राजगढ़: बलराम कृषि महोत्सव में परोसा गया खराब खाना, किसानों ने फफूंद लगने का लगाया आरोप

मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव के दौरान किसानों को दिए गए खाने की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। खाने में फफूंद और गंदगी मिलने की शिकायत के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष ने जांच के आदेश दिए हैं।

कृषि महोत्सव में अव्यवस्था का माहौल

मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव के दौरान भोजन की गुणवत्ता को लेकर भारी बवाल मच गया। इस आयोजन में प्रदेश भर से आए किसानों के लिए दोपहर के भोजन की व्यवस्था की गई थी, लेकिन जैसे ही खाना परोसा गया, किसानों ने उसकी स्थिति देखकर अपना गुस्सा जाहिर किया। किसानों का आरोप है कि उन्हें परोसे गए भोजन में फफूंद लगी थी और खाना पूरी तरह से अस्वच्छ था। यह मामला सामने आने के बाद कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और आयोजन की तैयारियों पर सवाल उठने लगे।

जिला पंचायत अध्यक्ष की नाराजगी

इस घटना की जानकारी मिलते ही जिला पंचायत अध्यक्ष चंदर सिंह सोंधिया ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। भोजन में गंदगी और फफूंद की शिकायत को बेहद गंभीरता से लेते हुए उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। चंदर सिंह सोंधिया ने तुरंत अधिकारियों को फटकार लगाई और तत्काल प्रभाव से किसानों के लिए ताजा और स्वच्छ भोजन की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने इस पूरे मामले को कलेक्टर के संज्ञान में लाने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया है।

बड़े स्तर पर आयोजित था कार्यक्रम

बलराम कृषि महोत्सव का आयोजन काफी भव्य स्तर पर किया गया था, जिसमें राज्य सरकार के कई दिग्गज नेता और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए थे। कार्यक्रम में राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार नारायण सिंह पंवार और गौतम टेटवाल, खिलचीपुर से विधायक हजारीलाल दांगी, भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष ज्ञान सिंह गुर्जर और कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा की उपस्थिति रही। इसके अलावा, राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित किया और किसानों से सीधी बातचीत भी की। इतने बड़े मंच पर हुई भोजन की इस अव्यवस्था ने प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी है।

विपक्ष ने सरकार को घेरा

इस मामले के तूल पकड़ते ही विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार पर सीधा निशाना साधा है। कांग्रेस नेताओं ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार एक तरफ तो किसानों के कल्याण और उन्हें सम्मान देने का ढिंढोरा पीटती है, लेकिन दूसरी ओर उन्हीं के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में उन्हें खराब खाना परोसा जा रहा है। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि अगर एक सरकारी कार्यक्रम में ही भोजन की गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखा जा सकता, तो किसानों के प्रति सरकार की नीतियां कैसी होंगी। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से संवेदनहीनता है।

जांच के बाद होगी स्पष्टता

वर्तमान में प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि भोजन में वास्तव में फफूंद और गंदगी के क्या कारण थे और इसके पीछे किन लोगों की लापरवाही रही है। तब तक के लिए प्रशासन ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न होने का आश्वासन दिया है। इस घटना ने आयोजन समिति की कार्यप्रणाली और भोजन की गुणवत्ता की निगरानी पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या जिम्मेदार अधिकारियों या ठेकेदारों पर कोई दंडात्मक कार्रवाई की जाती है या नहीं।

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