बिहार की राजधानी पटना के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में एक महिलाकर्मी और उसकी नाबालिग बेटी के साथ कथित छेड़छाड़ का संगीन मामला सामने आया है। इस प्रकरण में पुलिस ने आउटसोर्स पर तैनात कनीय प्रशासनिक अधिकारी अश्विनी कुमार सिंह को हिरासत में ले लिया है। आरोपी के खिलाफ पोक्सो एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
दो साल से मानसिक प्रताड़ना का आरोप
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिलाकर्मी ने आरोप लगाया है कि आरोपी पिछले करीब 2 साल से उसे मानसिक रूप से परेशान कर रहा था। महिला का कहना है कि अश्विनी कुमार सिंह लगातार उसके साथ अनुचित बर्ताव करता था और जब वह इसका विरोध करती तो उसे नौकरी से निकलवा देने की धमकी दी जाती थी। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी ने महिला की नाबालिग बेटी के साथ भी छेड़छाड़ की।
आंतरिक जांच में आरोपों की पुष्टि
मामले की गंभीरता को देखते हुए एम्स प्रशासन ने पहले अपने स्तर पर आंतरिक जांच शुरू की। इसके लिए छह सदस्यीय जांच समिति बनाई गई। इस समिति ने व्हाट्सएप चैट, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की गहराई से पड़ताल की।
जांच के दौरान कई अहम तथ्य उजागर हुए। समिति ने अपनी रिपोर्ट में महिलाकर्मी और उसकी नाबालिग बेटी द्वारा लगाए गए आरोपों के सही पाए जाने की पुष्टि की।
रिपोर्ट के बाद पुलिस कार्रवाई
आंतरिक जांच रिपोर्ट हाथ लगने के बाद एम्स प्रशासन ने पूरे मामले से पुलिस को अवगत कराया। इसी आधार पर फुलवारी शरीफ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी के विरुद्ध कार्रवाई आरंभ कर दी।
थानाध्यक्ष गुलाम शहबाज आलम ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पोक्सो एक्ट के साथ-साथ महिला उत्पीड़न और छेड़छाड़ से जुड़ी धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी अश्विनी कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया है और उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
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