मध्य प्रदेश में मानसून का सक्रिय प्रभाव
सितंबर का महीना अपने अंतिम चरण में है, लेकिन मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधियां अभी भी पूरी तरह थमी नहीं हैं। विदाई से पहले मानसून एक बार फिर राज्य में अपना असर दिखा रहा है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को जहां तीन जिलों में बारिश की चेतावनी दी गई थी, वहीं आज 24 सितंबर 2026, दिन गुरुवार को यह दायरा बढ़कर 10 जिलों तक पहुंच गया है। राज्य भर के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिसका अर्थ है कि नागरिकों को मौसम के प्रति सतर्क रहना होगा। विशेष रूप से पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में मानसूनी हलचल अधिक देखी जा रही है।
इन 10 जिलों में बरसेगा पानी
भोपाल स्थित मौसम विज्ञान केंद्र की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने एक नए मौसमी सिस्टम ने राज्य की हवाओं का रुख बदल दिया है। इस सिस्टम की सक्रियता के चलते निम्नलिखित 10 जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है:
- शहडोल
- उमरिया
- डिंडौरी
- मंडला
- सिवनी
- छिंदवाड़ा
- बालाघाट
- सतना
- पन्ना
- छतरपुर
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि इन क्षेत्रों में 64.5 मिमी से लेकर 115.5 मिमी तक वर्षा दर्ज की जा सकती है। इतनी मात्रा में बारिश होने से निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है और नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। इसे देखते हुए प्रशासन ने लोगों को एहतियात बरतने और जोखिम वाले स्थानों से दूर रहने की अपील की है।
अन्य जिलों का मौसम और सावधानियां
जिन जिलों को येलो अलर्ट की श्रेणी में रखा गया है, वहां भारी बारिश के अलावा तेज हवाओं का भी सामना करना पड़ सकता है। पूरे मध्य प्रदेश में आज 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने स्पष्ट सलाह दी है कि इस दौरान खुले मैदानों, कमजोर टिन शेड या धारदार और नुकीली वस्तुओं के आसपास खड़े होने से बचें। शेष जिलों में फिलहाल हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है, लेकिन पूरा प्रदेश ही मानसूनी प्रभाव के घेरे में है।
मानसून के आंकड़े और वर्तमान स्थिति
राज्य में इस मानसून सीजन के अब तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश में कुल 34.2 इंच बारिश दर्ज की गई है। यह आंकड़ा सामान्य से 6 फीसदी कम है। बंगाल की खाड़ी में बने ताजा सिस्टम से उम्मीद जताई जा रही है कि अगले चार दिनों तक राज्य में तेज बारिश का दौर जारी रहेगा, जिससे वर्षा के कोटे में सुधार हो सकता है। प्रदेश के लगभग 100 से ज्यादा शहरों और कस्बों में बारिश की उम्मीद है।
हालांकि मानसून की शुरुआत जून महीने में कमजोर रही थी, लेकिन जुलाई और अगस्त में हुई अच्छी बारिश ने उस कमी को काफी हद तक पूरा कर दिया है। राज्य के 23 जिलों में अब तक सामान्य से अधिक बारिश हो चुकी है, जिसमें भोपाल भी शामिल है। भोपाल में यह लगातार चौथा वर्ष है जब सितंबर महीने में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है, जिसके चलते वहां के बड़े तालाब के जलस्तर में भी अच्छी बढ़ोतरी देखी गई है। राज्य के पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्रों में अभी भी बारिश के कोटे को पूरा करने की प्रतीक्षा है। अगले कुछ दिनों की गतिविधियां इन आंकड़ों में बड़ा बदलाव ला सकती हैं।
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