंसारी की कोठरी की बारीकी से जांच की, तो वहां से कई उच्च स्तरीय इलेक्ट्रॉनिक और संचार उपकरण बरामद हुए। इस छापेमारी में बरामद हुई चीजों की सूची इस प्रकार है:
- एक ऐप्पल आईफोन
- एक जोड़ी यानी 2 अन्य स्मार्टफोन
- 2 वाई-फाई राउटर
- 1 कार्ड रीडर
- 1 पेन ड्राइव
- OTG केबल और OTG एडाप्टर
इन सभी उपकरणों को तुरंत जब्त कर लिया गया है। इतनी भारी मात्रा में संचार उपकरणों का मिलना यह साफ संकेत देता है कि यह खतरनाक कैदी सलाखों के पीछे रहकर भी बाहरी दुनिया में लगातार सक्रिय था और अपने नेटवर्क को संचालित कर रहा था।
आखिर किससे संपर्क में था आतंकी आफताब अंसारी?
इस बड़ी बरामदगी के बाद अब देश की सुरक्षा एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर आफताब अंसारी जेल के अंदर से किन लोगों के साथ बातचीत कर रहा था? क्या वह सीमा पार पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं से संपर्क में था, या फिर भारत में ही किसी नई आतंकी या आपराधिक साजिश का ताना-बाना बुन रहा था? गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब आफताब अंसारी पर इस तरह के आरोप लगे हैं। इससे पहले भी उस पर जेल के अंदर से ही पाकिस्तान के कराची शहर में अपनी पत्नी से बातचीत करने के बेहद गंभीर आरोप लग चुके हैं।
अपराध और आतंक का लंबा इतिहास
आफताब अंसारी का आपराधिक रिकॉर्ड बेहद संगीन रहा है। वह सिर्फ 2002 के अमेरिकन सेंटर हमले का ही मास्टरमाइंड नहीं है, बल्कि उसने देश की सुरक्षा को चुनौती देने वाली कई अन्य वारदातों को भी अंजाम दिया है। मशहूर खादिम शू कंपनी के मालिक पार्थ रॉय बर्मन के सनसनीखेज अपहरण कांड में भी उसका सीधा हाथ था। इसके अलावा, गुजरात में बड़े पैमाने पर अवैध हथियारों और गोला-बारूद की तस्करी के नेटवर्क को चलाने के पीछे भी आफताब अंसारी का ही नाम सामने आया था।
हेस्टिंग्स थाने में प्राथमिकी दर्ज, अंदरूनी मिलीभगत की जांच शुरू
इस गंभीर सुरक्षा चूक के सामने आने के बाद तुरंत कार्रवाई की गई है। कोलकाता के हेस्टिंग्स पुलिस थाने में कल देर रात आरोपी आतंकवादी आफताब अंसारी और जेल के भीतर इन उपकरणों को पहुंचाने में मदद करने वाले अज्ञात सहयोगियों के खिलाफ एक प्राथमिकी यानी FIR दर्ज कराई गई है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस मामले की बेहद गहराई से जांच कर रही हैं। जांच का एक मुख्य पहलू यह भी है कि क्या जेल प्रशासन के ही किसी कर्मचारी या सुरक्षाकर्मी ने इस संवेदनशील सामग्री को अंदर पहुंचाने में आफताब की मदद की थी। अधिकारियों का कहना है कि जो भी इस साजिश में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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