स्वतंत्रता दिवस: लाल किले से पीएम मोदी का संकल्प, 2047 तक भारत को आत्मनिर्भर बनाने का रोडमैप

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश के भविष्य की रूपरेखा रखी, जिसमें परमाणु ऊर्जा, एआई प्रशिक्षण और विनिर्माण क्षेत्र पर विशेष जोर दिया गया।

विकसित भारत का लक्ष्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से विकसित भारत 2047 के अपने विजन को विस्तार से साझा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाले वर्षों में ऊर्जा सुरक्षा, सेमीकंडक्टर निर्माण और रक्षा क्षेत्र में भारत को वैश्विक स्तर पर एक बड़ी शक्ति के रूप में स्थापित करना सरकार की प्राथमिकता है।

ऊर्जा सुरक्षा और न्यूक्लियर पावर

पीएम मोदी ने ऊर्जा के क्षेत्र में बड़े बदलावों का संकेत देते हुए कहा कि वर्ष 2047 तक भारत 100 गीगावाट न्यूक्लियर पावर उत्पन्न करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। इसके अलावा समुद्र के भीतर तेल और गैस संसाधनों की खोज को बढ़ावा देने के लिए समुद्र मंथन नामक योजना के तहत ₹85,000 करोड़ आवंटित किए गए हैं। इन प्रयासों से पेट्रोल और डीजल पर देश की निर्भरता को कम करने में मदद मिलेगी।

सेमीकंडक्टर और तकनीक

तकनीकी आत्मनिर्भरता के मुद्दे पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि अगले 7 से 8 वर्षों में देश में 5 से 7 नए सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू किए जाएंगे। इसके साथ ही युवाओं के कौशल विकास पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि अगले एक वर्ष के भीतर 1 करोड़ युवाओं को AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी।

राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक सुधार

भाषण के दौरान प्रधानमंत्री ने आंतरिक सुरक्षा और सामाजिक मुद्दों पर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने का संकल्प दोहराया। साथ ही, देश को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से नशा मुक्त भारत अभियान को जन आंदोलन का रूप देने की बात कही। उन्होंने खेलों के क्षेत्र में भी बड़े लक्ष्यों को प्राप्त करने का आह्वान किया, ताकि भारत वैश्विक मंच पर अपनी धाक जमा सके।

https://hindi.news18.com/news/nation/pm-modi-independence-day-speech-10-points-big-announcements-red-fort-2026-local18-10751040.html