बरसात के मौसम में घर पर बनाए बघेलखंडी स्वाद वाली भुट्टे की सब्जी, उंगलियां चाटते रह जाएंगे मेहमान

बारिश के दिनों में बघेलखंड का पारंपरिक भुट्टे का साग स्वाद और खुशबू का मेल है, जिसे सतना और रीवा जैसे क्षेत्रों में बेहद पसंद किया जाता है। जानिए इसे बनाने की आसान और प्रामाणिक विधि जिससे आप भी घर पर यह देसी जायका ले सकें।

मानसून और बघेलखंड का गहरा रिश्ता

बरसात का मौसम शुरू होते ही बाजारों में ताजे और मुलायम भुट्टों की रौनक बढ़ जाती है। बघेलखंड क्षेत्र के रीवा, सतना और आसपास के गांवों में इस दौरान रसोई का माहौल पूरी तरह बदल जाता है। यहाँ की एक बेहद प्रसिद्ध और पारंपरिक डिश है भुट्टे की सब्जी, जिसे सिर्फ एक भोजन नहीं बल्कि सावन के मौसम की एक विशिष्ट पहचान माना जाता है। हल्की तीखी ग्रेवी में डूबी हुई भुट्टे की कुरकुरी बड़ियां और इसमें इस्तेमाल होने वाले देसी मसालों की महक लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है।

पीढ़ियों से चली आ रही खास परंपरा

स्थानीय निवासी मीना द्विवेदी के अनुसार, यह रेसिपी सदियों से बघेलखंड के घरों में बड़े चाव से बनाई जाती है। पुराने समय में जब किसान अपने खेतों से मक्का तोड़कर लाते थे, तो तुरंत उसी से यह सब्जी तैयार की जाती थी। हालांकि आज के समय में भी यह परंपरा पूरी तरह जीवित है। मीना द्विवेदी का मानना है कि इस सब्जी का असली और नैसर्गिक स्वाद तभी मिलता है जब आप बिल्कुल ताजे और दूधिया भुट्टों का चयन करते हैं। इसलिए सब्जी बनाने के लिए हमेशा नरम भुट्टे चुनना ही सबसे पहली शर्त है।

बड़ियों को बनाने की चरणबद्ध प्रक्रिया

इस व्यंजन को तैयार करने की शुरुआत ताजे भुट्टों से की जाती है। सबसे पहले भुट्टों को छीलकर साफ कर लें और कद्दूकस की मदद से कस लें। आप चाहें तो इन्हें मिक्सी में भी पीस सकते हैं, लेकिन ध्यान रखें कि इन्हें बिना पानी डाले ही हल्का दरदरा रखना है। अब इस मिश्रण में दो से तीन बड़े चम्मच बेसन, एक चुटकी हींग, आधा चम्मच अजवाइन, बारीक कटी हुई हरी मिर्च, पर्याप्त मात्रा में हरा धनिया, आधा चम्मच हल्दी, स्वादानुसार लाल मिर्च पाउडर और नमक मिलाएं।

इन सभी सामग्रियों को अच्छी तरह गूंथ लें। ध्यान रखें कि मिश्रण इतना गाढ़ा होना चाहिए कि हाथ से आसानी से गोल या चपटी बड़ियां बनाई जा सकें। अब एक कड़ाही में पर्याप्त मात्रा में सरसों का तेल या अपनी पसंद का रिफाइंड तेल गर्म करें। मिश्रण की छोटी-छोटी बड़ियां बनाएं और मध्यम आंच पर इन्हें सुनहरा और कुरकुरा होने तक डीप फ्राई करें। जब ये बड़ियां तैयार हो जाएं, तो इन्हें एक प्लेट में निकालकर अलग रख दें।

स्वादिष्ट और चटपटी ग्रेवी कैसे बनाएं

बड़ियों को तलने के बाद कड़ाही में थोड़ा तेल रहने दें। अब इसमें जीरा, राई, तेजपत्ता, तेजपत्ता और एक चुटकी हींग का तड़का लगाएं। जब तड़का चटकने लगे, तो बारीक कटा हुआ प्याज डालें और उसे सुनहरा होने तक भूनें। इसके बाद अदरक और लहसुन का पेस्ट डालें और इसे तब तक भूनें जब तक कि उसका कच्चापन पूरी तरह खत्म न हो जाए। अब इसमें टमाटर की प्यूरी डालें। साथ ही हल्दी, धनिया पाउडर, कश्मीरी लाल मिर्च और गरम मसाला मिलाकर धीमी आंच पर मसाले को पकाएं। मसाला तब तक भूनें जब तक तेल सतह पर न दिखने लगे। यदि आप ग्रेवी को ज्यादा रिच और क्रीमी बनाना चाहते हैं, तो इसमें दो चम्मच फेंटा हुआ दही या काजू का पेस्ट भी मिलाया जा सकता है।

बड़ियों को ग्रेवी में पकाने का सही तरीका

जब मसाला अच्छी तरह पक जाए, तब जरूरत के हिसाब से गुनगुना पानी डालें ताकि एक सही गाढ़ी ग्रेवी तैयार हो सके। ग्रेवी में उबाल आने के बाद, पहले से तली हुई भुट्टे की बड़ियों को इसमें डाल दें। अब कड़ाही को ढककर धीमी आंच पर 5 से 7 मिनट तक पकने दें। इस प्रक्रिया से बड़ियां ग्रेवी के तमाम जायके को सोख लेंगी और बहुत ही नरम व स्वादिष्ट हो जाएंगी। अंत में इसमें आधा छोटा चम्मच कसूरी मेथी और बारीक कटा हरा धनिया डालकर सजाएं। आप चाहें तो ऊपर से एक चम्मच शुद्ध देसी घी भी डाल सकते हैं, जो इसके स्वाद को दोगुना कर देगा।

किन चीजों के साथ परोसें

भुट्टे की यह लाजवाब सब्जी गरमागरम पराठों, पूरी या सादी रोटी के साथ बहुत ही स्वादिष्ट लगती है। कई घरों में इसे बाजरे की रोटी या उबले हुए चावल के साथ भी परोसा जाता है। यदि आप बारिश के दौरान किसी पारंपरिक और देसी स्वाद की तलाश में हैं, तो यह रेसिपी आपके लिए एकदम सही विकल्प है। यह सब्जी न केवल कम मसालों में तैयार होती है बल्कि आपके पूरे घर में सावन की महक बिखेर देती है। एक बार इस विधि से सब्जी बनाकर देखें, यकीनन घर के सदस्य आपसे इसकी रेसिपी जरूर पूछेंगे।

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