दिल्ली विधानसभा में जमकर हुआ हंगामा
दिल्ली विधानसभा की कार्यवाही आज हंगामे की भेंट चढ़ गई। सदन में आम आदमी पार्टी के विधायक शिक्षा मंत्री आशीष सूद के इस्तीफे की मांग को लेकर उग्र हो गए थे। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि विधानसभा अध्यक्ष को सख्त कदम उठाते हुए आप के छह विधायकों को मार्शल्स की मदद से सदन से बाहर निकलवाना पड़ा। यह पूरा विवाद दिल्ली सरकार की महत्वाकांक्षी विद्या वाहिनी योजना को लेकर शुरू हुआ। इस योजना के तहत सरकार कक्षा 9 की करीब 1 लाख 40 हजार छात्राओं को मुफ्त साइकिल मुहैया करा रही है। आज मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विधानसभा परिसर में खुद छात्राओं को साइकिल वितरित कीं, लेकिन विपक्षी दल के विधायकों ने इस आयोजन का विरोध जताते हुए सदन के भीतर नारेबाजी शुरू कर दी।
साइकिल खरीद में घोटाले का गंभीर आरोप
आम आदमी पार्टी ने साइकिलों की खरीद में बड़े वित्तीय घोटाले का आरोप लगाया है। पार्टी का दावा है कि सरकार ने इन साइकिलों को बाजार मूल्य से कहीं ज्यादा कीमत पर खरीदा है। आप नेता सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि जो साइकिल बाजार में मात्र 4000 रुपये की कीमत पर उपलब्ध है, उसे सरकार ने 7000 रुपये में खरीदा है। भारद्वाज के अनुसार, प्रत्येक साइकिल की खरीद पर 3000 रुपये का कमीशन वसूला गया है और सरकार ने पुरानी गुणवत्ता की साइकिलें खरीदी हैं। इन्हीं आरोपों को आधार बनाकर आप विधायक शिक्षा मंत्री आशीष सूद के तत्काल इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
सदन से बाहर किए गए 6 विधायक
हंगामे की शुरुआत तब हुई जब आम आदमी पार्टी के विधायक विरोध दर्ज कराने के लिए आपत्तिजनक संदेश लिखी टी-शर्ट पहनकर सदन में पहुंच गए। विधानसभा उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट ने इस पहनावे पर कड़ा एतराज जताया, जिसके बाद विपक्ष ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। सदन में व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने संजीव झा, जरनैल सिंह, कुलदीप कुमार, प्रेम कुमार, सोम दत्त और अजय दत्त को सदन से बाहर करने का आदेश दिया। मार्शल्स की मदद से इन छह विधायकों को सदन से बाहर कर दिया गया, जिससे कार्यवाही में काफी व्यवधान उत्पन्न हुआ।
मुख्यमंत्री और बीजेपी का पलटवार
विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे निराधार बताते हुए खारिज कर दिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिन लोगों को दिल्ली की जनता ने सत्ता से बेदखल कर पैदल कर दिया है, उनके बेतुके बयानों पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है। इससे पहले, मुख्यमंत्री ने विद्या वाहिनी योजना के तहत कक्षा 9 की 200 छात्राओं को साइकिल सौंपी। सरकार का तर्क है कि इस पहल से छात्राओं को स्कूल आने-जाने में सुविधा होगी और शिक्षा के क्षेत्र में लड़कियों की भागीदारी बढ़ेगी। सरकार का लक्ष्य इस वर्ष कुल 1 लाख 40 हजार छात्राओं तक यह सुविधा पहुंचाना है। वहीं, बीजेपी प्रवक्ता अभय वर्मा ने स्पष्ट किया कि साइकिलों की खरीद पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से ओपन टेंडर के माध्यम से हुई है। उन्होंने कहा कि टेंडर प्रक्रिया सार्वजनिक थी और सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी को ही काम मिला था। उन्होंने आप के आरोपों को राजनीति से प्रेरित और झूठा करार दिया।
https://www.indiatv.in/delhi/six-aap-mlas-who-protesting-in-delhi-assembly-removed-out-with-help-of-marshals-2026-08-10-1236529