जयपुर की हवेली में खजाने का रहस्य
जयपुर शहर में हाल ही में एक ऐसी घटना घटी है जिसने सबको हैरान कर दिया है। अक्सर हम फिल्मों या कहानियों में सुनते हैं कि पुरानी इमारतों या हवेली की नींव में हमारे पूर्वज खजाना छुपाकर जाते थे, लेकिन जयपुर के माणक चौक थाना इलाके में यह बात सच साबित हुई। यहाँ एक पैतृक हवेली में चल रहे रिनोवेशन कार्य के दौरान मजदूरों को अचानक चांदी का खजाना हाथ लग गया। इस घटना में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब हवेली में काम कर रहे लोगों ने ईमानदारी दिखाने के बजाय उस चांदी के खजाने को ही आपस में बांट लिया। अब माणक चौक पुलिस ने इस पूरे मामले में कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
मरम्मत के दौरान मिली 66.400 किलो चांदी
जानकारी के अनुसार, हवेली मालिक द्वारा निर्माण कार्य का ठेका दिया गया था। रिनोवेशन के दौरान जब मजदूर पुरानी दीवारों और निर्माण को हटा रहे थे, तभी उन्हें भारी मात्रा में चांदी के बर्तन और अन्य सामग्री मिली। शुरुआती जांच और पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, बरामद हुई कुल चांदी का वजन 66.400 किलो है। इतनी बड़ी मात्रा में चांदी मिलने की खबर जैसे ही सामने आई, इलाके में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। आरोप है कि जैसे ही कामगारों को यह चांदी मिली, उनका मन बदल गया और उन्होंने इसे बिना मालिक को सूचित किए ही आपस में बांटने का फैसला किया।
पुलिस ने कैसे सुलझाया मामला
इस पूरे मामले की शिकायत राहुल सेठी द्वारा पुलिस में दर्ज कराई गई थी। राहुल सेठी की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर माणक चौक थाना पुलिस ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए जांच शुरू की। यह मामला थोड़ा जटिल था क्योंकि घटना रिनोवेशन के दौरान हुई थी और इसमें शामिल लोगों ने पूरी योजना बनाकर खजाने को छुपाया था। पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती इस कड़ी को जोड़ना था कि चांदी असल में मिली कहां थी और उसे किन-किन लोगों ने आपस में बांटा। काफी मशक्कत और पूछताछ के बाद पुलिस ने तथ्यों को जुटाया और मामले से जुड़े पांच संदिग्धों को धर दबोचा।
ठेकेदार और साथियों की मिलीभगत
जांच में जो सबसे गंभीर बात निकलकर सामने आई, वह यह है कि इस पूरी चोरी और चांदी के बंटवारे के पीछे मुख्य रूप से ठेकेदार और उसके करीबी साथियों का हाथ था। पुलिस का आरोप है कि रिनोवेशन का काम देख रहे ठेकेदार ने ही अपने मजदूरों के साथ मिलकर मिली हुई चांदी को गुप्त तरीके से आपस में बांट लिया था। माणक चौक पुलिस फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या कोई और व्यक्ति भी इस चोरी में शामिल था या फिर इसे पूरी तरह से ठेकेदार के इशारे पर ही अंजाम दिया गया था।
अभी भी जांच जारी है
हालांकि चांदी हवेली के किस विशेष हिस्से में छुपी थी और उसे बाहर निकालने की प्रक्रिया क्या रही, इसे लेकर पुलिस अभी आधिकारिक तौर पर अधिक जानकारी साझा नहीं कर रही है। मामला काफी संवेदनशील है क्योंकि यह एक पुरानी पैतृक संपत्ति से जुड़ा है और इसमें मिलने वाली वस्तुएं ऐतिहासिक या बहुमूल्य हो सकती हैं। पुलिस फिलहाल इस बात की जांच कर रही है कि जब्त की गई चांदी को किस तरह ठिकाने लगाने की तैयारी थी। गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपियों से पूछताछ का सिलसिला जारी है ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके। यह घटना निश्चित रूप से जयपुर के उन लोगों के लिए एक सीख है जो पुरानी संपत्तियों का रिनोवेशन करवा रहे हैं, कि वे काम के दौरान अपनी निगरानी जरूर रखें।
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