सीबीएसई मूल्यांकन विवाद के बीच IIT रुड़की की बड़ी राहत, मार्कशीट सुधरने तक सुरक्षित रहेगी रैंक

आईआईटी रुड़की ने जेईई एडवांस्ड 2026 पास करने वाले उन छात्रों को राहत दी है जिनके 12वीं में निर्धारित अंक नहीं हैं। ऐसे छात्र अब जोसा काउंसलिंग में हिस्सा ले सकेंगे, लेकिन सीट पक्की कराने के लिए 15 जुलाई 2026 तक संशोधित मार्कशीट जमा करनी होगी।

जेईई एडवांस्ड 2026 की परीक्षा में सफलता हासिल कर चुके उन विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है, जो 12वीं बोर्ड में कम अंक आने की वजह से आईआईटी में दाखिले की दौड़ से बाहर हो जाने को लेकर चिंतित थे। आईआईटी रुड़की ने ऐसे सभी छात्रों को जोसा (JoSAA) काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल होने और अपनी पसंद के संस्थान व पाठ्यक्रम चुनने की अनुमति दे दी है। यह निर्णय खासकर उन अभ्यर्थियों के लिए राहत लेकर आया है, जिन्होंने सीबीएसई के मूल्यांकन पर सवाल उठाए थे और जो फिलहाल पुनर्मूल्यांकन के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं।

वर्तमान नियमों के मुताबिक आईआईटी में प्रवेश के लिए सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के छात्रों का 12वीं में कम से कम 75% और एससी, एसटी तथा दिव्यांग वर्ग के छात्रों का कम से कम 65% अंक होना अनिवार्य है। लेकिन इस बार मूल्यांकन को लेकर उपजे विवाद और असमंजस को देखते हुए संस्थान ने छात्रों को एक अतिरिक्त अवसर दिया है। अब कम अंक वाले विद्यार्थी भी काउंसलिंग में बैठ सकेंगे और अपनी रैंक के आधार पर सीट पा सकेंगे। हालांकि यह दाखिला पूरी तरह अस्थायी रहेगा और इस पर अंतिम मुहर तभी लगेगी, जब छात्र 15 जुलाई 2026 तक अपनी संशोधित मार्कशीट जमा कर देंगे।

बोर्ड रिजल्ट को लेकर खत्म हुआ असमंजस

जेईई एडवांस्ड में परचम लहराने के बावजूद कई छात्र इस बात को लेकर भारी तनाव में थे कि 12वीं बोर्ड में उनके अंक तय पात्रता से कम रह गए हैं। हाल ही में सीबीएसई के मूल्यांकन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हुआ था, जिसके बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया है। इस प्रक्रिया में लगने वाले समय को ध्यान में रखते हुए आईआईटी रुड़की ने संवेदनशीलता दिखाते हुए नियमों में अस्थायी ढील दी है, ताकि होनहार छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके।

किसे और कैसे मिलेगी काउंसलिंग में छूट

इस विशेष व्यवस्था के तहत सामान्य, ओबीसी-एनसीएल और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के जिन छात्रों के फिलहाल 75 प्रतिशत से कम अंक हैं, अथवा एससी, एसटी और पीडब्ल्यूडी वर्ग के जिन छात्रों के 65 प्रतिशत से कम अंक हैं, वे भी जोसा काउंसलिंग का हिस्सा बन सकेंगे। ऐसे छात्रों को उनकी जेईई एडवांस्ड 2026 रैंक के आधार पर सामान्य रूप से चॉइस फिलिंग का मौका मिलेगा और उन्हें सीटें भी आवंटित की जाएंगी।

15 जुलाई तक का समय, ऐसे भेजनी होगी मार्कशीट

संस्थान ने स्पष्ट किया है कि यह दाखिला पूरी तरह प्रोविजनल यानी अस्थायी माना जाएगा। छात्रों को पुनर्मूल्यांकन के बाद आने वाली नई और संशोधित मार्कशीट हर हाल में 15 जुलाई 2026 तक आधिकारिक ईमेल आईडी orgjee@iitr.ac.in पर भेजनी होगी। यदि संशोधित परिणाम में छात्र अपनी श्रेणी के अनुसार न्यूनतम 75% या 65% का मानक पार कर लेते हैं, तो काउंसलिंग के चौथे राउंड के अंत में उनकी आवंटित सीट को कंफर्म कर दिया जाएगा।

पात्रता साबित करने का आखिरी मौका

अधिकारियों के अनुसार, यदि कोई छात्र 15 जुलाई की समयसीमा तक अपने संशोधित पात्रता दस्तावेज या स्कोर कार्ड जमा करने में विफल रहता है, तो उसका सीट आवंटन स्वतः रद्द माना जाएगा। संस्थान का यह कदम उन प्रतिभाशाली छात्रों के लिए बेहतरीन अवसर है, जो बोर्ड की तकनीकी खामियों के कारण देश के सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों में पढ़ने का सपना खोने की कगार पर थे। अब गेंद छात्रों के पाले में है कि वे तय तारीख तक अपने सही दस्तावेज प्रस्तुत कर दें।

https://hindi.news18.com/news/career/education-jee-advanced-2026-iit-roorkee-12th-board-75-percent-criteria-relaxation-counseling-10544231.html