अंबाला में डेंगू का नया संकट: कम जोखिम वाले इलाकों में भी क्यों बढ़ रहे मामले?

अब डेंगू सिर्फ मानसून तक सीमित नहीं रहा। बदलते मौसम और बढ़ते तापमान के चलते गर्मियों में भी इसके मामले सामने आ रहे हैं, और जिन क्षेत्रों को पहले सुरक्षित माना जाता था वहां भी खतरा दिखने लगा है।

बारिश का मौसम जहां राहत लेकर आता है, वहीं अपने साथ कई परेशानियां भी ले आता है। इन्हीं में से एक है डेंगू का बढ़ता खतरा, जो अब अभी से सिर सिर उठाने लगा है। पहले इसे केवल मानसून से जुड़ी बीमारी माना जाता था, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं।

अब सिर्फ मानसून की बीमारी नहीं रहा डेंगू

बदलते मौसम और लगातार बढ़ते तापमान के कारण डेंगू अब साल के किसी भी समय अपना असर दिखा सकता है। यही वजह है कि गर्मियों के दौरान भी इसके मामले सामने आने लगे हैं, जबकि पहले इस मौसम में इसका जोखिम बेहद कम समझा जाता था।

बारिश और उमस से बढ़ती मच्छरों की पैदावार

अंबाला के चिकित्सक डॉ. सुनील हरि के अनुसार, बारिश और उमस के माहौल में डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के पनपने की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। नमी भरे वातावरण में मच्छरों को प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियां मिल जाती हैं, जिससे संक्रमण का दायरा तेजी से फैलता है।

जलवायु परिवर्तन ने बढ़ाया जोखिम

डॉ. सुनील बताते हैं कि जलवायु परिवर्तन और निरंतर चढ़ता तापमान भी डेंगू के खतरे को और गहरा कर रहा है। इसी का नतीजा है कि अब उन इलाकों में भी डेंगू के मरीज मिलने लगे हैं, जिन्हें कभी कम जोखिम वाला क्षेत्र माना जाता था।

https://hindi.news18.com/news/haryana/ambala-how-increases-dengue-rain-and-humidity-ambala-dr-sunil-hari-local18-10545956.html