अमेरिका में छात्रा की संदिग्ध मौत
अमेरिका के एरिजोना राज्य से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एरिजोना यूनिवर्सिटी की 19 वर्षीय छात्रा जुलिसा रूबी सालाजार की निर्मम हत्या कर दी गई। इस मामले में पुलिस ने भारतीय मूल के 20 वर्षीय छात्र वरुण बाचिगारी को मुख्य आरोपी के रूप में चिह्नित किया है। घटना के बाद आरोपी अमेरिका से फरार होकर जर्मनी पहुंच गया था, लेकिन अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की सतर्कता के चलते उसे जर्मनी में गिरफ्तार कर लिया गया है। अब अमेरिकी अधिकारी उसे वापस एरिजोना लाने की कानूनी प्रक्रिया पर काम कर रहे हैं।
घटना का खुलासा और पुलिस कार्रवाई
इस हत्याकांड का खुलासा तब हुआ जब 6 अगस्त को जुलिसा के परिजनों ने उनसे संपर्क न हो पाने के कारण उनके अपार्टमेंट पर वेलफेयर चेक यानी उनकी सुरक्षा जांच के लिए पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही शाम करीब 4 बजे पुलिस और दमकल विभाग के कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचे। वहां जुलिसा का शव फर्श पर पड़ा मिला। प्रारंभिक जांच और पोस्टमार्टम के दौरान उनके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए, विशेष रूप से उनकी गर्दन के आसपास खरोंच और दबाव के निशान थे, जिससे पुलिस ने इसे सुनियोजित हत्या मानकर अपनी जांच आगे बढ़ाई।
ब्रेकअप का तनाव और वारदात का समय
पुलिस पूछताछ और गवाहों के बयानों से पता चला है कि यह हत्या एक विवाद का परिणाम थी। जुलिसा की रूममेट्स ने पुलिस को बताया कि जुलिसा लंबे समय से आरोपी वरुण के साथ अपने रिश्ते को खत्म करने की योजना बना रही थी। घटना से ठीक एक दिन पहले, यानी 5 अगस्त को जुलिसा के कमरे से तेज चीखने और बहस करने की आवाजें सुनी गई थीं। यह शोर काफी देर तक जारी रहा और बाद में सन्नाटा पसर गया। जब रूममेट्स ने जुलिसा को मैसेज कर उनकी कुशलता जाननी चाही, तो जवाब मिला कि सब ठीक है और वह केवल एक मामूली बहस थी, लेकिन अगले दिन उनका शव मिला।
आरोपी का पिछला रिकॉर्ड और हालिया चुनौतियां
जांच में यह भी सामने आया है कि वरुण बाचिगारी का व्यवहार पहले से ही हिंसक रहा था। कोर्ट के रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ पिमा काउंटी में पूर्व में भी हमले और जानबूझकर चोट पहुंचाने का एक मामला दर्ज है। वह एरिजोना यूनिवर्सिटी में बिजनेस एनालिटिक्स की पढ़ाई कर रहा था, लेकिन एक अन्य लड़ाई-झगड़े के मामले में उसे विश्वविद्यालय से निष्कासित कर दिया गया था। इसके अलावा, हाल के दिनों में उसकी नौकरी भी छूट गई थी, जिसके कारण वह आर्थिक तंगी से जूझ रहा था और उसके वीजा स्टेटस पर भी अनिश्चितता के बादल छाए हुए थे।
जर्मनी में गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण की तैयारी
हत्याकांड को अंजाम देने के बाद वरुण ने तेजी से देश से भागने की योजना बनाई। पुलिस के अनुसार, वह टक्सन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचा, जहां से उसने ह्यूस्टन के लिए उड़ान भरी और उसके बाद जर्मनी की राजधानी बर्लिन की फ्लाइट पकड़ ली। अधिकारियों को संदेह है कि जर्मनी पहुंचने का उसका मकसद वहां से भारत भागना था। अमेरिकी संघीय एजेंसियों ने जर्मन प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर आरोपी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कराया। अंततः उसे जर्मनी में दबोच लिया गया।
पुलिस के अनुसार, वरुण पर अपनी प्रेमिका के बैंक कार्ड के दुरुपयोग का भी आरोप है। अब अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियां उसे एरिजोना प्रत्यर्पित करने की कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर रही हैं। वापस आने के बाद उस पर फर्स्ट-डिग्री मर्डर का मुकदमा चलाया जाएगा और उसे पिमा काउंटी एडल्ट डिटेंशन सेंटर में रखा जाएगा। यह मामला विदेश में पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों के बीच बढ़ते अपराध और मानसिक तनाव के गंभीर पहलुओं को भी उजागर करता है।
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