बीजिंग में हुई अहम मुलाकात
बीजिंग में भारत के एनएसए अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। यह दोनों देशों के बीच आयोजित 25वीं विशेष प्रतिनिधि स्तर की वार्ता थी। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच न केवल कूटनीतिक चर्चा हुई, बल्कि भविष्य के संबंधों को लेकर भी सकारात्मक रुख देखने को मिला।
साझेदारी पर डोभाल का बड़ा संदेश
बैठक के दौरान अजीत डोभाल ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि भारत और चीन एक-दूसरे के प्रतिद्वंद्वी नहीं हैं, बल्कि वे महत्वपूर्ण साझेदार हैं। उन्होंने वांग यी का हाथ थामकर आपसी सहयोग को नई दिशा देने का संकेत दिया। साल 2020 में गालवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में जो गहरी खटास आ गई थी, उसे अब काफी हद तक कम कर लिया गया है।
शांति और भविष्य की रणनीति
दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने सीमा पर हर हाल में शांति और स्थिरता बनाए रखने पर अपनी सहमति व्यक्त की है। वार्ता के समापन पर यह भी तय किया गया कि अगली यानी 26वीं बैठक का आयोजन साल 2027 में भारत में किया जाएगा। यह मुलाकात संकेत देती है कि दोनों एशियाई दिग्गज आने वाले समय में अपने विवादों को पीछे छोड़कर आर्थिक और कूटनीतिक साझेदारी को प्राथमिकता दे सकते हैं।
https://hindi.news18.com/world/china-nsa-ajit-doval-announces-26th-special-representative-meeting-in-india-for-2027-during-india-china-border-talk-with-wang-yi-10781426.html