मिथिलांचल में गन्ने की खेती को मिलेगी नई रफ्तार
दरभंगा जिले में स्थित रैयाम चीनी मिल को एक बार फिर से शुरू करने की दिशा में सरकारी स्तर पर तेजी से काम चल रहा है। एक समय था जब मिथिलांचल के बड़े हिस्से में गन्ने की पैदावार मुख्य व्यवसाय हुआ करता था, लेकिन समय के साथ चीनी मिलों के बंद होने और बाजार की कमी के कारण किसानों ने इस खेती से मुंह मोड़ लिया था। अब सरकार की नई पहल के चलते इस क्षेत्र में फिर से गन्ने की फसल लहलहाने की उम्मीदें जगी हैं। चीनी मिल के संचालन को लेकर विभाग की सक्रियता बढ़ गई है और किसानों को अब गन्ने की खेती के लिए फिर से प्रोत्साहित किया जा रहा है।
गन्ना आईडी रजिस्ट्रेशन अभियान
मिल शुरू होने के साथ ही किसानों को सरकारी सुविधाओं का लाभ मिल सके, इसके लिए गन्ना विभाग द्वारा विशेष रूप से गन्ना आईडी रजिस्ट्रेशन अभियान चलाया जा रहा है। विभाग का मानना है कि यदि किसान समय रहते अपना पंजीकरण पूरा कर लेते हैं, तो मिल के चालू होते ही उन्हें भुगतान और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में कोई अड़चन नहीं आएगी। दरभंगा के सहायक निदेशक, गन्ना, अमित कुमार ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मिल के सुचारू संचालन की तैयारी की जा रही है और उसके आसपास के क्षेत्रों में गन्ना उत्पादन बढ़ाने पर विभाग का पूरा जोर है।
गन्ना आईडी क्यों है जरूरी
अमित कुमार के अनुसार, गन्ना आईडी का होना उन किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण है जो अपनी फसल की बिक्री और सरकारी अनुदान का लाभ लेना चाहते हैं। जिन किसानों का रजिस्ट्रेशन पूरा होगा, उन्हें ही विभाग की सभी कल्याणकारी योजनाओं का सीधा फायदा मिलेगा। इसके मुख्य लाभों में समय पर उच्च गुणवत्ता वाले बीज प्राप्त करना, खाद के लिए सब्सिडी मिलना और फसल का भुगतान सीधे बैंक खाते में होना शामिल है। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से निशुल्क और सरल है।
रजिस्ट्रेशन कैसे करवाएं
किसान अपनी सुविधा के अनुसार नीचे दी गई दो विधियों में से किसी एक को चुनकर अपना पंजीकरण पूरा कर सकते हैं:
- ऑनलाइन तरीका: किसान गन्ना विभाग की आधिकारिक वेबसाइट ccs.gov.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। पोर्टल पर जाते ही 13 अंकों की डीबीटी आईडी मांगी जाएगी। जैसे ही किसान अपनी डीबीटी आईडी दर्ज करेंगे, उनकी सभी जानकारी स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगी। सभी जानकारियों का मिलान करने के बाद उसे कन्फर्म और सबमिट करते ही आपका गन्ना आईडी तैयार हो जाएगा।
- ऑफलाइन तरीका: यदि किसी किसान को ऑनलाइन आवेदन करने में परेशानी महसूस होती है, तो वे सीधे अपने प्रखंड कृषि कार्यालय में जाकर ब्लॉक एग्रीकल्चर ऑफिसर से संपर्क कर सकते हैं। वहाँ से भी इस आईडी को बनवाने की पूरी सुविधा उपलब्ध है।
किसानों की आय में होगी बढ़ोतरी
रैयाम चीनी मिल का दोबारा खुलना मिथिलांचल के हजारों गन्ना उत्पादकों के लिए आर्थिक तरक्की का नया रास्ता खोल सकता है। विभाग ने सभी संबंधित किसानों से अपील की है कि वे बिना किसी देरी के अपना गन्ना आईडी रजिस्ट्रेशन करवा लें, ताकि सरकारी सहायता उनके सीधे खातों तक पहुँचे और क्षेत्र में फिर से गन्ने की खेती को पुराने गौरव के साथ पुनर्जीवित किया जा सके।
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