तिरंगे को उल्टा पकड़कर विवादों में फंसीं महबूबा मुफ्ती, कानूनी कार्रवाई की तैयारी

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने एक विरोध प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को उल्टा पकड़ लिया, जिसके बाद अब उन पर कानूनी कार्रवाई का खतरा मंडराने लगा है।

महबूबा मुफ्ती के लिए बड़ी मुसीबत

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी यानी PDP की प्रमुख महबूबा मुफ्ती एक नई कानूनी मुश्किल में फंसती हुई नजर आ रही हैं। श्रीनगर में पार्टी के दफ्तर के बाहर विरोध प्रदर्शन के दौरान उनसे एक बड़ी चूक हो गई, जिसके बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। प्रदर्शन के बीच महबूबा मुफ्ती के हाथ में भारत का राष्ट्रीय ध्वज था, लेकिन अनजाने में उन्होंने तिरंगे को उल्टा पकड़ लिया। इस घटना के बाद सरकारी अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे मामले की जांच की जा रही है और तिरंगे के अपमान के तहत उन पर कानूनी कार्रवाई करने की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, बाद में महबूबा मुफ्ती ने तिरंगे को सही दिशा में पकड़ लिया था, लेकिन तब तक यह तस्वीर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन चुकी थी।

क्यों हो रहा था विरोध प्रदर्शन

यह पूरा वाकया उस समय हुआ जब महबूबा मुफ्ती अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और अन्य नेताओं के साथ श्रीनगर में पीडीपी कार्यालय के बाहर धरना दे रहे थीं। प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा अगस्त 2019 में केंद्र सरकार द्वारा लिए गए उस फैसले का विरोध करना था, जिसमें अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35A को हटाकर जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त कर दिया गया था। धरने के दौरान महबूबा मुफ्ती के हाथों में दो झंडे थे, जिनमें एक भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा था और दूसरा पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य का अपना ध्वज था। इसी दौरान तिरंगे को उल्टा पकड़े जाने की गलती हुई, जिसे लेकर अब प्रशासन सख्त रुख अपना सकता है।

फ्लैग कोड ऑफ इंडिया के क्या हैं नियम

फ्लैग कोड ऑफ इंडिया के अनुसार, राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान सर्वोपरि है और इसके प्रदर्शन को लेकर बहुत ही स्पष्ट नियम बनाए गए हैं। तिरंगे को गलत तरीके से प्रदर्शित करना नियमों का उल्लंघन माना जाता है। नियमों के तहत इन बातों का पालन करना अनिवार्य है:

  • तिरंगे में सबसे ऊपर हमेशा केसरिया रंग होना चाहिए।
  • बीच की पट्टी सफेद होनी चाहिए, जिसके केंद्र में 24 तीलियों वाला गहरे नीले रंग का अशोक चक्र अंकित हो।
  • सबसे नीचे वाली पट्टी का रंग हमेशा हरा होना चाहिए।
  • झंडे को किसी भी स्थिति में उल्टा नहीं पकड़ा जा सकता।
  • झंडे का अनुपात सही होना चाहिए और वह कहीं से भी फटा या क्षतिग्रस्त नहीं होना चाहिए।

अधिकारियों का मानना है कि इन नियमों की अनदेखी या गलती से भी हुआ तिरंगे का गलत प्रदर्शन कानूनी दायरे में आता है।

पहले भी विवादों में रही हैं महबूबा मुफ्ती

महबूबा मुफ्ती का विवादों से पुराना नाता रहा है। कुछ समय पहले ही वह दिल्ली के जंतर-मंतर पर दिए गए अपने एक बयान को लेकर सुर्खियों में आई थीं, जिसे लेकर बाद में उन्हें सफाई देनी पड़ी थी। उस दौरान उन्होंने देश के हालात पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि पूरा देश कश्मीर बनता जा रहा है। महबूबा ने युवाओं के साथ हो रहे अन्याय और पेपर लीक जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए सरकार पर निशाना साधा था। हालांकि, उस बयान पर बढ़ते विवाद को देखते हुए उन्होंने बाद में इसे अपनी जुबान फिसलना करार देते हुए खेद जताया था। अब तिरंगे के साथ हुई इस नई घटना ने उनके लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

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