पाकिस्तान को ट्रंप की तारीफ का मिला 'AI इनाम', कंगाली के बीच गूगल ने शुरू किया नया दफ्तर

पाकिस्तान सरकार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रशंसा करने के बाद गूगल के नए दफ्तर और फ्री सब्सक्रिप्शन को बड़ी उपलब्धि बता रही है, जबकि देश की बदहाल अर्थव्यवस्था पर इनका कोई असर नहीं दिख रहा है।

गूगल का नया कदम और सरकारी दावा

शहबाज शरीफ की सरकार इन दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जमकर तारीफ कर रही है। इसी के बीच गूगल ने पाकिस्तान में अपना नया दफ्तर खोलने का ऐलान किया है। इतना ही नहीं, गूगल ने पाकिस्तान के छात्रों को 1 साल के लिए Gemini का सब्सक्रिप्शन मुफ्त देने की घोषणा की है। पाक सरकार इसे अपनी एक बड़ी कूटनीतिक जीत करार दे रही है और इस खबर को जोर-शोर से प्रचारित किया जा रहा है।

अर्थव्यवस्था के असल हालात

सरकारी दावों के उलट अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी IMF की ओर से जारी ताजा आंकड़े पाकिस्तान की खस्ताहाल अर्थव्यवस्था की तस्वीर साफ कर रहे हैं। देश के आर्थिक हालात इन आंकड़ों के सामने काफी कमजोर नजर आते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक स्थिति कुछ इस प्रकार है:

  • साल 2026 में पाकिस्तान की GDP ग्रोथ रेट महज 3.6% रहने का अनुमान जताया गया है।
  • देश में महंगाई की दर 7.2% के स्तर पर बनी हुई है।
  • पाकिस्तान का कुल कर्ज उसकी GDP के 70% तक पहुंच चुका है।

क्या यह कंगाली दूर कर पाएगा?

जानकारों का मानना है कि किसी बड़ी अमेरिकी कंपनी का यह विस्तार पाकिस्तान के गहरे आर्थिक संकट, बढ़ते कर्ज और कंगाली के बोझ को कम करने में पूरी तरह नाकाम साबित होगा। एक तरफ जहां देश कर्ज के भारी दबाव में दबा हुआ है, वहीं गूगल जैसी कंपनी की तकनीकी सहायता आम जनता की बुनियादी जरूरतों या आर्थिक सुधारों के लिए नाकाफी है। सरकार इसे चाहे जितनी भी बड़ी कामयाबी बताए, लेकिन जमीनी हकीकत पर इसका कोई सकारात्मक प्रभाव पड़ता नहीं दिख रहा है।

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