रामपुर के टीकाराम ने 7 बीघा में लगाई भावना-285 मिर्च, हर 15 दिन तुड़ाई से लाखों की कमाई

रामपुर की स्वार तहसील के किसान टीकाराम ने अपने 7 बीघा खेत में भावना-285 हाइब्रिड मिर्च लगाई है, जिसकी हर 10 से 15 दिन में तुड़ाई होती है। प्रति बीघा करीब 10 बोरी उत्पादन के साथ यह फसल उन्हें लाखों रुपये का मुनाफा दे रही है।

मिर्च उन नकदी फसलों में गिनी जाती है जो किसान को एक ही बार नहीं, बल्कि कई महीनों तक कमाई का मौका देती है। अगर किस्म का चुनाव सही हो और फसल की देखभाल ठीक ढंग से की जाए तो बार-बार तुड़ाई लेकर अच्छा उत्पादन हासिल किया जा सकता है। यही वजह है कि रामपुर की स्वार तहसील के कई किसान पारंपरिक फसलों के साथ-साथ बड़ी संख्या में हाइब्रिड मिर्च की खेती कर रहे हैं।

रामपुर के किसान टीकाराम भी ऐसे ही किसानों में शामिल हैं। उन्होंने अपने 7 बीघा खेत में भावना-285 हाइब्रिड मिर्च लगाई है। किसान बताते हैं कि उन्होंने अक्टूबर महीने में इसकी रोपाई की थी और अब फसल से लगातार मिर्च निकल रही है। खेत से तैयार माल दिल्ली, मुंबई, काशीपुर और मुरादाबाद जैसी मंडियों तक भेजा जा रहा है।

भावना-285 की खासियत: लगातार तुड़ाई

टीकाराम के मुताबिक भावना-285 की सबसे बड़ी विशेषता इसकी लगातार तुड़ाई है। एक बार पौधों पर मिर्च आनी शुरू हो जाए तो हर 10 से 15 दिन में तुड़ाई की जा सकती है। यही कारण है कि किसान को एक साथ नहीं, बल्कि लंबे समय तक आमदनी मिलती रहती है।

यह एक अगेती हाइब्रिड किस्म मानी जाती है। इसकी पहली तुड़ाई आमतौर पर रोपाई के 90 से 95 दिन बाद शुरू हो जाती है। इसके पौधे मध्यम ऊंचाई के, मजबूत और अच्छी शाखाओं वाले होते हैं, जबकि फल गहरे हरे रंग के, लंबे और वजनदार होते हैं। मिर्च का छिलका भी मजबूत होता है, इसलिए इसे दूर-दराज की मंडियों तक भेजने में ज्यादा परेशानी नहीं आती।

प्रति बीघा 10 बोरी उत्पादन

किसान बताते हैं कि इस मिर्च का स्वाद काफी तीखा होता है, जिसके चलते बाजार में इसकी मांग बनी रहती है। टीकाराम का कहना है कि उनके यहां प्रति बीघा करीब 10 बोरी तक उत्पादन निकल आता है। एक बोरी में लगभग 50 किलो मिर्च होती है। इस हिसाब से एक ही हार्वेस्टिंग से सारा खर्च निकालकर उन्हें 50 हजार से अधिक का मुनाफा हो जाता है और खास बात यह है कि यह फसल लंबे समय तक चलती रहती है।

किसान ने बताया कि इस समय उन्हें 10 से 15 रुपये प्रति किलो तक भाव मिल रहा है, जबकि अच्छे सीजन में उन्होंने यही मिर्च 25 से 30 रुपये प्रति किलो तक बेची है। उनके अनुसार भावना-285 किस्म पत्ती मरोड़ और लीफ कर्ल जैसी समस्याओं के प्रति अपेक्षाकृत सहनशील मानी जाती है। हालांकि अच्छी पैदावार के लिए समय पर सिंचाई, संतुलित खाद और कीट-रोग प्रबंधन जरूरी रहता है।

खेत की तैयारी कैसे करें

मिर्च की खेती शुरू करने से पहले खेत की अच्छी तैयारी करना भी जरूरी होता है। खेत की 2 से 3 बार जुताई कर मिट्टी को भुरभुरा बनाया जाता है। इसके बाद सड़ी हुई गोबर की खाद या कम्पोस्ट मिलाई जाती है। मिर्च की फसल के लिए ऐसी जमीन बेहतर मानी जाती है जहां पानी का ठहराव न हो, क्योंकि जलभराव होने पर पौधों की बढ़वार प्रभावित हो सकती है।

6 से 8 महीने तक उत्पादन

किसान का कहना है कि सही मौसम और उचित देखभाल मिलने पर भावना-285 जैसी हाइब्रिड मिर्च की फसल 6 से 8 महीने तक उत्पादन देती रहती है। इसी वजह से किसान एक बार फसल लगाने के बाद कई महीनों तक नियमित तुड़ाई लेते रहते हैं।

टीकाराम का मानना है कि अगर बाजार का भाव ठीक रहे और फसल की देखभाल समय पर की जाए तो मिर्च की खेती किसानों के लिए अच्छी आमदनी का जरिया बन सकती है और इससे होने वाला मुनाफा लाखों में पहुंच जाता है।

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