पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी PoK में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। इस संकटपूर्ण स्थिति को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आवाजें उठने लगी हैं। अब 70 से अधिक ब्रिटिश सांसदों ने इस पूरे मामले को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है और संयुक्त राष्ट्र (UN) से इस गंभीर मुद्दे पर तुरंत दखल देने की अपील की है।
ब्रिटिश सांसदों ने UN से की तत्काल हस्तक्षेप की मांग
PoK में गहराते मानवीय संकट और सुरक्षा व्यवस्था की बदहाली को देखते हुए ब्रिटिश सांसदों ने सक्रिय रुख अपनाया है। सांसदों का मानना है कि क्षेत्र में शांति बहाल करने और आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय का आगे आना बेहद जरूरी हो गया है। इसी सिलसिले में उन्होंने UN से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग उठाई है ताकि वहां की जनता को राहत मिल सके और स्थिति को बेकाबू होने से बचाया जा सके।
सांसदों की मुख्य मांगें
ब्रिटिश सांसदों ने इस संकट के समाधान के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदु रेखांकित किए हैं और इन पर तुरंत कदम उठाने की मांग की है:
- क्षेत्र में जारी हिंसा को तुरंत रोका जाए ताकि सामान्य जनजीवन पटरी पर लौट सके।
- हिंसा के दौरान हुई मौतों और घायलों के मामलों की पूरी निष्पक्षता के साथ जांच कराई जाए।
- बंद पड़ी इंटरनेट और संचार सेवाओं को तुरंत बहाल किया जाए ताकि लोग बाहरी दुनिया और अपने प्रियजनों से संपर्क कर सकें।
- भोजन, राशन और जरूरी दवाइयों जैसी बुनियादी चीजों की निर्बाध आपूर्ति हर हाल में सुनिश्चित की जाए।
- अवैध और मनमाने ढंग से लोगों को हिरासत में लेने या गिरफ्तार करने की प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाई जाए।
- मामले के शांतिपूर्ण और स्थाई समाधान के लिए एक गंभीर राजनीतिक बातचीत का दौर शुरू किया जाए।
सिर्फ बयानों से नहीं सुधरेंगे हालात
सांसदों ने साफ तौर पर कहा है कि PoK में स्थिति को सामान्य बनाने के लिए केवल औपचारिक बयानों से काम नहीं चलने वाला है। वहां जमीनी स्तर पर सुधार लाने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से निरंतर और ठोस प्रयास किए जाने की अत्यंत आवश्यकता है। जब तक वैश्विक स्तर पर इस संकट को लेकर लगातार कोशिशें नहीं की जाएंगी, तब तक वहां के नागरिकों की सुरक्षा और बुनियादी अधिकार खतरे में ही बने रहेंगे।
https://hindi.news18.com/world/pakistan-why-around-70-british-mps-british-mps-raise-pok-crisis-at-un-press-urgent-action-on-pakistan-10772598.html