छपरा हिंसा में गंभीर रूप से घायल हुए बीडीओ
बिहार के सारण जिले के मुख्यालय छपरा में हाल ही में हुए हिंसक प्रदर्शनों के दौरान कानून व्यवस्था संभालने में जुटे प्रशासनिक अधिकारियों को निशाना बनाया गया। इस घटना में रिविलगंज के प्रखंड विकास पदाधिकारी यानी बीडीओ रितेश कुमार सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उपद्रवियों द्वारा किए गए जानलेवा हमले में उनके सिर पर गंभीर चोट आई थी, जिसके बाद उन्हें आनन फानन में पटना के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। अस्पताल में डॉक्टरों की एक विशेष टीम ने उनके सिर की क्रिटिकल सर्जरी की है और फिलहाल वे चिकित्सा विशेषज्ञों की निगरानी में हैं।
हिंसा की जड़ और घटना का विवरण
यह पूरी घटना 25 जुलाई की दोपहर करीब 4 बजे की है। नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर अखिल भारतीय छात्र संघ और इनकलाबी नौजवान सभा के समर्थित गुटों ने 'बिहार बंद' का आह्वान किया था। छपरा के खनुआ नाला इलाके में जैसे ही प्रदर्शनकारियों को दिल्ली से केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे संबंधी खबर मिली, भीड़ उग्र हो गई। स्थिति को काबू में रखने के लिए वहां जिला प्रशासन, पुलिस और ITBP के जवानों को तैनात किया गया था। इस अफरा-तफरी के बीच प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों पर पत्थरबाजी और हमला करना शुरू कर दिया।
ड्यूटी के दौरान हुआ जानलेवा हमला
तनावपूर्ण माहौल के बीच रिविलगंज के बीडीओ रितेश कुमार सिंह अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए वहां मौजूद थे। तभी उपद्रवियों ने उन पर हमला कर दिया। सामने आए CCTV फुटेज और वायरल वीडियो से पता चलता है कि उपद्रवियों ने केवल पत्थर ही नहीं चलाए, बल्कि एक दुकान से उठाकर लोहे का भारी बाट सीधे बीडीओ के सिर पर मार दिया। ड्यूटी के दौरान बीडीओ ने सुरक्षा के लिए कोई हेलमेट या बॉडी प्रोटेक्टर नहीं पहना था, जिसके चलते लोहे का भारी सामान सीधा उनके सिर पर लगा और वे लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े।
मेदांता अस्पताल में सर्जरी और स्वास्थ्य स्थिति
सिर पर गंभीर चोट लगने के बाद बीडीओ रितेश कुमार सिंह तुरंत अचेत हो गए थे। उन्हें स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार दिया गया, लेकिन उनकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत पटना रेफर कर दिया। पटना के मेदांता अस्पताल में उनके 3D सीटी स्कैन से यह स्पष्ट हुआ कि उनकी खोपड़ी की हड्डी में गंभीर फ्रैक्चर है और सिर के भीतर ब्लीडिंग हो रही है। अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला और सर्जरी की प्रक्रिया पूरी की। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, अभी उनकी स्थिति पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है और परिजन उनके जल्द स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों में भारी रोष
इस हिंसक घटना में न केवल रितेश कुमार सिंह, बल्कि छपरा सदर की बीडीओ दृष्टि पाठक भी घायल हुई थीं। इन अधिकारियों पर हुए जानलेवा हमले से बिहार भर के प्रशासनिक महकमे में भारी आक्रोश है। इस घटना के विरोध स्वरूप 27 जुलाई को बिहार ग्रामीण विकास सेवा संघ के आह्वान पर पूरे राज्य के बीडीओ ने काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया। संघ ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को आधिकारिक ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि संवेदनशील ड्यूटी के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और सुरक्षा बल मुहैया कराए जाएं।
कानूनी कार्रवाई और उपद्रवियों की पहचान
पुलिस प्रशासन ने बीडीओ पर हुए इस हमले को अत्यंत गंभीरता से लिया है। वीडियो फुटेज और साक्ष्यों के आधार पर उपद्रवियों की पहचान करने का काम जारी है। पुलिस ने अब तक 690 से अधिक उपद्रवियों को हिरासत में लिया है और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि ड्यूटी पर तैनात किसी भी सरकारी अधिकारी पर हमला करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और छापेमारी लगातार जारी है ताकि अन्य आरोपियों को भी जल्द से जल्द सलाखों के पीछे लाया जा सके।
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