कोकर चौक पर धमाके से मची अफरा-तफरी
झारखंड की राजधानी रांची में मंगलवार की शाम उस समय दहशत का माहौल बन गया, जब कोकर चौक के पास एक जोरदार धमाका सुनाई दिया। इस धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इसके झटकों से आसपास की दुकानों और मकानों की खिड़कियों के शीशे पूरी तरह टूट गए। अचानक हुई इस घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना की पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और पूरे इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है।
पेट्रोल पंप के पास हुआ धमाका
मिली जानकारी के अनुसार, यह धमाका एक वायर गोदाम के बिल्कुल करीब स्थित पेट्रोल पंप के पास हुआ है। धमाके की गूंज और उसका असर पेट्रोल पंप परिसर तक साफ देखा जा सकता है। इस घटना में पेट्रोल पंप को काफी नुकसान पहुंचा है। बताया जा रहा है कि धमाके की वजह से पेट्रोल पंप का केबिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके अलावा, पेट्रोल पंप परिसर में बने बाथरूम, इलेक्ट्रॉनिक रूम और ऑफिस में भी धमाके का असर देखा गया है। फिलहाल, गनीमत रही कि इस घटना में किसी भी व्यक्ति के हताहत होने की कोई आधिकारिक खबर सामने नहीं आई है।
धमाके की सटीक वजह का पता लगाने में जुटी पुलिस
धमाके के कारणों को लेकर अब तक कोई भी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ पाई है। पुलिस फिलहाल कई पहलुओं से मामले की छानबीन कर रही है। शुरुआती सूचनाओं और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि यह धमाका पेट्रोल पंप के एग्जॉस्ट फैन में अचानक तकनीकी खराबी के चलते हुआ है। एग्जॉस्ट फैन फटने से हुए इस धमाके ने सबको हैरान कर दिया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि घटना का सटीक कारण पता चल सके।
सुरक्षा के लिए बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस के साथ-साथ झारखंड जगुआर के बम निरोधक दस्ते को भी मौके पर बुलाया गया है। एहतियात के तौर पर पूरे इलाके की तलाशी ली जा रही है ताकि किसी भी तरह के खतरे की संभावना को खत्म किया जा सके। विशेषज्ञों की टीम बारीकी से घटनास्थल की जांच कर रही है।
बड़ी दुर्घटना टली
धमाके की इस घटना को लेकर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह धमाका पेट्रोल पंप के मुख्य टैंकों के और अधिक करीब होता, तो स्थिति बेहद भयावह हो सकती थी। पेट्रोल पंप एक अति ज्वलनशील क्षेत्र माना जाता है, जहां जमीन के नीचे हजारों लीटर पेट्रोल और डीजल का भंडारण होता है। जरा सी भी लापरवाही या बड़ी चिंगारी बड़े पैमाने पर तबाही मचा सकती थी। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की प्राथमिकता इस बात का पता लगाने की है कि आखिर ऐसी तकनीकी खामी कैसे हुई जिससे इतना जोरदार धमाका हुआ और लोगों की सुरक्षा को खतरे में डाला गया।
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