जयपुर में रिश्तों का कत्ल
जयपुर के सांगानेर सदर थाना क्षेत्र से एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। एक घर के भीतर 75 वर्षीय बुजुर्ग जगदीश जाट की निर्मम हत्या कर दी गई। हत्या का यह मामला सामान्य नहीं था, क्योंकि बुजुर्ग का शरीर क्षत-विक्षत अवस्था में प्लास्टिक के कट्टे में मिला। हैरानी की बात यह है कि इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने वाले कोई बाहरी नहीं, बल्कि मृतक की अपनी पत्नी सजना देवी और बेटा सवाईराम जाट निकले। ये दोनों ही आरोपी पहले से ही एक अन्य हत्याकांड में नामजद रहे हैं।
घटना का खुलासा और पुलिस की कार्रवाई
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब 20 अगस्त की तड़के करीब 3:30 बजे एक टैक्सी चालक ने पुलिस को सूचना दी। आरोपी सवाईराम ने शव के टुकड़ों को ठिकाने लगाने के लिए टैक्सी बुलाई थी, लेकिन प्लास्टिक के कट्टे से उठ रही तीव्र दुर्गंध ने टैक्सी चालक के मन में संदेह पैदा कर दिया। उसने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सतर्क किया। सांगानेर सदर थानाधिकारी कमलेश कुमार शर्मा की टीम ने तत्परता दिखाते हुए पानी की टंकी के पास स्थित एक खाली प्लॉट की झाड़ियों से वह प्लास्टिक का कट्टा बरामद किया। कट्टा खोलने पर पुलिस भी हैरान रह गई, क्योंकि उसमें जगदीश जाट का शव टुकड़ों में बंद था। शव की हालत देखकर साफ था कि वारदात को कुछ दिन पहले अंजाम दिया गया था।
पूछताछ में खुला राज
पुलिस ने जब इस मामले में जांच शुरू की और पीड़ित के परिजनों से पूछताछ की, तो मृतक की पत्नी 70 वर्षीय सजना देवी और 40 वर्षीय बेटे सवाईराम के व्यवहार में काफी घबराहट देखी गई। पुलिस उपायुक्त-दक्षिण राजर्षि राज वर्मा के निर्देशन में जब दोनों से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उन्होंने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया। उन्होंने बताया कि जगदीश जाट अत्यधिक शराब का सेवन करते थे और आए दिन घर में झगड़ा व मारपीट करते थे। इस रोज-रोज की कलह से आजिज आकर मां और बेटे ने उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश रची।
हत्या का खौफनाक तरीका
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि 18 अगस्त की शाम को जब जगदीश शराब के नशे में घर पहुंचे, तो विवाद बढ़ गया। इस दौरान पत्नी सजना देवी और बेटे सवाईराम ने मिलकर पहले बुजुर्ग का गला घोंटा। जब गला दबाने के बाद भी उनकी सांसें नहीं रुकीं, तो उन्होंने कुल्हाड़ी, चाकू और दांतली का उपयोग किया। सवाईराम ने बहुत ही बेरहमी के साथ शव के टुकड़े किए। बेटा पूरी रात लाश के साथ घर में रहा और उसे ठिकाने लगाने की योजना बनाता रहा। उसने रसोई के औजारों का उपयोग करके अंगों को अलग-अलग किया ताकि लाश को आसानी से कहीं फेंका जा सके।
बहू की हत्या का पुराना कनेक्शन
जांच में जो सबसे चौंकाने वाली बात सामने आई, वह यह है कि यह परिवार पहले भी एक जघन्य अपराध में शामिल रहा है। वर्ष 2024 में टोंक जिले के पचेवर थाना क्षेत्र में अपनी ही बहू की हत्या के आरोप में पूरा परिवार जेल गया था। उस मामले में मृतक जगदीश, उसकी पत्नी सजना देवी और दोनों बेटे सवाईराम व रामअवतार आरोपी बनाए गए थे। इस संगीन मामले में जमानत मिलने के बाद वे करीब चार महीने पहले ही बाहर आए थे। हालांकि, बड़ा बेटा रामअवतार अभी भी जेल में बंद है, लेकिन बाहर आए मां-बेटे ने फिर से खून की होली खेल दी।
पुलिस की सतर्कता और भविष्य की जांच
जयपुर पुलिस अब इस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। सांगानेर सदर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और अब उनसे गहन पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस वारदात में कोई और भी शामिल था या नहीं। कैब चालक की समय पर दी गई सूचना ने इस अंधे कत्ल की परतें समय रहते खोल दीं, अन्यथा शव के टुकड़ों को ठिकाने लगाकर आरोपी पुलिस की पहुंच से दूर हो सकते थे। इलाके में इस वारदात के बाद से दहशत का माहौल है और लोग यह चर्चा कर रहे हैं कि किस तरह जमानत पर बाहर आए लोग फिर से इतने बड़े अपराध में लिप्त हो गए। पुलिस ने अब साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और दोनों आरोपियों को जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा।
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