दिल्ली पुलिस का बड़ा प्रहार: लॉरेंस बिश्नोई गैंग का गुर्गा अमरजीत गिरफ्तार, 2 करोड़ की रंगदारी का था मामला

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने लॉरेंस बिश्नोई और रणदीप मलिक गिरोह के सदस्य अमरजीत उर्फ अमर को धर दबोचा है। आरोपी ने एक व्यवसायी से क्रिप्टोकरेंसी के जरिए 2 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी।

गिरफ्तारी की बड़ी कामयाबी

राजधानी दिल्ली में संगठित अपराध और वसूली के गिरोहों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की द्वारका स्थित डब्ल्यूआर-2 यूनिट ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई और रणदीप मलिक गैंग से ताल्लुक रखने वाले एक कुख्यात आरोपी अमरजीत उर्फ अमर (40) को गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से कानून की गिरफ्त से दूर था। उसे रानी बाग क्षेत्र से तकनीकी निगरानी और जमीनी खुफिया जानकारी के आधार पर पकड़ा गया है। अमरजीत पर आरोप है कि उसने एक स्थानीय व्यवसायी को जान से मारने की धमकी देकर 2 करोड़ रुपये की भारी-भरकम रंगदारी की मांग की थी।

व्हाट्सएप के जरिए धमकी और क्रिप्टोकरेंसी का जाल

इस मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि पीड़ित ने इस संबंध में मौर्य एन्क्लेव थाने में एफआईआर संख्या 112/2026 दर्ज कराई थी। एफआईआर में बीएनएस की धारा 308(3) के तहत गंभीर आरोप लगाए गए थे। पीड़ित के मुताबिक, उसे अनजान नंबर से व्हाट्सएप कॉल और मैसेज मिले थे। आरोपी ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के रणदीप मलिक का करीबी बताकर व्यवसायी को डराया और 2 करोड़ रुपये की फिरौती न देने पर पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी दी। जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि आरोपी ने पैसे ऐंठने के लिए व्यवसायी को एक पेमेंट लिंक भी भेजा था, ताकि वह रंगदारी की रकम क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से सुरक्षित तरीके से प्राप्त कर सके।

ऑपरेशन और पुलिस की दबिश

आरोपी की धरपकड़ के लिए डीसीपी क्राइम ब्रांच हर्ष इंदौरा और एसीपी राजपाल डबास के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम बनाई गई थी। इस टीम में इंस्पेक्टर सतीश मलिक, एसआई प्रदीप दहिया, हेड कांस्टेबल अजय और आजाद सिंह शामिल थे। खुफिया जानकारी मिलने पर पुलिस ने मुल्तानी मोहल्ला, रानी बाग में घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही अमरजीत ने भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने फुर्ती दिखाते हुए उसे दबोच लिया। ज्ञात हो कि अमरजीत की अंतरिम जमानत याचिका दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा पहले ही खारिज की जा चुकी थी। उसके खिलाफ बीएनएसएस की धारा 84 के तहत कानूनी कार्यवाही जारी थी और अंततः उसे धारा 35(1)(b) बीएनएसएस के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है।

शराब तस्करी से अपराध की दुनिया तक

उत्तर-पश्चिम दिल्ली के त्रिनगर निवासी अमरजीत ने 10वीं कक्षा तक पढ़ाई की है। अपने शुरुआती दिनों में वह करोल बाग के मोबाइल बाजार में काम करता था, लेकिन धीरे-धीरे वह अवैध शराब तस्करी जैसे गलत कामों में लिप्त हो गया। कानून के शिकंजे में आने के बाद से वह लगातार फरार चल रहा था। गौरतलब है कि लॉरेंस बिश्नोई का नाम हत्या, जानलेवा हमले और फिरौती जैसे कई बड़े मामलों में शामिल है। वर्तमान में लॉरेंस जेल में बंद होने के बावजूद अपने गैंग के शूटर्स के जरिए अपराध का अपना काला साम्राज्य चला रहा है।

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