बाढ़ के बीच बेजुबानों का बना सहारा वनतारा
असम वर्तमान में भीषण बाढ़ की मार झेल रहा है, जिससे राज्य का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस आपदा से 64 लाख लोग प्रभावित हुए हैं, जिन्हें अपना घर बार छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है। राज्य सरकार अपनी ओर से राहत और बचाव कार्यों में कोई कसर नहीं छोड़ रही है, लेकिन इस आपदा का असर केवल इंसानों तक सीमित नहीं है। भारी बारिश और बाढ़ ने जंगलों में रहने वाले वन्यजीवों के लिए भी मौत का संकट पैदा कर दिया है। ऐसी कठिन घड़ी में अनंत अंबानी के वनतारा फाउंडेशन ने आगे आकर असम के बेजुबान जानवरों को बचाने की जिम्मेदारी उठाई है।
रेस्क्यू ऑपरेशन और हाथियों की सुरक्षा
वनतारा फाउंडेशन ने बाढ़ के पानी में फंसे हाथियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया और उन्हें सुरक्षित शेल्टर होम यानी आश्रय स्थलों तक पहुंचाया है। संयोगवश, विश्व हाथी दिवस के अवसर पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया के माध्यम से अनंत अंबानी और वनतारा फाउंडेशन को इस महत्वपूर्ण योगदान के लिए शुक्रिया अदा किया है। असम के जंगलों में हाथियों की संख्या 6 हजार से अधिक है और बाढ़ के कारण उनके प्राकृतिक आवास पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वनतारा फाउंडेशन ने तुरंत विशेष रेस्क्यू टीमों को मैदान में उतारा। साथ ही, बड़ी संख्या में एनिमल एंबुलेंस को असम रवाना किया गया। राज्य के वन विभाग के साथ मिलकर फाउंडेशन ने उन हाथियों को मौत के मुंह से बाहर निकाला जो पानी के बीच फंस गए थे।
घायल जानवरों का उपचार और मुख्यमंत्री की सराहना
हाथियों के अलावा, फाउंडेशन की टीम ने अन्य छोटे जानवरों को भी बाढ़ से सुरक्षित बाहर निकाला है। इन रेस्क्यू किए गए जानवरों के लिए मेडिकल ट्रीटमेंट और उनके खान-पान का पूरा इंतजाम वनतारा फाउंडेशन द्वारा किया गया। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इस शानदार पहल की सराहना करते हुए कहा कि अक्सर प्राकृतिक आपदाओं के दौरान जानवरों की सुरक्षा को उस प्राथमिकता के साथ नहीं देखा जाता जिसकी उन्हें आवश्यकता होती है, लेकिन वनतारा फाउंडेशन ने इस चुनौती को स्वीकार किया और नेक काम किया। मुख्यमंत्री ने पूरे असम की ओर से अनंत अंबानी के प्रति आभार व्यक्त किया।
वनतारा: हाथियों के संरक्षण का वैश्विक केंद्र
आज विश्व हाथी दिवस पर वनतारा फाउंडेशन के कार्यों की हर तरफ चर्चा हो रही है। यह संस्था हाथियों के लिए दुनिया का सबसे बड़ा कल्याण केंद्र बनकर उभरी है। इसकी शुरुआत गौरी नामक हथिनी के रेस्क्यू के साथ हुई थी और आज यह फाउंडेशन 260 से अधिक एशियाई हाथियों की देखभाल कर रही है। अनंत अंबानी अक्सर यह कहते रहे हैं कि उनके दिल में हाथियों के प्रति एक खास लगाव है। वनतारा न केवल असम बल्कि अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा और अंडमान-निकोबार में भी व्यापक स्तर पर हाथी कल्याण कार्यक्रम चला रहा है। असम की इस बाढ़ में 10 लाख से अधिक पालतू जानवर और सैकड़ों वन्यजीव प्रभावित हुए हैं, जिनमें से कई बाढ़ के बहाव में बह गए या फंस गए थे। ऐसे में वनतारा का यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है। हाल ही में अनंत अंबानी बागेश्वर धाम की यात्रा के चलते भी सुर्खियों में रहे थे।
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