मानसून का रौद्र रूप और अलर्ट
देशभर में मानसून की रफ्तार इन दिनों काफी तेज है और पहाड़ से लेकर मैदानी इलाकों तक भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर रखा है। स्थिति यह है कि देश की अधिकांश प्रमुख नदियां जैसे गंगा, यमुना, नर्मदा और चिनाब खतरे के निशान के करीब बह रही हैं, जिससे तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आज देश के 16 राज्यों में जोरदार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन राज्यों में उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र और केरल शामिल हैं।
राजधानी दिल्ली में बाढ़ और बारिश का संकट
दिल्ली के लिए स्थिति फिलहाल चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। बारिश के बाद अब शहर पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है, हालांकि हथनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद यमुना का जलस्तर धीरे-धीरे कम होना शुरू हुआ है। दिल्ली का फ्लड एंड एरिगेशन डिपार्टमेंट लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। मौसम विभाग ने राजधानी में तेज आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
उत्तर प्रदेश के 14 जिलों में येलो अलर्ट
उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश ने नदियों के जलस्तर को बढ़ा दिया है। गंगा, यमुना, शारदा और सरयू समेत 10 से ज्यादा नदियां उफान पर हैं। शाहजहांपुर के मिर्जापुर इलाके में गंगा का पानी गांवों में घुसने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। आज यूपी के 14 जिलों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट घोषित किया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, बागपत, मेरठ, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सीतापुर, गोंडा, सिद्धार्थनगर, बाराबंकी, लखनऊ, उन्नाव, कानपुर नगर, कानपुर देहात, कन्नौज और औरैया प्रमुख हैं।
मध्य प्रदेश में नर्मदा का बढ़ता प्रकोप
मध्य प्रदेश में मानसून फिर से पूरी तरह सक्रिय हो उठा है। डिंडोरी में नर्मदा, खरमेर और चकरार नदियां खतरे के निशान को पार कर गई हैं। मंडला जिले में मूसलाधार बारिश ने बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न कर दिए हैं। ऊपरी जिलों में भारी बारिश का असर मंडला में नर्मदा नदी के जलस्तर पर दिख रहा है, जिससे निचले इलाकों की बस्तियों में पानी भर गया है। नदी किनारे स्थित कई घाट और धार्मिक स्थल जलमग्न हो गए हैं। प्रशासन को पूरी तरह से सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। IMD भोपाल ने रायसेन, नर्मदापुरम, कटनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, दमोह, सागर, पांडुर्णा, नरसिंहपुर, सिवनी और पन्ना जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
बिहार और झारखंड में आंधी-पानी का दौर
बिहार में गया, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, रोहतास, नवादा, बांका, लखीसराय, मुंगेर, नालंदा, बक्सर, सिवान, वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, कटिहार, बेगूसराय, सहरसा और सुपौल में भारी बारिश के साथ तेज हवाओं का अलर्ट है। वहीं, झारखंड में भी मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। रांची, रामगढ़, बोकारो, हजारीबाग, जमशेदपुर, पलामू, खूंटी और दुमका में बारिश के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
पहाड़ों पर भूस्खलन की आपदा
पहाड़ी राज्यों में नदियां तो उफान पर हैं ही, साथ ही भूस्खलन (लैंडस्लाइड) ने रास्तों को बंद कर दिया है। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के खूनी नाला इलाके में सिहूता नेशनल हाईवे पर भारी मलबा गिरने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। चंबा-भरमौर और चंबा-पठानकोट नेशनल हाईवे सहित कई मुख्य मार्ग बाधित हैं। मौसम विभाग ने हिमाचल के लिए 10, 11, 14 और 15 अगस्त को भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट दिया है। कांगड़ा, सिरमौर, शिमला, मंडी, चंबा, कुल्लू और सोलन में आज मध्यम से तेज बारिश की संभावना है। इसी तरह उत्तराखंड के जोशीमठ, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ में लैंडस्लाइड की घटनाएं बढ़ गई हैं। देहरादून, बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत और अल्मोड़ा के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
असम में बाढ़ से हाहाकार
असम के गुवाहाटी से लेकर कई अन्य जिलों तक बाढ़ की स्थिति गंभीर है। रुक्मिणी गांव में पानी घरों के अंदर घुस गया है। राज्य के 13 जिलों में लगभग डेढ़ लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं और अब तक 99 लोगों की जान जा चुकी है। ऊपरी असम के गोलाघाट, शिवसागर और जोरहाट जैसे जिले बुरी तरह प्रभावित हैं। राज्य में करीब 11 हजार हेक्टेयर फसल बर्बाद हो चुकी है और प्रभावित लोग राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हैं।
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