दिल्ली का मौसम: 7 अगस्त की मूसलाधार बारिश के बाद क्या आज भी जारी रहेगा कहर, जानें IMD का लेटेस्ट अपडेट

दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार को हुई भारी बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया था। अब भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने शनिवार, 8 अगस्त 2026 के लिए मौसम का नया पूर्वानुमान जारी किया है।

दिल्‍ली में कुदरत का कहर

शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों जैसे नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद में ऐसी मूसलाधार बारिश हुई कि हर तरफ थम सा गया। सड़कों पर पानी भरने से यातायात व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई और लोग अपने ही घरों में कैद होने को मजबूर हो गए। ऐसा मंजर देखने को मिला जैसे कुदरत ने खुद ही शहर में लॉकडाउन लगा दिया हो। गाड़ियां सड़कों पर रेंगती नजर आईं और जो लोग घर से बाहर थे, वे जाम के कारण घंटों तक फंसे रहे। अब लोगों के मन में यह सवाल है कि क्या वीकेंड पर भी यह स्थिति बनी रहेगी या उन्हें राहत मिलेगी। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने 8 अगस्त 2026 के लिए अपना ताजा पूर्वानुमान जारी कर दिया है।

वीकेंड पर कैसा रहेगा मिजाज

मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार, 8 अगस्त 2026 को दिल्ली-एनसीआर में बारिश का सिलसिला जारी रहने की पूरी संभावना है। हालांकि, शुक्रवार जैसी आफत वाली मूसलाधार बारिश के मुकाबले शनिवार को हल्की से मध्यम स्तर की बारिश होने का अनुमान है। इसका सीधा अर्थ यह है कि इस सप्ताहांत पर बारिश का साया बरकरार रहेगा। मौसम विभाग ने पहले ही चेतावनी दी थी कि मानसून की सक्रियता के कारण दिल्ली के निवासियों को सतर्क रहना होगा।

दमकल विभाग को मिलीं 206 कॉल

लगातार हुई बारिश का असर दिल्ली के बुनियादी ढांचे पर भी साफ दिखा। दमकल विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार को दिन से लेकर देर रात तक विभाग को 206 से अधिक आपातकालीन कॉल प्राप्त हुईं। इनमें जलभराव, आग लगने, पेड़ों के गिरने और छज्जों के गिरने जैसी शिकायतें शामिल थीं। विभाग की जानकारी के अनुसार, दिल्ली में कुल 29 पेड़ उखड़ने की घटनाएं सामने आईं, जबकि घरों की छत या छज्जे गिरने की 14 कॉल दर्ज की गईं। राहत की बात यह रही कि इन सभी हादसों में कोई जनहानि नहीं हुई है।

15 साल का रिकॉर्ड टूटा

राजधानी में अगस्त के पहले सप्ताह में हुई बारिश ने पिछले 15 सालों के सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग के डेटा के अनुसार, 1 अगस्त से 7 अगस्त के बीच दिल्ली में कुल 127 मिमी बारिश दर्ज की गई है। साल 2011 के बाद से इस विशेष अवधि में यह सबसे अधिक बारिश का आंकड़ा है। शुक्रवार को विभिन्न मौसम केंद्रों पर दर्ज की गई बारिश की मात्रा इस प्रकार रही: पुष्प विहार में 111.5 मिमी, छतरपुर में 104.5 मिमी, आयानगर में 87.4 मिमी, पालम में 73.5 मिमी, जनकपुरी में 68 मिमी और सफदरजंग में 57.3 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं, शाम के समय मयूर विहार में 24 मिमी और पुष्प विहार में 19 मिमी वर्षा दर्ज हुई।

आखिर क्यों बरस रहे हैं बादल

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि दिल्ली में इस व्यापक बारिश के पीछे कई मौसमी कारणों का संगम है। इसमें सक्रिय मानसून ट्रफ, दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र, उससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण और पश्चिमी विक्षोभ का संयुक्त प्रभाव मुख्य रूप से जिम्मेदार है। हालांकि, IMD ने यह भी उम्मीद जताई है कि शनिवार के बाद बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आएगी और आने वाले दो दिनों में केवल हल्की बारिश ही देखने को मिलेगी। तेज बारिश के कारण दिल्ली के तापमान में भी काफी गिरावट दर्ज की गई है। सफदरजंग केंद्र पर अधिकतम तापमान 27.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 6.7 डिग्री सेल्सियस कम है।

उड़ानों पर असर और एयरपोर्ट की स्थिति

दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर भी शुक्रवार के खराब मौसम का बड़ा असर पड़ा। खराब दृश्यता, एयर ट्रैफिक की भीड़ और मौसम संबंधी पाबंदियों के कारण उड़ानों का संचालन बुरी तरह बाधित रहा। एयरपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार, कुल 652 उड़ानें देरी से चलीं, जो कुल उड़ानों का करीब 48 प्रतिशत हिस्सा है। इसके अलावा 17 उड़ानों को रद्द करना पड़ा। शुक्रवार रात तक औसतन उड़ानों में 25 मिनट की देरी दर्ज की गई। एयरलाइंस ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे एयरपोर्ट के लिए घर से निकलने से पहले अपनी उड़ान का लेटेस्ट स्टेटस जरूर चेक कर लें ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।

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