कड़कनाथ मुर्गी पालन: केवल 1100 रुपये के निवेश में शुरू करें अपना बिजनेस, सरकार दे रही है 75 प्रतिशत सब्सिडी

मध्य प्रदेश सरकार कड़कनाथ मुर्गी पालन को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष योजना चला रही है, जिसमें लाभार्थियों को 75 प्रतिशत सब्सिडी पर चूजे और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।

कड़कनाथ पालन: कम निवेश में मुनाफे का शानदार मौका

यदि आप किसी नए और कम लागत वाले व्यवसाय की तलाश में हैं, तो मध्य प्रदेश सरकार की कड़कनाथ मुर्गी चूजे प्रदाय योजना आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है। झाबुआ की प्रसिद्ध कड़कनाथ नस्ल, जिसे अपनी अनूठी विशेषताओं और पोषक तत्वों के कारण जीआई टैग भी प्राप्त है, अब राज्य के पशुपालकों और युवाओं के लिए कमाई का जरिया बन रही है। इस योजना के तहत राज्य का पशुपालन विभाग मुर्गी पालकों को भारी छूट प्रदान कर रहा है, जिससे वे अपने छोटे स्तर पर बिजनेस की शुरुआत कर सकते हैं।

सब्सिडी का पूरा गणित

जिला पशु चिकित्सालय की योजना शाखा प्रभारी मानसी सिंह ने जानकारी दी कि सरकार इस योजना के जरिए पशुपालन को प्रोत्साहित करना चाहती है। इस मुर्गी पालन यूनिट की कुल लागत 4400 रुपये निर्धारित की गई है। सरकार इस लागत पर 75 प्रतिशत की सब्सिडी सीधे दे रही है। इसका अर्थ यह है कि लाभार्थी को अपने पास से केवल 25 प्रतिशत राशि, यानी मात्र 1100 रुपये का भुगतान करना होगा। बाकी की 3300 रुपये की राशि का वहन सरकार द्वारा किया जाएगा।

1100 रुपये में क्या-क्या मिलेगा?

इस योजना के तहत आपको जो किट प्रदान की जाएगी, उसमें न केवल चूजे शामिल हैं, बल्कि उनके पालन-पोषण के लिए जरूरी सभी संसाधन भी उपलब्ध हैं। 1100 रुपये के भुगतान पर आपको निम्नलिखित सुविधाएं मिलेंगी:

  • 28 दिन के 40 स्वस्थ कड़कनाथ चूजे।
  • 58 किलो शुरुआती मुर्गी दाना।
  • मुर्गियों के लिए आवश्यक दवाइयां और समय पर वैक्सीनेशन।
  • चूजों को आपके घर तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए परिवहन की सुविधा।

यह किट शुरुआती चरण में होने वाले खर्च और जोखिम को काफी हद तक कम कर देती है, जिससे नए उद्यमियों को काफी मदद मिलती है।

कड़कनाथ की बाजार में जबरदस्त मांग

कड़कनाथ मुर्गी अपनी विशिष्टता के लिए जानी जाती है। इसका मांस काले रंग का होता है और इसमें औषधीय गुण भी पाए जाते हैं, जिसके कारण बाजार में इसकी हमेशा भारी मांग रहती है। कड़कनाथ का मांस बाजार में 600 रुपये से लेकर 1200 रुपये प्रति किलो तक आसानी से बिक जाता है। इसके अलावा, इनमें अन्य देसी मुर्गियों की तुलना में रोग प्रतिरोधक क्षमता कहीं अधिक होती है, जिससे इनका पालन करना अपेक्षाकृत आसान और कम जोखिम भरा होता है। ये स्थानीय वातावरण के अनुसार आसानी से खुद को ढाल लेती हैं।

कौन उठा सकता है योजना का लाभ?

इस सरकारी योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ मुख्य शर्ते निर्धारित की गई हैं:

  • आवेदक का मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना अनिवार्य है।
  • सरकार ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के बेरोजगार युवाओं, छोटे किसानों और सीमांत किसानों को इस योजना में प्राथमिकता दे रही है।
  • आवेदक की रुचि मुर्गी पालन के क्षेत्र में होनी चाहिए।
  • आवेदक के पास 40 चूजों को सुरक्षित रखने के लिए एक छोटा शेड या घर के पास पर्याप्त खाली स्थान होना चाहिए ताकि चूजों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।

आवेदन करने की प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज

इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑफलाइन है। इच्छुक व्यक्ति को अपने जिले के निकटतम सरकारी पशु चिकित्सालय, पशु औषधालय या उप-संचालक के कार्यालय में जाकर आवेदन फॉर्म भरना होगा। आवेदन के समय निम्नलिखित दस्तावेजों को साथ संलग्न करना आवश्यक है:

  • आधार कार्ड की प्रति।
  • मध्य प्रदेश का मूल निवास प्रमाण पत्र।
  • जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)।
  • बैंक पासबुक की फोटोकॉपी।
  • एक पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ।
  • मुर्गियां रखने के स्थान के दस्तावेज (खसरा-खतौनी या शेड संबंधी जानकारी)।

आवेदन जमा होने के बाद पशुपालन विभाग द्वारा दस्तावेजों और पात्रता की जांच की जाएगी। चयन प्रक्रिया पूरी होने पर आवेदक को सूचित किया जाएगा, जिसके बाद मात्र 1100 रुपये जमा करके वे कड़कनाथ चूजे और किट प्राप्त कर सकते हैं। यह योजना उन लोगों के लिए एक सुनहरा अवसर है जो आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं और अतिरिक्त आय के स्रोत की तलाश में हैं।

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