गोंडा पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर पूर्ववर्ती समाजवादी सरकार को कठघरे में खड़ा किया। जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने बिना किसी का नाम लिए सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला और कहा कि एक दौर ऐसा भी था जब अयोध्या में राम का नाम लेना तक प्रतिबंधित था।
अयोध्या पर बड़ा बयान
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले अयोध्या में राम का नाम लेने पर लाठी और गोलियां मिलती थीं और कोई भी व्यक्ति वहां राम का नाम तक नहीं ले सकता था। उन्होंने कहा कि भगवान राम का भक्त अयोध्या नहीं जा सकता था, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब अयोध्या में सिर्फ रामभक्त ही जाता है, रामद्रोही नहीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब अयोध्या में रामभक्त के अलावा कोई रामद्रोही घुस ही नहीं सकता, ऐसी व्यवस्था कर दी गई है। उनके अनुसार आज अयोध्या चमक रही है और एक नई अयोध्या का मॉडल लोगों के सामने खड़ा है, जिस पर हर व्यक्ति गौरव का अनुभव करता है।
दुर्गा पूजा और दंगों का जिक्र
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि 2015 में गोंडा में दुर्गा पूजा के समय दंगा हुआ था और यहां दुर्गा पूजा तक नहीं करने दी जाती थी। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले सत्ता में बैठे लोग पेशेवर गुंडों के सामने नतमस्तक हो जाते थे और राज्य में महीनों कर्फ्यू लगा रहता था।
उन्होंने कहा कि अब उत्सवों में कोई व्यवधान नहीं डाल सकता। अगर कोई रंग में भंग डालेगा तो उसे इसका भुगतान करना पड़ेगा, उसका वर्तमान तो बिगड़ेगा ही, भविष्य भी स्वाहा हो जाएगा।
पहले विकास सैफई तक सीमित था
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले जब गलत सरकार आती थी तो विकास सिर्फ एक गांव तक सिमटकर रह जाता था। उन्होंने कहा कि जब मेडिकल कॉलेज बनाने की बात आई तो उनकी सरकार ने इसे सैफई तक सीमित नहीं रखा, बल्कि गोंडा, बहराइच, अयोध्या, बस्ती और सिद्धार्थनगर में मेडिकल कॉलेज बनाने की घोषणा की। उन्होंने सवाल किया कि आज कौन सा ऐसा जिला है जहां मेडिकल कॉलेज का निर्माण नहीं हो रहा है।
महाराजा सुहेलदेव का स्मरण
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने महाराजा सुहेलदेव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विदेशी आक्रांताओं के साथ कैसा व्यवहार होना चाहिए, इसकी प्रेरणा महाराजा सुहेलदेव ने एक हजार वर्ष पहले हम सबको दी थी। उन्होंने कहा कि विदेशी आक्रांताओं को मुंहतोड़ जवाब देना चाहिए और भारत का जो शौर्य आक्रांताओं को दहला देता है, उसके प्रतीक महाराजा सुहेलदेव हैं।
गोंडा की पहचान और विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोंडा जनपद का पौराणिक इतिहास रहा है और देश के स्वाधीनता आंदोलन में इसका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आजादी के बाद यहां विकास के बजाय तुष्टिकरण हुआ और जनपद भाई-भतीजावाद की भेंट चढ़ गया, जिससे गोंडा के नौजवानों के सामने पहचान का संकट खड़ा हो गया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कभी गोंडा का नाम सुनकर लोग पीछा छुड़ाते थे और दस कदम पीछे हट जाते थे। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की भाजपा सरकार ने विकास का काम किया है और अब किसी को पहचान के लिए मोहताज नहीं रहना पड़ता।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि आज उत्तर प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़े हैं और गोंडा के नौजवान भी नौकरी पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब गोंडा जैसे जनपद में भी निवेश हो रहा है और लाभ जाति के आधार पर नहीं, बल्कि पात्रता के आधार पर मिल रहा है।
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