झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं के लिए एक बेहद चौंकाने वाली और बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक और कड़ा फैसला लेते हुए JSSC CGL परीक्षा और इसके परिणामों को पूरी तरह से रद्द कर दिया है। इसके साथ ही, सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं के आयोजन से जुड़ी एजेंसी TDPL के माध्यम से आयोजित की गई सभी परीक्षाओं और बहालियों को भी निरस्त करने का निर्णय लिया गया है।
इस बड़े फैसले का सीधा असर उन 1975 अभ्यर्थियों पर पड़ेगा, जिनका चयन JSSC CGL के जरिए हो चुका था और जो अपनी सेवाएं दे रहे थे। अब इन सभी कर्मियों की नियुक्ति प्रभावित होगी और उनकी नौकरी समाप्त हो जाएगी। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आयोजित एक विशेष कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया। इसके अलावा, राज्य सरकार ने परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार के लिए एक नई विशेष कमेटी के गठन और वर्ष 2014 से लेकर अब तक आयोजित हुई सभी परीक्षाओं की व्यापक जांच कराने का भी आदेश दिया है।
कैबिनेट बैठक में लिए गए बड़े फैसले और उनकी वजह
झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता और पारदर्शिता को लेकर लंबे समय से सवाल उठ रहे थे। छात्रों और युवा संगठनों की ओर से लगातार आंदोलन किए जा रहे थे और परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर धांधली और अनियमितताओं के आरोप लगाए जा रहे थे। इसी पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय कैबिनेट बैठक आयोजित की गई, जिसमें राज्य के युवाओं के भविष्य और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से कई बड़े फैसले लिए गए।
सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, JSSC CGL परीक्षा और उसके परिणाम को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है। इसके अलावा, TDPL नामक एजेंसी के माध्यम से जितनी भी प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित की गई थीं, चाहे वे JPSC द्वारा आयोजित की गई हों या फिर किसी अन्य सरकारी विभाग द्वारा, उन सभी को रद्द करने का फैसला लिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह कड़ा कदम छात्रों के हितों की रक्षा और परीक्षा प्रणाली में लोगों का विश्वास बहाल करने के लिए उठाया गया है।
इस फैसले की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह केवल उन परीक्षाओं तक सीमित नहीं रहेगा जिनके परिणाम अभी प्रतीक्षित हैं या प्रक्रियाधीन हैं। सरकार के आदेश के मुताबिक, TDPL के माध्यम से आयोजित ऐसी तमाम परीक्षाएं भी इस रद्द करने के दायरे में आएंगी, जिनमें अभ्यर्थियों की नियुक्तियां पूरी हो चुकी हैं, वे काम कर रहे हैं या फिर उनके परिणाम घोषित किए जा चुके हैं। इसके साथ ही, राज्य में परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए साल 2014 से लेकर अब तक की सभी भर्ती परीक्षाओं की जांच कराने का ऐतिहासिक फैसला भी लिया गया है।
कौन-कौन सी परीक्षाएं आईं इस फैसले की जद में?
हेमंत सोरेन सरकार के इस फैसले से झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग यानी JSSC के माध्यम से आयोजित होने वाली कई महत्वपूर्ण परीक्षाएं सीधे तौर पर प्रभावित हुई हैं। रद्द होने वाली प्रमुख परीक्षाओं में निम्नलिखित शामिल हैं:
- 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (JPSC)
- संयुक्त सिविल सेवा बैकलॉग परीक्षा-2023
- संयुक्त सिविल सेवा बैकलॉग परीक्षा-2025
- झारखंड पात्रता परीक्षा (JET)
- वन क्षेत्र पदाधिकारी नियुक्ति परीक्षा
- सहायक वन संरक्षक नियुक्ति परीक्षा
सरकार ने साफ तौर पर कहा है कि यदि इन परीक्षाओं के तहत उम्मीदवारों की नियुक्ति हो भी चुकी है या फिर उनके अंतिम परिणाम जारी कर दिए गए हैं, तो भी उन्हें इस निरस्तीकरण के फैसले से कोई छूट नहीं मिलेगी। यानी इन सभी प्रक्रियाओं को नए सिरे से शुरू किया जाएगा।
JSSC CGL के जरिए होने वाली नियुक्तियों का पूरा गणित
JSSC CGL परीक्षा के जरिए राज्य सरकार के विभिन्न प्रशासनिक और महत्वपूर्ण विभागों में बड़े पैमाने पर नियुक्तियां की गई थीं। उपलब्ध सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस परीक्षा के माध्यम से कुल 1975 उम्मीदवारों का अंतिम रूप से चयन किया गया था। चयनित अभ्यर्थियों में खंड विकास पदाधिकारी, कनीय सचिवालय सहायक, कम प्रकार पदाधिकारी, पुलिस सब-इंस्पेक्टर, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी और अवर निरीक्षक सह खानपान जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल थे।
विभिन्न श्रेणियों के तहत चयनित उम्मीदवारों का विवरण इस प्रकार है:
- खंड विकास पदाधिकारी: इस पद के लिए कुल चयनित उम्मीदवारों में से सामान्य वर्ग से 343, ST वर्ग से 237, SC वर्ग से 271, EBC वर्ग से 43 और BC वर्ग से 83 अभ्यर्थी शामिल थे।
- कनीय सचिवालय सहायक: इस पद पर सामान्य वर्ग से 105, ST वर्ग से 88, SC वर्ग से 31, EBC वर्ग से 3 और BC वर्ग से 18 अभ्यर्थी चयनित हुए थे।
- कम प्रकार पदाधिकारी: इस पद के लिए सामान्य वर्ग के 66, ST वर्ग के 49, SC वर्ग के 19, EBC वर्ग के 28 और BC वर्ग के 18 अभ्यर्थियों का चयन किया गया था।
- पुलिस सब-इंस्पेक्टर: इस पद के लिए केवल EBC श्रेणी से 1 अभ्यर्थी का चयन हुआ था।
- प्रखंड कल्याण पदाधिकारी: इस पद पर सामान्य वर्ग के 77, ST वर्ग के 49, SC वर्ग के 19, EBC वर्ग के 15 और BC वर्ग के 12 अभ्यर्थियों का चयन हुआ था।
- प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी: इस पद के लिए सामान्य वर्ग से 66, ST वर्ग से 47, SC वर्ग से 24, EBC वर्ग से 19 और BC वर्ग से 17 अभ्यर्थी चयनित हुए थे।
- अवर निरीक्षक सह खानपान: इस पद पर सामान्य वर्ग के 72, ST वर्ग के 46, SC वर्ग के 19, EBC वर्ग के 11 और BC वर्ग के 17 उम्मीदवारों का चयन किया गया था।
कैबिनेट के इस ताजा फैसले के बाद, इन सभी श्रेणियों में चयनित कुल 1,975 लोगों की नियुक्तियां पूरी तरह से प्रभावित होंगी और उनकी सरकारी नौकरी समाप्त हो जाएगी। यह इन परिवारों के लिए एक बहुत बड़ा झटका है।
JSSC CGL की पूरी टाइमलाइन: कब और क्या-क्या हुआ?
JSSC CGL परीक्षा का सफर शुरुआत से ही विवादों और अड़चनों से भरा रहा है। साल 2023 से लेकर अब तक इस परीक्षा को लेकर कई बड़े घटनाक्रम हुए हैं। इसकी पूरी टाइमलाइन इस प्रकार है:
अक्टूबर 2023: परीक्षा का आयोजन और पेपर लीक विवाद
JSSC CGL परीक्षा का आयोजन पहली बार 18 अक्टूबर और 28 अक्टूबर 2023 को किया गया था। लेकिन परीक्षा शुरू होते ही तकनीकी खामियों और पेपर लीक के गंभीर आरोपों ने इसे घेर लिया। चौतरफा विरोध और धांधली के दावों के बाद प्रशासन को हरकत में आना पड़ा। इसके परिणामस्वरूप, 28 अक्टूबर को आयोजित हुई परीक्षा की तीसरी पाली को उसी दिन आधिकारिक तौर पर रद्द घोषित कर दिया गया। इसके बाद प्रशासन ने इस रद्द पाली की परीक्षा को दोबारा आयोजित करने का निर्णय लिया।
दिसंबर 2023: परीक्षा का अचानक स्थगित होना
इसके बाद सरकार और आयोग ने परीक्षा को सुचारू रूप से कराने के लिए 16 दिसंबर और 17 दिसंबर 2023 की तिथियां तय कीं। हालांकि, इन तारीखों पर भी परीक्षा नहीं हो सकी। परीक्षा से ठीक पहले, प्रश्न पत्रों और अन्य आवश्यक कागजातों से जुड़े तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए परीक्षा को अचानक स्थगित कर दिया गया, जिससे उम्मीदवारों में भारी निराशा फैली।
जनवरी 2024: फिर परीक्षा और फिर वही विवाद
काफी इंतजार के बाद एक बार फिर परीक्षा का आयोजन 28 जनवरी 2024 को किया गया। लेकिन विवादों ने इस बार भी परीक्षा का पीछा नहीं छोड़ा। परीक्षा के दौरान हुई स्क्रूटनी और उम्मीदवारों की ओर से दर्ज कराई गई आपत्तियों के दौरान पेपर लीक का मामला एक बार फिर सामने आ गया। इसके बाद आयोग ने सख्त कदम उठाते हुए इस परीक्षा की तीसरी पाली को पुनः रद्द कर दिया।
फरवरी 2024: पुनः परीक्षा का आयोजन
जनवरी में रद्द की गई परीक्षा के स्थान पर आयोग ने तुरंत फैसला लिया और 4 फरवरी 2024 को फिर से परीक्षा का आयोजन कराया। हालांकि, इसके बाद भी JSSC CGL को लेकर छिड़ा विवाद पूरी तरह शांत नहीं हुआ और लगातार इसकी पारदर्शिता पर सवाल उठते रहे।
दिसंबर 2025: चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र
विवादों के लंबे दौर के बाद, आखिरकार परीक्षा प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया और सफल घोषित किए गए अभ्यर्थियों को 30 दिसंबर 2025 को सरकार द्वारा नियुक्ति दी गई थी। अभ्यर्थियों को लगा कि उनका संघर्ष समाप्त हो गया है, लेकिन अब सरकार के इस नए फैसले ने उनकी खुशियों पर पानी फेर दिया है।
TDPL एजेंसी से जुड़ी अन्य प्रमुख परीक्षाओं की स्थिति
झारखंड सरकार का यह कड़ा फैसला केवल JSSC CGL तक ही सीमित नहीं है, बल्कि बाहरी एजेंसी TDPL द्वारा आयोजित की गई सभी परीक्षाओं पर लागू होता है। इस फैसले की जद में आने वाली तीन अन्य सबसे बड़ी परीक्षाओं का विस्तृत विवरण इस प्रकार है:
1. 14वीं सिविल सेवा परीक्षा
यह परीक्षा कुल 103 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आयोजित की गई थी। इसके प्रथम पत्र (Paper-1) की परीक्षा का आयोजन 19 अप्रैल 2024 को किया गया था। इस परीक्षा के लिए राज्य भर में कुल 9,564 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जिसमें कुल 1,10,875 अभ्यर्थी शामिल हुए थे।
इस परीक्षा का प्रारंभिक परिणाम काफी समय बाद जुलाई 2026 में घोषित किया गया, जिसमें मुख्य परीक्षा के लिए कुल 2,204 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया था। इसके बाद इन सफल अभ्यर्थियों के लिए मुख्य परीक्षा का आयोजन 25 जुलाई 2026 को किया गया। हालांकि, इसके बाद की आगे की चयन प्रक्रियाओं को स्थगित कर दिया गया था और अब सरकार के ताजा फैसले के बाद इस पूरी परीक्षा को रद्द कर दिया गया है।
2. संयुक्त सिविल सेवा बैकलॉग परीक्षा-2023
यह परीक्षा कुल 7 पदों पर भर्ती के लिए निकाली गई थी। इसकी प्रारंभिक परीक्षा (PT) का आयोजन 10 मई 2023 को किया गया था। परीक्षा के आयोजन के लंबे समय बाद, इसका परिणाम 24 जून 2026 को जारी किया गया, जिसमें कुल 125 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किए गए।
आयोग की ओर से मुख्य परीक्षा की तारीख 3 अगस्त 2026 निर्धारित की गई थी, लेकिन परीक्षा प्रणाली की जांच शुरू होने के कारण इसे स्थगित करना पड़ा था। अब कैबिनेट के नए आदेश के बाद इस परीक्षा को भी पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है।
3. संयुक्त सिविल सेवा बैकलॉग परीक्षा-2025
यह भर्ती परीक्षा कुल 45 रिक्त पदों को भरने के लिए आयोजित की गई थी। इसकी प्रारंभिक परीक्षा (PT) का आयोजन जुलाई 2026 में किया गया था। इस परीक्षा का परिणाम जारी होने पर कुल 7,599 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए योग्य घोषित किया गया था।
योग्य घोषित किए गए इन अभ्यर्थियों के लिए मुख्य परीक्षा का आयोजन 8 अगस्त से 10 अगस्त 2026 तक किया जाना तय हुआ था। लेकिन जांच के आदेशों के चलते मुख्य परीक्षा को स्थगित करना पड़ा था। अब सरकार के अंतिम फैसले के तहत इस पूरी भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने की श्रेणी में डाल दिया गया है, जिससे हजारों उम्मीदवारों का भविष्य अधर में लटक गया है।
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