हर की पौड़ी पर भीड़ से बचना है? हरिद्वार के इन शांत घाटों पर करें सुकून भरा गंगा स्नान

गर्मी के मौसम में वीकेंड पर हर की पौड़ी पर पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे में हरिद्वार के कुछ शांत घाट हैं जहां सुकून से स्नान कर गर्मी से राहत के साथ धार्मिक लाभ भी पाया जा सकता है।

हरिद्वार एक प्रसिद्ध धर्म नगरी है, जहां मई, जून और जुलाई की चिलचिलाती गर्मी से राहत पाने के लिए पर्यटक वीकेंड पर हरिद्वार और ऋषिकेश का रुख करते हैं। राहत की तलाश में लोग सबसे पहले हर की पौड़ी पहुंचते हैं, जिससे यहां पर्यटकों की भारी भीड़ जमा हो जाती है। ऐसी स्थिति में हर किसी के मन में यही सवाल रहता है कि आखिर सुकून से स्नान कहां किया जाए। राहत की बात यह है कि हरिद्वार में कुछ ऐसे घाट भी मौजूद हैं, जहां शांति से स्नान करने पर गर्मी से राहत के साथ-साथ धार्मिक लाभ भी मिलता है।

वीकेंड पर क्यों उमड़ती है भीड़

जून और जुलाई के महीने में स्कूली बच्चों की छुट्टियां होती हैं। इन छुट्टियों का आनंद लेने के लिए दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, हरियाणा और पंजाब समेत कई जगहों से पर्यटकों का जनसैलाब उत्तराखंड की ओर उमड़ पड़ता है। गर्मी से बचने के लिए लोग नैनीताल, मसूरी, ऋषिकेश और हरिद्वार की वादियों का रुख करते हैं।

वीकेंड पर हरिद्वार में हर तरफ गाड़ियों का जमावड़ा नजर आता है, वहीं हर की पौड़ी पर श्रद्धालु और पर्यटक गंगा में स्नान करते हैं। इतनी भीड़ में व्यवस्थाएं भी चरमरा जाती हैं, जिसके कारण लोग ठीक से स्नान नहीं कर पाते। आइए जानते हैं उन शांत घाटों के बारे में विस्तार से, जहां सुकून से डुबकी लगाई जा सकती है।

चंडी घाट

नील पर्वत के पास चंडी घाट का पुल है और उसके नीचे चंडी घाट स्थित है। मान्यता है कि इस स्थान पर स्नान करने से धार्मिक लाभ की प्राप्ति होती है। यहां घाट का निर्माण नमामि गंगे के अंतर्गत किया गया था। वीकेंड या किसी धार्मिक पर्व के दौरान जब हर की पौड़ी पर भीड़ बढ़ जाती है, तब यह घाट स्नान के लिए बेहद खास साबित होता है। यहां नील गंगा की धारा बहती है और शास्त्रों के अनुसार इस घाट पर स्नान करने से गर्मी से राहत के साथ धार्मिक पुण्य भी मिलता है।

गोविंद घाट

हरिद्वार शहर के बीचो-बीच स्थित रानीपुर मोड़ से हाईवे की ओर बढ़ने पर बाएं हाथ पर गोविंद घाट पड़ता है। वीकेंड हो या कोई धार्मिक पर्व, इस स्थान पर सुकून से स्नान किया जा सकता है। गंगा में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए यहां रेलिंग और मोटी चैन लगाई गई है। हर की पौड़ी पर भीड़ बढ़ने पर लोग यहां आराम से स्नान कर सकें, इसी उद्देश्य से इस घाट का निर्माण किया गया था। शाम के समय यहां गंगा आरती भी होती है। यदि आप वीकेंड पर हरिद्वार में गंगा स्नान की योजना बना रहे हैं, तो इस घाट पर शीतलता और धार्मिक लाभ दोनों पा सकते हैं।

मेला नियंत्रण भवन के पीछे का घाट

मेला नियंत्रण भवन के पीछे एक घाट बना हुआ है, जो हाथी पुल तक फैला है। इस घाट पर स्नान करने का बहुत अधिक महत्व माना जाता है। वीकेंड के दौरान यहां पर्यटकों और श्रद्धालुओं का आवागमन बना रहता है। यह घाट सुभाष घाट के सामने, मेला नियंत्रण भवन के पास स्थित है। गंगा की धारा में स्नान करने से जहां शीतलता मिलती है, वहीं धार्मिक लाभ की भी प्राप्ति होती है। हर की पौड़ी पर भीड़ बढ़ने के बाद इस घाट पर सुकून से स्नान किया जा सकता है।

सतनाम साक्षी घाट

हर की पौड़ी पर देश के अलग-अलग राज्यों और विदेशों से श्रद्धालुओं और पर्यटकों का आवागमन साल भर बना रहता है। सोमवती अमावस्या, पूर्णिमा और एकादशी जैसे विशेष पर्वों के दौरान हरिद्वार में भीड़ और बढ़ जाती है। जून-जुलाई के समय पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और बिजनौर से पर्यटक गंगा स्नान कर गर्मी से राहत पाने आते हैं, लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण ठीक से स्नान नहीं हो पाता। ऐसे में हरिद्वार हाईवे पर प्रेम नगर चौक के पास स्थित सतनाम साक्षी घाट एक बेहतरीन विकल्प है, जहां शांति से स्नान किया जा सकता है। यहां स्नान करने से शीतलता मिलती है और मान्यता के अनुसार धार्मिक लाभ भी प्राप्त होता है।

नाई घाट

हर की पौड़ी पर कई घाट हैं, जहां स्नान करने का विशेष महत्व बताया गया है। विशेष पर्वों के दौरान यहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों की इतनी भीड़ हो जाती है कि व्यवस्थाएं चरमरा जाती हैं। जून-जुलाई में वीकेंड पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा समेत कई राज्यों से पर्यटक गंगा स्नान के लिए हरिद्वार पहुंचते हैं। हर की पौड़ी के पास ही नाई घाट है, जहां गंगा में डुबकी लगाने से धार्मिक लाभ की मान्यता है। वीकेंड पर इस घाट पर भी श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भीड़ रहती है, और यहां स्नान करने से गर्मी से राहत के साथ धार्मिक पुण्य भी मिलता है।

ब्रह्म कुंड घाट

हर की पौड़ी का ब्रह्म कुंड घाट सबसे खास माना गया है। हिंदू धार्मिक ग्रंथों में ब्रह्म कुंड घाट पर गंगा स्नान का सर्वाधिक महत्व बताया गया है। मान्यता है कि यहां स्नान करने से सभी पाप समाप्त होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। ब्रह्म कुंड घाट हरिद्वार के सभी गंगा घाटों में सबसे प्राचीन घाट है। धार्मिक पर्व या वीकेंड पर यहां सबसे अधिक श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है, लेकिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में या दोपहर के समय यहां लोगों की संख्या कम हो जाती है। इस घाट पर गंगा स्नान करने से गर्मी से राहत के साथ धार्मिक लाभ भी प्राप्त होता है।

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