कुल्लू जेई मर्डर केस: महिला डॉक्टर और लाभ सिंह के बीच था 20 साल का अंतर, सोची-समझी साजिश में गई जान

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में जल शक्ति विभाग के जेई लाभ सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने लेडी डॉक्टर समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। अवैध संबंधों के शक में रची गई इस साजिश का खुलासा जांच के बाद हुआ है।

मामले का खुलासा और चार गिरफ्तारियां

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में जल शक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता यानी जेई लाभ सिंह गुलेरिया की हत्या के सनसनीखेज मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है। इस जघन्य हत्याकांड के आरोप में पुलिस ने एक महिला डॉक्टर सहित कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को गुरुवार के दिन स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फिलहाल मुख्य आरोपी महिला डॉक्टर की पहचान को गोपनीय रखा है।

कौन हैं आरोपी और क्या है कनेक्शन

जांच के दौरान सामने आया है कि इस हत्याकांड के तार पारिवारिक रिश्तों और अवैध संबंधों से जुड़े हैं। गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों में महिला डॉक्टर के पति कर्ण सिंह, जो स्वयं एक आयुर्वेदिक डॉक्टर हैं, उनके ससुर विजय और देवर दिनेश शामिल हैं। आरोपी कर्ण सिंह और दिनेश की उम्र 32 वर्ष बताई गई है। पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम की गहन जांच के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम को भी गांधी नगर स्थित महिला डॉक्टर के आवास पर दोबारा जांच के लिए बुलाया था। इस मामले की एक बड़ी कड़ी उम्र का अंतर भी है, क्योंकि आरोपी महिला की उम्र 32 वर्ष है, जबकि मृतक लाभ सिंह 52 वर्ष के थे। दोनों की आयु में लगभग 20 साल का फासला था।

पूरी प्लानिंग के साथ दिया गया वारदात को अंजाम

प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि जेई लाभ सिंह की हत्या किसी अचानक हुए विवाद का नतीजा नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी। हत्या की योजना इतनी सटीक थी कि उन्हें पानी की सप्लाई ठीक करने का बहाना बनाकर बुलाया गया था। आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए सीसीटीवी कैमरों के साथ भी छेड़छाड़ करने की कोशिश की थी ताकि वे कानून की पकड़ से बच सकें। हालांकि, कुल्लू पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया। पुलिस ने घटना के आसपास के सीसीटीवी फुटेज, घर में काम करने वाली नौकरानी के बयान, डंप डेटा और कॉल डिटेल्स का विश्लेषण कर आरोपियों तक पहुंचने में सफलता प्राप्त की। हालांकि, अभी तक पुलिस को मृतक लाभ सिंह की कमीज बरामद नहीं हो सकी है, जिसकी तलाश जारी है।

सरकारी नौकरी पर सस्पेंशन का खतरा

इस हत्याकांड के बाद आरोपी दंपति, जो सरकारी सेवाओं में कार्यरत हैं, पर अब निलंबन की तलवार लटक रही है। सरकारी नौकरी के नियमानुसार किसी भी कर्मचारी को गिरफ्तारी के 48 घंटे बाद स्वतः निलंबित माना जाता है। इस घटना ने पूरे इलाके में हलचल पैदा कर दी है और स्थानीय लोग इस बात से स्तब्ध हैं कि एक मामूली विवाद या अवैध संबंधों के शक को बातचीत से सुलझाने के बजाय इतनी बड़ी हिंसा का रास्ता चुना गया। आम जनता का मानना है कि किसी की जान लेना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

पुलिस की ओर से जांच जारी

कुल्लू के पुलिस अधीक्षक मदन कौशल ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए मामले की पुष्टि की, लेकिन उन्होंने जांच के दायरे को देखते हुए बहुत अधिक जानकारी साझा करने से परहेज किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पुलिस अभी भी कई पहलुओं पर बारीकी से काम कर रही है। गौरतलब है कि 24 जुलाई को लाभ सिंह गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले थे। उन्हें इलाज के लिए एम्स बिलासपुर ले जाया गया, जहां 26 जुलाई की सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस का दावा है कि जल्द ही मामले की अन्य परतें भी सामने आएंगी।

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