ड्रग्स नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो यानी NCB ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए विदेशी नागरिकों द्वारा संचालित एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क को बेनकाब किया है। इस संयुक्त अभियान के दौरान जांच एजेंसियों ने भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए हैं। बरामद की गई सामग्री में 14.787 किलो एम्फेटामाइन, 67.840 किलो स्यूडोएफेड्रिन, 318 ग्राम कोकीन और 6 ग्राम हेरोइन शामिल है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी कुल कीमत करीब 15 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह पूरी कार्रवाई उत्तर प्रदेश एसटीएफ द्वारा दी गई गुप्त सूचनाओं के आधार पर अंजाम दी गई। 18 जुलाई 2026 को दिल्ली के खानपुर स्थित राजू पार्क में NCB और यूपी एसटीएफ ने साझा छापेमारी की। इस दौरान 5.087 किलो एम्फेटामाइन जब्त किया गया और नाइजीरिया के नागरिक ओबासे प्रोस्पर ओगबोरोन्जोर को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी का मेडिकल वीजा जून 2023 में ही खत्म हो गया था, जिसके बावजूद वह भारत में अवैध रूप से रह रहा था। इतना ही नहीं, यह व्यक्ति यूपी एसटीएफ द्वारा करीब 68 लाख रुपये के साइबर धोखाधड़ी मामले में भी वांछित था।
छापेमारी के दौरान भागने की कोशिश
इस नेटवर्क की कड़ियां जोड़ते हुए जांच एजेंसियों ने 21 जुलाई को गुरुग्राम के हंस एन्क्लेव में छापा मारा। वहां से 9.7 किलो एम्फेटामाइन और 67.84 किलो स्यूडोएफेड्रिन की बड़ी खेप पकड़ी गई। यहां से नाइजीरियाई नागरिक अबुची जॉर्ज ओकोरी को गिरफ्तार किया गया। पता चला कि आरोपी का मेडिकल अटेंडेंट वीजा जून 2015 में ही समाप्त हो चुका था। जांच का दायरा बढ़ाते हुए 3 अगस्त को दिल्ली के महरौली में कार्रवाई की गई, जहां से कोकीन और हेरोइन बरामद हुई। यहां उचेन्ना स्टीफन न्वांको और चिकीजी जोशुआ इग्वे नामक दो नाइजीरियाई नागरिकों को पकड़ा गया। ये दोनों आरोपी 13 वर्षों से अधिक समय से भारत में बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे थे। कार्रवाई के दौरान एक अफ्रीकी महिला ने पकड़े जाने के डर से बालकनी से छलांग लगा दी। वह इस हादसे में घायल हो गई है और उसका उपचार चल रहा है, साथ ही उसकी पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
ऑपरेशन त्रिनेत्र की रूपरेखा
NCB अब अवैध रूप से रह रहे विदेशियों और ड्रग तस्करी के बीच के संबंधों को पूरी तरह खत्म करने के लिए सितंबर 2026 के पहले सप्ताह से ऑपरेशन त्रिनेत्र शुरू करने जा रही है। दो सप्ताह तक चलने वाले इस देशव्यापी अभियान में राज्य पुलिस और इमिग्रेशन विभाग के अधिकारी भी सहयोग करेंगे। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य विदेशी नागरिकों के वीजा और इमिग्रेशन स्टेटस की गहन जांच करना है। इस संदर्भ में यह भी उल्लेखनीय है कि हाल ही में जानकारी सामने आई थी कि मुंबई पुलिस ने पिछले 4 वर्षों के भीतर 10,866 किलोग्राम ड्रग्स जब्त किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 6,738 करोड़ रुपये से अधिक है।
NCB की आगे की रणनीति
NCB केवल ड्रग्स की बरामदगी तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि उसका लक्ष्य इस पूरे तस्करी नेटवर्क और उसे बढ़ावा देने वाले कारकों को जड़ से उखाड़ना है। एजेंसी ने होटल संचालकों, गेस्ट हाउस मालिकों और मकान मालिकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे विदेशी नागरिकों के ठहरने संबंधी सभी कानूनी जानकारियां समय रहते संबंधित विभाग को दें। NCB का मानना है कि विदेशी नागरिकों के अवैध प्रवास पर कड़ी निगरानी रखना न केवल इमिग्रेशन नियमों के पालन के लिए जरूरी है, बल्कि यह संगठित अपराध और ड्रग तस्करी के खतरे को रोकने के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।
https://www.indiatv.in/delhi/ncb-busted-international-drug-trafficking-network-linked-to-foreign-nationals-huge-quantity-of-drugs-seized-2026-08-18-1238068