घरेलू कामगारों के भेस में लुटेरे
अगर आप अपने घर में काम करने के लिए किसी को भी बिना उचित जांच के रख रहे हैं, तो अब सतर्क होने का समय आ गया है। गुजरात के कच्छ जिले के अंतर्गत आदिपुर इलाके में पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है जो घरों में काम करने वाली नौकरानियों के रूप में घुसपैठ करता था। ये महिलाएं केवल घरों में काम नहीं करती थीं, बल्कि वे मकान मालिकों का विश्वास जीतकर उनके पूरे जीवनचर्या और घर की हर बारीकी की जानकारी अपने साथियों तक पहुँचाती थीं। इस चौंकाने वाले मामले ने सुरक्षा और सतर्कता के कड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
काम वाली महिलाओं का दोहरा खेल
आदिपुर पुलिस ने नेपाल की रहने वाली दो महिलाओं को इस सिलसिले में हिरासत में लिया है। पुलिस के मुताबिक, ये आरोपी महिलाएं घर के मालिक और परिवार के अन्य सदस्यों का भरोसा जीतने में माहिर थीं। वे काफी समय तक घर की निगरानी करती थीं और देखती थीं कि परिवार किस समय बाहर जाता है और घर कब सूना रहता है। जैसे ही परिवार के लोग काम या बाहर जाने के लिए घर से निकलते थे, वे अपने गिरोह के अन्य सदस्यों को सूचित कर देती थीं। इसके बाद गिरोह के बाकी सदस्य बहुत ही चतुराई और योजना के साथ घर में घुसते थे और कीमती सामान पर हाथ साफ कर देते थे। इस पूरे खेल को सुलझाने के लिए पुलिस ने तकनीकी निगरानी और गुप्त सूचनाओं (ह्यूमन इंटेलिजेंस) का सहारा लिया है।
कई राज्यों में फैली थी गिरोह की जड़ें
पुलिस की शुरुआती जांच और दोनों महिलाओं से हुई पूछताछ में कई सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। इस गिरोह ने केवल कच्छ तक खुद को सीमित नहीं रखा था। पूछताछ में सामने आया है कि इन लोगों ने महाराष्ट्र के पुणे और ठाणे में चार अलग-अलग जगहों पर चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है। इसके अलावा कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में भी चोरी करने की बात उन्होंने स्वीकार की है। आदिपुर की घटना को जोड़ते हुए पुलिस ने अब तक कुल छह घरों में चोरी के मामलों का पता लगाया है, जो गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक के अलग-अलग शहरों में फैले हुए हैं।
नेपाल में खपाया जाता था चोरी का माल
जांच का एक और बड़ा पहलू यह सामने आया है कि चोरी के बाद ये लोग सोने-चांदी के गहने और अन्य मूल्यवान वस्तुएं सीधे नेपाल भेज देते थे। वहां इन सामानों को बेचा जाता था, जिससे कि उन्हें पकड़ना मुश्किल हो जाए। पुलिस ने अभी तक 1,85,790 रुपये की कुल सामग्री बरामद की है। इसमें एक डायमंड रिंग यानी हीरे की अंगूठी, मोबाइल फोन और नकदी के तौर पर भारतीय रुपये शामिल हैं। पुलिस अब इस पूरे रैकेट की कड़ियां जोड़ रही है कि ये चोरी का माल नेपाल में किन लोगों के पास जाता था और इसे वहां कौन खरीदता था।
अभी तीन आरोपी हैं पुलिस की पकड़ से दूर
पुलिस ने जिन दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है, उनमें 26 वर्षीय सलीना और 28 वर्षीय रवीना शामिल हैं। ये दोनों मूल रूप से नेपाल की रहने वाली हैं। हालांकि पुलिस ने इन दोनों को पकड़ लिया है, लेकिन इस गिरोह के तीन अन्य मुख्य सदस्य अभी भी फरार हैं। इन तीनों की पहचान भीमबहादुर नरबहादुर शाही, विरेंद्रबहादुर उर्फ विवेक नरबहादुर शाही और भीमबीर उर्फ प्रिंस बीरा शाही के रूप में की गई है। पुलिस की टीमें लगातार इनकी गिरफ्तारी के लिए जगह-जगह दबिश दे रही हैं।
पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
इस पूरे मामले के खुलासे में आदिपुर पुलिस के साथ-साथ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन और लोकल क्राइम ब्रांच यानी LCB की तकनीकी टीम ने भी बड़ी भूमिका निभाई है। तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय नेटवर्क की जानकारी के आधार पर पुलिस ने इस बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क तक अपनी पहुंच बनाई। पुलिस का कहना है कि वे अभी और पूछताछ कर रहे हैं ताकि पता चल सके कि इन लोगों ने देश के किन-किन हिस्सों में और कितने घरों को अपना निशाना बनाया है। आने वाले दिनों में कुछ और बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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