कोटा के बोरखेड़ा थाना क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक चंद्रेसल मठ शुक्रवार देर रात एक सनसनीखेज वारदात का गवाह बना। मठ के महंत देवानंद महाराज पर अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियार से हमला कर उनकी हत्या कर दी। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया और साधु-संत समाज तथा ग्रामीणों में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है।
कैसे हुई वारदात
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार देर रात कुछ अज्ञात बदमाश चंद्रेसल मठ परिसर में घुस आए। उस समय महंत देवानंद महाराज और नंदनवन महाराज अपने-अपने कमरों में विश्राम कर रहे थे। आरोप है कि हमलावरों ने सबसे पहले नंदनवन महाराज को कमरे में बंद किया और इसके बाद देवानंद महाराज पर धारदार हथियार से हमला बोल दिया।
इस हमले में महंत की गर्दन और पीठ पर गंभीर चोटें आईं, जिसके चलते उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात की खबर फैलते ही मठ परिसर में लोगों की भीड़ जुट गई और पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
1100 साल पुराने मठ से जुड़ा मामला
देवानंद महाराज मूल रूप से सवाई माधोपुर जिले के रजवाना गांव के रहने वाले थे। वे बीते चार वर्षों से चंद्रेसल मठ में रहकर धार्मिक गतिविधियों का संचालन कर रहे थे। बताया जा रहा है कि यह मठ करीब 1100 वर्ष पुराना है और क्षेत्र में इसका विशेष धार्मिक महत्व है।
घटना के बाद साधु-संत समाज और ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। लोगों ने आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग उठाई है।
हर एंगल से जांच में जुटी पुलिस
सूचना मिलते ही सिटी एसपी सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। एफएसएल टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस आसपास के लोगों और ग्रामीणों से पूछताछ कर मामले की कड़ियां जोड़ने में लगी है।
फिलहाल हत्या के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और जल्द ही वारदात का खुलासा करने की कोशिश की जा रही है।
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