मोदी का कांग्रेस पर तीखा हमला: 'अराजकता में अवसर ढूंढ रही है विपक्ष की राजनीति'

सूरत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वह निराशा फैलाकर अपना वजूद बचाना चाहती है, जबकि देश आत्मनिर्भरता और विकास की राह पर तेज़ी से बढ़ रहा है। अर्थव्यवस्था की मज़बूती और विदेशी निवेशकों को दी गई कर राहत ने भी इन दावों को बल दिया।

सूरत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस निराशावादी सोच रखती है और अराजकता में अपने लिए अवसर तलाश रही है। मोदी के मुताबिक कांग्रेस आत्मनिर्भर भारत का उपहास उड़ाती है और चुनाव जीतने में नाकाम रहने के कारण अनिश्चितता और अव्यवस्था फैलाकर अपना अस्तित्व बचाना चाहती है, मगर अब यह रणनीति कामयाब नहीं होगी। उन्होंने कहा कि देश नकारात्मकता के दौर को पीछे छोड़ चुका है, भारत के लोग सपनों और संकल्पों से भरे हुए हैं और अगर दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो विकसित और आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य पाना नामुमकिन नहीं है।

प्रधानमंत्री का संदेश एकदम स्पष्ट था। उन्होंने कहा कि देश के लोग अगर दो कदम बढ़ें तो सरकार तीन कदम चलने को तैयार है, उन्हें न रुकना मंज़ूर है और न थकना। मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को देश की तरक्की रास नहीं आती। उन्होंने कहा कि जनता को भाजपा पर भरोसा है, यही वजह है कि देशभर में पार्टी चुनाव जीत रही है और बंगाल के चुनाव नतीजे इसका सबसे ताज़ा प्रमाण हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के कुशासन से जनता खफा है, इसलिए उसे कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदलना पड़ा।

नकारात्मकता की राजनीति पर प्रहार

कांग्रेस नेता राहुल गांधी बीते कई दिनों से देश की अर्थव्यवस्था को लेकर लगातार नकारात्मक बयान दे रहे हैं। वे दावा कर रहे हैं कि आर्थिक सुनामी आने वाली है और मोदी का मेड इन इंडिया अभियान असफल हो गया है। राहुल की नज़र में देश में कुछ भी ठीक नहीं चल रहा। आलोचकों का कहना है कि वे चाहते हैं कि नौजवान सड़कों पर उतरें और देश में अराजकता का माहौल बने ताकि कांग्रेस को राजनीतिक लाभ मिल सके। इसी पृष्ठभूमि में मोदी ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया और उसकी निराशावादी मानसिकता का ज़िक्र किया। प्रधानमंत्री की बातें महज़ दावे भर नहीं थीं, आत्मनिर्भर भारत की झलक गुजरात में साफ़ नज़र आई।

मोदी ने लार्सन एंड टुब्रो कंपनी के प्लांट का दौरा किया। इस प्लांट में एलएंडटी, डीआरडीओ के साथ मिलकर हल्के टैंक, यूएवी और दुश्मन के ड्रोन्स को नष्ट करने वाले हथियार तैयार कर रही है। हजीरा के इस संयंत्र में प्रधानमंत्री ने ज़ोरावर लाइट बैटल टैंक और के-9 वज्र सेल्फ-प्रोपेल्ड हॉविट्ज़र देखा। इसके साथ ही उन्होंने एंटी ड्रोन वारफेयर में काम आने वाले स्वदेशी हथियार तेजस्त्र और तीर यूएवी का भी अवलोकन किया।

अगर अर्थव्यवस्था मज़बूत है, तो गुमराह कौन कर रहा है?

भारतीय रिज़र्व बैंक ने शुक्रवार को कहा कि देश की अर्थव्यवस्था मज़बूत है और सभी मानदंड दुरुस्त हैं। बैंक के मुताबिक ईरान युद्ध का भारत की वृद्धि दर पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। बैंक ने बताया कि भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.9 के बजाय 6.6 प्रतिशत रहेगी। शुक्रवार को ही सरकार ने विदेशी पूंजी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया। अब विदेशी निवेशकों को भारत में हुई कमाई के ब्याज पर इनकम टैक्स नहीं चुकाना होगा। इसके अलावा अगर विदेशी निवेशक सरकारी बॉन्ड में पैसा लगाते हैं तो उन पर कैपिटल गेन्स टैक्स भी नहीं लगेगा। इसके लिए सरकार ने अध्यादेश जारी कर दिया है।

अब तक विदेशी निवेशकों को अपने निवेश पर मिलने वाले ब्याज पर 20 परसेंट टैक्स देना पड़ता था, जिसे अब समाप्त कर दिया गया है। जो विदेशी निवेशक भारत के शेयर बाज़ार और बॉन्ड्स में एक साल से ज़्यादा समय के लिए पैसा लगाते थे, उन पर 12.5 परसेंट का कैपिटल गेन्स टैक्स लागू होता था, सरकार ने इसे भी हटा दिया है। इसकी वजह यह है कि पिछले पांच महीनों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक भारत के स्टॉक मार्केट से दो लाख 25 हज़ार करोड़ रुपए निकाल चुके हैं। फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स यानी एफपीआई ऐसे विदेशी निवेशक होते हैं जो भारत में शेयर मार्केट, म्युचुअल फंड और बॉन्ड्स में पूंजी लगाते हैं।

सरकार ने अब विदेशी निवेशकों को कैपिटल गेन्स टैक्स और इनकम टैक्स में राहत देने का फैसला किया है, जिससे दुनिया भर में भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर दिलचस्पी बढ़ने की उम्मीद है। अर्थव्यवस्था को लेकर जनता के बीच भ्रम फैलाने की कोशिशें भी हो रही हैं और इसका सबूत भी सामने आया। अमेरिकी मीडिया हाउस ब्लूमबर्ग ने अपनी वह खबर वापस ले ली जिसमें दावा किया गया था कि रिज़र्व बैंक ने मई में 12 अरब डॉलर का सोना बेच दिया। ब्लूमबर्ग ने आज माना कि उसकी यह रिपोर्ट गलत थी और गलत तथ्यों तथा गलत विश्लेषण पर आधारित थी।

ब्लूमबर्ग ने यह भी कहा कि डेटा एनालिसिस से स्पष्ट है कि रिज़र्व बैंक के पास मौजूद सोने के भंडार में हाल के महीनों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। सरकार और रिज़र्व बैंक ने ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट को भ्रामक और निराधार बताकर पहले ही खारिज कर दिया था। रिज़र्व बैंक ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में सोने के दाम बढ़े हैं, इसी वजह से भारत के गोल्ड रिज़र्व की कीमत भी करीब 64 परसेंट बढ़ गई है। आरबीआई ने कहा कि भारत का फॉरेन रिज़र्व भी पिछले साल की तुलना में 23 बिलियन डॉलर बढ़ा है, इसलिए भारत को सोना बेचने की ज़रूरत ही नहीं है।

नेतृत्व पर वैश्विक भरोसे की मुहर

ब्लूमबर्ग ने जिस तरह भारत के सोना बेचने की झूठी खबर छापी और फिर उसे वापस लिया, वह इस बात का प्रमाण है कि बेबुनियाद रिपोर्ट छापकर भारत को बदनाम करने की कोशिश की जाती है। दूसरी ओर आज ही अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने स्वीकार किया कि नरेंद्र मोदी एक सख्त नेता हैं और उनके साथ सौदा करना बेहद मुश्किल काम है। ट्रंप को लेकर कई बार यह प्रचारित करने की कोशिश हुई कि नरेंद्र मोदी उनके दबाव में आ जाते हैं, मगर इसका जवाब भी आज ही मिल गया। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि नरेंद्र मोदी एक ताकतवर और भरोसेमंद नेता हैं और उन पर कोई दबाव नहीं बना सकता, यह बात पश्चिमी देशों को अच्छी तरह समझ लेनी चाहिए।

https://www.indiatv.in/india/national/rajat-sharma-blog-opportunity-in-anarchy-why-modi-lashed-out-at-congress-2026-06-06-1223403