मानसून में क्यों बढ़ गई गुड़हल के पौधों की मांग, जानिए क्या है इसके पीछे की वजह

मानसून के आगमन के साथ ही नर्सरियों में गुड़हल के पौधों की बिक्री में भारी उछाल देखा जा रहा है। जानिए क्यों यह मौसम गुड़हल के लिए सबसे बेहतरीन माना जाता है।

मानसून और गार्डनिंग का खास कनेक्शन

जैसे ही बारिश का मौसम दस्तक देता है, बागवानी के शौकीन लोगों की सक्रियता बढ़ जाती है। इस दौरान नर्सरियों में पौधों की खरीद को लेकर भारी भीड़ देखने को मिलती है। मानसून के मौसम में सबसे अधिक मांग यदि किसी पौधे की है, तो वह गुड़हल का फूल है। लोग अपने घरों के बगीचों और बालकनियों को इन खूबसूरत फूलों से सजाने के लिए खासी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

पौधों की ग्रोथ के लिए अनुकूल वातावरण

बारिश के मौसम में तापमान में गिरावट और हवा में मौजूद नमी गुड़हल के पौधे के विकास के लिए बेहद अनुकूल मानी जाती है। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि बारिश का पानी और वातावरण में मौजूद नमी पौधे की ग्रोथ के लिए प्राकृतिक टॉनिक का काम करते हैं। यही वजह है कि मानसून के दिनों में गुड़हल के पौधे न केवल तेजी से बढ़ते हैं, बल्कि उन पर फूलों की संख्या में भी जबरदस्त इजाफा देखने को मिलता है।

घर में लगाने के आसान तरीके

गुड़हल का पौधा लगाना काफी सुविधाजनक है। यदि आपके पास घर के बाहर पर्याप्त जमीन उपलब्ध है, तो आप इसे सीधे जमीन में रोप सकते हैं। वहीं, शहरी घरों में रहने वाले लोग जिनके पास खुली जगह की कमी है, वे इसे गमले में भी आसानी से लगा सकते हैं। इसे गमले में भी अच्छी देखभाल के साथ भरपूर फूल दिए जा सकते हैं।

पूजा में उपयोग और प्राथमिकता

गुड़हल की मांग बढ़ने का एक प्रमुख कारण धार्मिक महत्व भी है। कई लोग अपने घर के परिसर में गुड़हल का पौधा इसलिए लगाना पसंद करते हैं, ताकि उन्हें रोजाना पूजा के लिए ताजे फूल उपलब्ध हो सकें। बाजार से फूल खरीदने की जगह घर में लगा पौधा हर दिन ताजी सामग्री मुहैया कराता है, जिसे लोग बेहद सुविधाजनक मानते हैं।

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