नवादा में दिल दहला देने वाला हादसा: करंट लगने से मां और 3 साल की मासूम बेटी की दर्दनाक मौत

बिहार के नवादा जिले में बिजली के खुले तार ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया। खेलते समय बच्ची को करंट लगा और उसे बचाने के चक्कर में मां ने भी अपनी जान गंवा दी।

नवादा में बिजली के तार ने ली दो जिंदगियां

बिहार के नवादा जिले में एक बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ पर लापरवाही का शिकार होकर एक मां और उसकी तीन साल की मासूम बेटी ने दम तोड़ दिया। यह मामला जिले के सिरदला प्रखंड के अंतर्गत आने वाले परनाडाबर थाना क्षेत्र का है। बिजली के एक खुले और लटकते हुए तार की चपेट में आने से परिवार की खुशियां पल भर में मातम में बदल गईं। हादसे के समय घर पर मौजूद मासूम बेटे की चीखें सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हुए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

खेल-खेल में हुआ जानलेवा हादसा

मिली जानकारी के अनुसार, परनाडाबर गांव के निवासी राजेश मांझी की पत्नी 25 वर्षीय रानी देवी अपनी 3 साल की बेटी दुलारी कुमारी के साथ घर पर थीं। दुलारी घर के बाहर सड़क किनारे खेल रही थी। उसी समय वहां से गुजर रही बिजली की लाइन का एक टूटा हुआ तार नीचे झूल रहा था। बच्ची को खेल-खेल में उस तार की जानकारी नहीं थी और उसने अचानक उस तार को पकड़ लिया। तार में बिजली का करंट दौड़ रहा था, जिससे बच्ची तुरंत उसकी चपेट में आ गई और बुरी तरह झुलसने लगी।

बचाने पहुंची मां की भी गई जान

अपनी बेटी को तड़पता देखकर रानी देवी घबरा गईं और उसे बचाने के लिए दौड़ पड़ीं। उन्होंने बिना सोचे-समझे बच्ची को करंट के तार से छुड़ाने की कोशिश की। इसी प्रयास में वह खुद भी बिजली के जोरदार झटके की चपेट में आ गईं। करंट का प्रवाह इतना घातक था कि मां और बेटी दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घर के पास मौजूद करीब 5 साल के बेटे ने जब अपनी मां और बहन को तड़पते देखा, तो वह जोर-जोर से चिल्लाने लगा। उसकी आवाज़ सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े।

बिजली विभाग की लापरवाही पर ग्रामीणों में आक्रोश

ग्रामीणों ने फौरन बिजली विभाग के अधिकारियों को सूचना देकर इलाके की बिजली आपूर्ति बंद करवाई। लेकिन तब तक काल अपना काम कर चुका था। ग्रामीणों के अनुसार, बिजली का तार काफी समय से नीचे झूल रहा था, जिसे समय रहते ठीक नहीं किया गया। घटना की सूचना मिलते ही परनाडाबर थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। थाना अध्यक्ष हरिकांत कुमार ने बताया कि पुलिस ने तुरंत दोनों शवों को कब्जे में लिया और पंचनामा की कार्रवाई शुरू की।

पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए शव

पुलिस ने मां और बेटी के शवों को पोस्टमार्टम के लिए नवादा सदर अस्पताल भेज दिया है। इस हादसे के बाद पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया है और राजेश मांझी का परिवार गहरे सदमे में है। पुलिस अब इस मामले की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है ताकि घटना के कारणों की विधिवत जांच की जा सके। प्रशासन की ओर से इस दुखद हादसे के बाद इलाके में सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरतने की बात कही गई है।

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