मुंबई से पटना लाया गया आरोपी
बिहार लोक सेवा आयोग की सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी भर्ती परीक्षा के दौरान हुए पेपर लीक कांड में आर्थिक अपराध इकाई ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। जांच एजेंसी ने मुंबई स्थित भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र से रोशन कुमार नामक आरोपी को हिरासत में लिया है। रोशन वहां तकनीकी सहायक के तौर पर कार्यरत था और उसने पिछले साल अगस्त के महीने में ही अपना पदभार संभाला था। आर्थिक अपराध इकाई की एक विशेष जांच टीम ने बुधवार देर रात आरोपी को मुंबई से हिरासत में लिया और उसे कड़ी सुरक्षा के बीच पटना लेकर आई है।
पूछताछ और रिमांड की स्थिति
आरोपी के पटना पहुंचते ही आर्थिक अपराध इकाई ने उससे कड़ाई से पूछताछ शुरू कर दी है। अदालत ने जांच टीम को आरोपी की रिमांड के लिए शुक्रवार तक का समय दिया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि पूछताछ की सभी कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद शनिवार को रोशन कुमार को न्यायिक हिरासत में पटना स्थित बेउर जेल भेज दिया जाएगा। जांच का मुख्य केंद्र इस बात पर टिका है कि परीक्षा शुरू होने से पहले ही गोपनीय प्रश्न पत्र और उसकी उत्तर कुंजी आखिर आरोपी तक कैसे पहुंची।
सॉल्वर गिरोह और बायोमीट्रिक की भूमिका
पुलिस की पूछताछ में रोशन कुमार ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपी ने स्वीकार किया है कि पेपर लीक करने में उसने परीक्षा केंद्र पर तैनात बायोमीट्रिक कर्मियों की मदद ली थी। इसके अलावा, उसने उस सॉल्वर गिरोह के कुछ मुख्य सदस्यों के नाम भी जांच अधिकारियों को बताए हैं, जो उसे उत्तर कुंजी उपलब्ध कराने में शामिल थे। रोशन द्वारा दिए गए नामों के आधार पर आर्थिक अपराध इकाई की टीमें अब अपनी जांच का दायरा बढ़ा रही हैं।
आगे की कार्रवाई
वर्तमान में पुलिस इन सभी जानकारियों का सत्यापन कर रही है ताकि इस पूरे रैकेट के पीछे काम कर रहे नेटवर्क का पूरी तरह से पर्दाफाश किया जा सके। जांच टीम इस बात का भी पता लगा रही है कि इस धांधली में और कौन-कौन से चेहरे शामिल हो सकते हैं। पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी के बाद पेपर लीक कांड से जुड़े कई अन्य अहम सुराग हाथ लग सकते हैं, जिससे मामले की जड़ तक पहुंचना आसान होगा।
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