जेप्टो के गोदाम पर कार्रवाई से मचा हड़कंप
अगर आप ऑनलाइन ग्रोसरी ऐप के जरिए सामान मंगवाते हैं, तो यह खबर आपके होश उड़ा सकती है। बेंगलुरु में क्विक कॉमर्स कंपनी जेप्टो (Zepto) के एक वेयरहाउस पर फूड सेफ्टी अधिकारियों ने छापा मारा, तो वहां की स्थिति देखकर उनके भी पसीने छूट गए। होस्कोटे तालुक स्थित इस गोदाम के भीतर का नजारा किसी कचरा घर से कम नहीं था। अधिकारियों को फर्श पर जगह-जगह कचरा, उपयोग किए गए रैपर, खाली बोतलें और कार्डबोर्ड के ढेर मिले हैं। इस छापेमारी में साफ हुआ कि कंपनी खाद्य सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ा रही थी।
गोदाम की बदहाली और नियमों का उल्लंघन
कर्नाटक के खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग ने एक विशेष अभियान के तहत जब इस गोदाम का औचक निरीक्षण किया, तो वहां कई गंभीर खामियां पाई गईं। अधिकारियों ने बताया कि परिसर में जैविक कचरा जमा था और जगह-जगह गंदगी फैली हुई थी। केवल सफाई की कमी ही नहीं, बल्कि खाद्य पदार्थों की ब्रांडिंग, लेबलिंग और उनके भंडारण (स्टोरेज) में भी बड़ी लापरवाही बरती जा रही थी। विभाग ने तुरंत प्रभाव से गोदाम को सील कर दिया है और कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ-साथ मामला दर्ज करने की सिफारिश की है।
कर्नाटक सरकार की 11 सूत्रीय खाद्य सुरक्षा एडवाइजरी
जेप्टो के मामले के बाद कर्नाटक सरकार ने सख्ती दिखाते हुए होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और अन्य सभी फूड बिजनेस ऑपरेटरों के लिए 11 सूत्रीय खाद्य सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ग्राहकों की सेहत से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एक्सपायर्ड सामान पर लगाम
विभाग के नए नियमों के तहत, एक्सपायर हो चुके या खराब खाद्य उत्पादों को तुरंत हटाकर सुरक्षित तरीके से नष्ट करना अनिवार्य कर दिया गया है। फफूंद लगी सब्जियां, सड़े हुए फल या खराब होने के संकेत वाले खाद्य पदार्थों को न तो स्टोर किया जा सकेगा और न ही ग्राहकों को बेचा जा सकेगा। इसके अलावा, खाने में असुरक्षित रंगों या बिना अनुमति वाले एडिटिव्स के उपयोग पर भी कड़ी कार्रवाई होगी।
तापमान के कड़े मानक
भोजन को सुरक्षित रखने के लिए तापमान पर विशेष जोर दिया गया है। नियमों के मुताबिक, चिल्ड फूड को 4 डिग्री सेल्सियस से नीचे और फ्रोजन फूड को -18 डिग्री सेल्सियस पर रखना होगा। वहीं, अन्य ठंडे खाद्य पदार्थों का तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे तथा गर्म परोसे जाने वाले भोजन को 60 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान पर रखना अनिवार्य है ताकि बैक्टीरिया पनपने का कोई चांस न रहे।
साफ-सफाई और स्वच्छता के नियम
किचन और वेयरहाउस को लेकर भी कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। कच्ची सामग्री जैसे कि मांस, मछली और सीफूड को सब्जियों से बिल्कुल अलग रखा जाना चाहिए। इनके लिए अलग चाकू, चॉपिंग बोर्ड और बर्तन होने चाहिए। किचन में पर्याप्त वेंटिलेशन होना अनिवार्य है और फर्श, दीवारों व छतों की स्थिति दुरुस्त होनी चाहिए। कीड़ों से बचाव के लिए मेश स्क्रीन या एयर कर्टेन लगाना जरूरी है। साथ ही, कर्मचारियों को साफ यूनिफॉर्म, हेयरनेट और दस्तानों का इस्तेमाल करना होगा और उनके मेडिकल फिटनेस रिकॉर्ड भी अपडेट रखने होंगे।
ट्रांसपोर्ट और पानी की शुद्धता
खाद्य पदार्थों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने वाले वाहनों की स्वच्छता पर भी सरकार ने नजर टेढ़ी कर ली है। परिवहन में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को पूरी तरह स्वच्छ रखना होगा और उनमें तापमान बनाए रखना जरूरी होगा। खाना बनाने और बर्तन धोने के लिए केवल पीने योग्य पानी का ही इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसके अलावा, इस्तेमाल किए गए तेल को दोबारा गर्म करके इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी गई है और पुराने तेल का निपटारा अधिकृत माध्यमों से ही करना होगा।
क्विक कॉमर्स कंपनियों पर बढ़ते सवाल
यह पहला मौका नहीं है जब क्विक-कॉमर्स कंपनियों के गोदामों में स्वच्छता को लेकर सवाल उठे हैं। इसी सप्ताह मुंबई में भी ब्लिंकिट (Blinkit) के एक वेयरहाउस का फूड लाइसेंस निरीक्षण के बाद निलंबित कर दिया गया था, क्योंकि वहां कॉकरोच और गंदगी पाई गई थी। ये घटनाएं दर्शाती हैं कि 10 मिनट में सामान पहुंचाने की दौड़ में कंपनियां सुरक्षा मानकों को पीछे छोड़ रही हैं।
कर्नाटक सरकार के इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि तेज डिलीवरी के साथ-साथ खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता पर कोई समझौता न हो। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में और भी कई गोदामों और फूड आउटलेट्स पर छापेमारी जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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