ऑस्ट्रेलिया में गिग वर्कर्स की बल्ले-बल्ले, डिलीवरी करने वालों को मिलेंगे हर घंटे ₹2000

ऑस्ट्रेलिया में डिलीवरी और फूड-ग्रॉसरी क्षेत्र से जुड़े लाखों गिग वर्कर्स के लिए नए नियम लागू हो गए हैं, जिसके तहत उन्हें अब न्यूनतम ₹2000 प्रति घंटे का वेतन मिलेगा।

गिग वर्कर्स के लिए नए कानून का ऐलान

ऑस्ट्रेलिया में फूड और ग्रॉसरी डिलीवरी का काम करने वाले लाखों लोगों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। वहां की सरकार ने गिग वर्कर्स की सुरक्षा और उनकी आय सुनिश्चित करने के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। नए नियमों के लागू होने के बाद, अब इन वर्कर्स को पहले से बेहतर वेतन और सुरक्षा लाभ प्राप्त होंगे।

प्रति घंटे ₹2000 की न्यूनतम आय

फेयर वर्क कमीशन द्वारा लिए गए इस फैसले के अनुसार, 17 अगस्त 2026 से नए नियम प्रभाव में आ जाएंगे। इन नियमों के तहत, डिलीवरी का काम करने वाले गिग वर्कर्स को कम से कम 31.30 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का भुगतान किया जाएगा। अगर भारतीय मुद्रा में इसकी गणना करें, तो यह राशि करीब ₹2000 प्रति घंटे बैठती है। यह दर देश की तय की गई न्यूनतम मजदूरी से भी अधिक है, जो वर्करों की आर्थिक स्थिति को मजबूती प्रदान करेगी।

दुर्घटना बीमा की सुविधा अनिवार्य

केवल वेतन ही नहीं, बल्कि सुरक्षा के मोर्चे पर भी कंपनियों को जिम्मेदारी लेनी होगी। नए कानून के अंतर्गत, डिलीवरी कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे अपने सभी गिग वर्कर्स को व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा की सुविधा प्रदान करें। यदि काम के दौरान कोई अनहोनी होती है या वर्कर चोटिल हो जाता है, तो उसे उचित न्यूनतम बीमा कवरेज का लाभ मिलेगा।

करीब 2.5 लाख वर्कर्स को होगा फायदा

इस फैसले का सीधा लाभ ऑस्ट्रेलिया में काम कर रहे करीब 2.5 लाख गिग वर्कर्स को मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि गिग इकॉनमी में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा और उनके अधिकारों को सुनिश्चित करने की दिशा में यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। अब डिलीवरी कंपनियों को अपने कार्य करने के तौर-तरीकों में भी बदलाव करना होगा ताकि वे इन नए कानूनी मानकों का पालन कर सकें।

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