MP में बदला मौसम का मिज़ाज: 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, भोपाल-उज्जैन में 60Km की आंधी और तेज बारिश की चेतावनी

मध्य प्रदेश में प्री-मानसून सक्रिय होने से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की चेतावनी जारी की गई है। गुना, सीहोर समेत 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट है, जबकि भोपाल और इंदौर सहित कई जिलों में बारिश के आसार हैं।

मध्य प्रदेश में इन दिनों प्री-मानसून गतिविधियां पूरे जोर पर हैं और इसी के चलते मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की चेतावनी जारी की है। गुना, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, देवास, हरदा और बैतूल में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है, जबकि भोपाल और इंदौर समेत कई जिलों में बारिश होने की संभावना जताई गई है। बीते 24 घंटे में 20 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश दर्ज की जा चुकी है और शनिवार को भी ऐसा ही माहौल बने रहने के आसार हैं।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार तीन चक्रवाती सर्कुलेशन के सक्रिय होने की वजह से पूरे प्रदेश में मौसमी उठापटक जारी है। ऐसे में किसानों, यात्रियों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि गरज-चमक के साथ चलने वाली तेज हवाएं फसलों और यातायात दोनों पर असर डाल सकती हैं।

पश्चिमी और मध्य मध्य प्रदेश में थंडरस्टॉर्म का असर

आईएमडी भोपाल के मुताबिक पश्चिमी और मध्य मध्य प्रदेश में थंडरस्टॉर्म की गतिविधियां बढ़ी हुई हैं। गुना और सीहोर जैसे जिलों में ऑरेंज अलर्ट के तहत 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और भारी बारिश की आशंका है। भोपाल में देर शाम तेज आंधी के साथ बारिश हुई और शनिवार को भी यहां बूंदाबांदी संभावित है। इंदौर में भी मौसम बदला हुआ रहेगा।

प्रदेशभर में प्री-मानसून गतिविधियां तेज होने से लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि बदलते मौसम के बीच आईएमडी ने किसानों के लिए सलाह भी जारी की है। तापमान में गिरावट जरूर आई है, लेकिन आर्द्रता बढ़ने से उमस भरी गर्मी का अहसास बना रहेगा। मानसून के 20 से 22 जून के आसपास पहुंचने की संभावना है, ऐसे में यह प्री-मानसून बारिश खरीफ फसलों की तैयारी के लिहाज से अच्छी मानी जा रही है, लेकिन तेज आंधी मुसीबत भी खड़ी कर सकती है।

ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में बरतें सावधानी

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में सक्रिय मौसमी प्रणालियों और अरब सागर से आ रही नमी के कारण वातावरण में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। यही कारण है कि राजधानी भोपाल समेत कई जिलों में बादलों की आवाजाही बढ़ेगी और कहीं-कहीं तेज बारिश भी हो सकती है। गुना, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, देवास, हरदा और बैतूल में जारी ऑरेंज अलर्ट के तहत इन जिलों में 60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं, गरज-चमक और तेज बारिश की आशंका है।

इस दौरान पेड़ गिरने और यातायात बाधित होने का खतरा बना हुआ है। प्री-मानसून बारिश खरीफ फसलों के लिए फायदेमंद जरूर है, लेकिन ओले या तेज हवाओं से नुकसान का अंदेशा भी है। इसी वजह से किसानों को अपनी खड़ी फसलों की सुरक्षा करने की सलाह दी गई है।

जिलेवार अलर्ट और हवाओं की संभावित रफ्तार

  • गुना: ऑरेंज अलर्ट, तेज आंधी और बारिश, हवाओं की रफ्तार 40-60 kmph
  • सीहोर: ऑरेंज अलर्ट, गरज-चमक और बारिश, हवाओं की रफ्तार 50-60 kmph
  • भोपाल: येलो अलर्ट, बारिश और आंधी, हवाओं की रफ्तार 30-50 kmph
  • इंदौर: येलो अलर्ट, हल्की बारिश और हवाएं, हवाओं की रफ्तार 30-50 kmph
  • विदिशा: ऑरेंज अलर्ट, मध्यम बारिश, हवाओं की रफ्तार 40-60 kmph

भोपाल-इंदौर समेत 40 से ज्यादा जिलों में बारिश के आसार

भोपाल, इंदौर, रायसेन, राजगढ़, धार, खंडवा, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर और जबलपुर समेत 40 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश के आसार बने हुए हैं। भोपाल में शाम के समय बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने तेज आंधी के दौरान घर से बाहर न निकलने, पेड़ों के नीचे खड़े न होने और बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को डिहाइड्रेशन से बचने की हिदायत दी है।

तापमान में गिरावट, पचमढ़ी रहा सबसे ठंडा

आंधी और बारिश के असर से प्रदेश में तापमान नीचे लुढ़क गया है। श्योपुर में 32 डिग्री और पचमढ़ी में 34.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 35.5, इंदौर में 35.1 और ग्वालियर में 37.9 डिग्री तापमान रहा।

खराब मौसम में किसानों और आम लोगों के लिए जरूरी सुझाव

मौसम बिगड़ने पर किसान सबसे पहले क्या करें? खड़ी फसल की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम करें। जहां संभव हो वहां समय पर फसल की कटाई करें और उसे सुरक्षित ढंग से ढककर रखें।

पशुपालकों के लिए सलाह: पशुधन को सुरक्षित स्थानों पर रखें और आंधी, बारिश व ओलावृष्टि के दौरान उन्हें खुले में न छोड़ें।

कच्चे मकान और शेड को लेकर सावधानी: कच्चे मकान, टीन शेड और अस्थायी संरचनाओं को मजबूत करें, क्योंकि तेज हवा और बारिश से इन्हें नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है।

वाहन मालिक क्या करें? वाहनों को ढके हुए स्थान या गैरेज में खड़ा करें ताकि ओलावृष्टि और तेज हवा से उन्हें नुकसान न हो।

ओलावृष्टि के दौरान आम लोगों के लिए सलाह: घर के भीतर रहें और खुले मैदान, सड़क व अन्य खुले स्थानों पर जाने से बचें।

आंधी-तूफान में किनसे दूरी बनाएं? पेड़ों, बिजली के खंभों, कमजोर दीवारों, टीन शेड और अस्थायी ढांचों के पास खड़े होने से बचें।

खेत में काम को लेकर किसानों के लिए सलाह: आंधी, बिजली चमकने और ओलावृष्टि के दौरान खुले खेतों में काम न करें और मौसम सामान्य होने के बाद ही खेतों में जाएं।

फसलों को सबसे ज्यादा खतरा किससे? तेज हवा, भारी बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है, इसलिए पहले से सुरक्षा उपाय करना जरूरी है।

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