रांची में छात्रों का आंदोलन जारी
झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं को लेकर छात्रों का प्रदर्शन आज 15वें दिन भी जारी है। छात्र अपनी मांगों को लेकर लगातार सरकार पर दबाव बनाए हुए हैं। इस गतिरोध को खत्म करने के लिए झारखंड सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए चार मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी है। सरकार की ओर से नियुक्त इन चार मंत्रियों ने मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में छात्र प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात की और उनकी मांगों पर विस्तार से चर्चा की।
बातचीत में शामिल मंत्री और वर्तमान स्थिति
छात्रों के साथ हुई इस बैठक में सुदिव्य कुमार, दीपिका पांडे सिंह, संजय प्रसाद यादव और चमरा लिंडा शामिल थे। हालांकि, इस उच्चस्तरीय संवाद के बाद भी अभी तक कोई ठोस सहमति नहीं बन सकी है। सरकार ने छात्रों को आश्वासन दिया है कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा, लेकिन फिलहाल किसी अंतिम निर्णय की घोषणा नहीं की गई है। सरकार के इन चार प्रतिनिधियों के पास विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी है।
मंत्री सुदिव्य कुमार का परिचय
झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता सुदिव्य कुमार गिरिडीह निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं। उनके पास राज्य के कई प्रमुख विभागों का जिम्मा है, जिनमें शहरी विकास एवं आवास विभाग, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के साथ ही पर्यटन, कला-संस्कृति, खेल एवं युवा कार्य विभाग शामिल हैं। उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा विभाग का प्रभार होने के कारण छात्र आंदोलन में उनकी भूमिका काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
दीपिका पांडे सिंह की पृष्ठभूमि
कांग्रेस की विधायक दीपिका पांडे सिंह महागामा सीट का प्रतिनिधित्व करती हैं। राज्य सरकार में उन्हें ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य और पंचायती राज विभाग की अहम जिम्मेदारी दी गई है। यदि उनके शैक्षणिक बैकग्राउंड की बात करें, तो उन्होंने रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से जियोलॉजी में बीएससी की है। इसके अलावा, उन्होंने XISS रांची से सूचना प्रबंधन में पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा और जमशेदपुर के को-ऑपरेटिव कॉलेज से कानून की डिग्री यानी एलएलबी प्राप्त की है।
संजय प्रसाद यादव के पास कौन से विभाग हैं
राष्ट्रीय जनता दल से संबंध रखने वाले संजय प्रसाद यादव सरकार में श्रम, रोजगार, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास और उद्योग विभाग देख रहे हैं। जेपीएससी और जेएसएससी आंदोलन के दृष्टिकोण से उनका मंत्रालय सबसे अधिक प्रासंगिक है, क्योंकि छात्रों की मुख्य शिकायतें रोजगार के अवसरों और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता से जुड़ी हुई हैं।
चमरा लिंडा का राजनीतिक सफर
झारखंड मुक्ति मोर्चा के टिकट पर बिशुनपुर से विधायक चुने गए चमरा लिंडा वर्तमान में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग संभाल रहे हैं। अपने 2024 के चुनावी हलफनामे के अनुसार, उन्होंने वर्ष 1992 में सिली कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा मैट्रिक और इंटर के माध्यम से संपन्न की थी। इन चार मंत्रियों का दल अब सरकार और छात्रों के बीच एक सेतु की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है।
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