सुप्रीम कोर्ट ने दिए इलाज के आदेश
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट से एक बहुत बड़ी राहत मिली है। लंबे समय से अदियाला जेल में बंद इमरान खान की बिगड़ती सेहत को देखते हुए अदालत ने उन्हें इलाज के लिए जेल से बाहर निकालने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि इमरान खान को तुरंत किसी निजी अस्पताल में भर्ती कराया जाए। यह फैसला उनके समर्थकों और परिवार के लिए काफी सुखद माना जा रहा है।
इस्लामाबाद के अस्पताल में होगा इलाज
पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अपना आदेश जारी करते हुए कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री को इलाज के लिए इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल में शिफ्ट किया जाए। उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ यानी PTI ने अदालत के इस फैसले का स्वागत किया है। इमरान खान का परिवार और उनकी पार्टी लंबे समय से उनकी खराब सेहत को लेकर चिंता जाहिर कर रहे थे। गौरतलब है कि 73 वर्षीय इमरान खान अगस्त, 2023 से ही जेल में बंद हैं। उन्हें कई अलग-अलग कानूनी मामलों में सजा सुनाई गई है, हालांकि इमरान खान इन सभी आरोपों को राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा बताते रहे हैं और उन्होंने अपनी बेगुनाही का दावा किया है।
आंखों की रोशनी का गंभीर मसला
इमरान खान के वकीलों का कहना है कि जेल में बंद रहने के दौरान उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ा है। विशेष रूप से उनकी दाहिनी आंख की रोशनी को लेकर काफी चिंता जताई जा रही है, जो काफी प्रभावित हुई है। पिछले साल उनके बेटों ने भी इस बात पर गहरी चिंता जताई थी कि जेल में उनकी सेहत लगातार खराब होती जा रही है। मेडिकल रिपोर्ट्स में भी पहले यह दावा किया गया था कि उनकी आंखों की रोशनी लगभग जाने की स्थिति में है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अब तक समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई थी।
48 घंटे के भीतर अस्पताल में भर्ती होने का निर्देश
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि इमरान खान को 48 घंटे के भीतर शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में भर्ती कराया जाए। कोर्ट ने उन्हें 16 सितंबर तक अस्पताल में ही रखने का निर्देश दिया है। PTI के प्रवक्ता ने अदालत के इस फैसले को सही दिशा में उठाया गया कदम बताया है। हालांकि, पार्टी की ओर से यह मांग भी की गई है कि इमरान खान को अस्पताल में तब तक रखा जाना चाहिए, जब तक कि डॉक्टर उनकी सेहत को लेकर पूरी तरह संतुष्ट न हो जाएं और उन्हें पूर्णतः स्वस्थ न घोषित कर दें।
कानूनी लड़ाई और वर्तमान स्थिति
इमरान खान को 2022 में प्रधानमंत्री पद से हटाए जाने के बाद से ही कई कानूनी बाधाओं का सामना करना पड़ा है। उन पर सरकारी उपहारों के दुरुपयोग और कथित तौर पर गैर-कानूनी तरीके से शादी करने जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। हालांकि इनमें से कुछ मामलों में उनकी सजा या तो निलंबित हो चुकी है या फिर रद्द की जा चुकी है, लेकिन कई अपीलें अभी भी अदालतों में लंबित हैं। पाकिस्तान के कई हिस्सों में आज भी उनकी पार्टी PTI को भारी जनसमर्थन प्राप्त है। साल 2024 के आम चुनावों से ठीक पहले उनकी पार्टी का चुनाव चिह्न भी उनसे ले लिया गया था, जिसके चलते पार्टी के उम्मीदवारों को निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतरना पड़ा था।
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