कालसर्प दोष का प्रभाव
ज्योतिष शास्त्र के जानकारों का मानना है कि कालसर्प दोष व्यक्ति के जीवन को पूरी तरह प्रभावित कर सकता है। जब किसी की कुंडली में यह दोष होता है, तो उसे अक्सर आर्थिक तंगी, परिवार में लगातार लड़ाई झगड़े, रिश्तों में कड़वाहट और कार्यक्षेत्र में बार-बार आ रही रुकावटों का सामना करना पड़ता है। इतना ही नहीं, वाहन का बार-बार खराब होना या दुर्घटनाग्रस्त होना भी इसी दोष के संकेत माने जाते हैं।
सावन की पंचमी का महत्व
कालसर्प दोष से छुटकारा पाने के लिए सावन का महीना बेहद खास माना गया है। पंचांग के अनुसार, इस बार सावन की शुक्ल पंचमी 17 अगस्त को है। यह दिन इस दोष की शांति के लिए बहुत शुभ माना जाता है।
पंडित जी की सलाह
हरिद्वार के पंडित मनोज मिश्रा के अनुसार, ज्योतिष शास्त्र में कालसर्प दोष को पितृ दोष का ही एक प्रकार माना गया है। इस समस्या से पूर्ण मुक्ति पाने के लिए षोडशोपचार पूजा विधि को सबसे प्रभावी माना गया है। यदि पूरी श्रद्धा के साथ इस विधि से पूजा की जाए, तो व्यक्ति को इन कष्टों से निजात मिल सकती है।
पूजा के मुख्य बिंदु
- षोडशोपचार पूजा: कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए इस विधि का पालन करना अनिवार्य माना गया है।
- तिथि का ध्यान: 17 अगस्त को पड़ने वाली सावन शुक्ल पंचमी का पूरा लाभ उठाएं।
- नकारात्मकता से बचाव: दोष के प्रभाव को कम करने के लिए समय रहते ज्योतिषीय उपाय करना उचित रहता है।
https://hindi.news18.com/news/dharm/how-to-get-relief-from-kalsarp-dosh-local18-10752935.html