अंधविश्वास की आड़ में बड़ा फर्जीवाड़ा
महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले से धोखाधड़ी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सभी को हैरान कर दिया है। यहां अंधविश्वास और काला जादू के नाम पर एक महिला को शिकार बनाकर 25 लाख 90 हजार रुपये की चपत लगाई गई है। चंद्रपुर शहर पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए कुल तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी महिला ने खुद को अलौकिक और दैवीय शक्तियों वाली सिद्ध बताकर महिला का भरोसा जीता था, जिसके बाद उसने उसके बीमार पति के ठीक होने और घर में खुशहाली का लालच देकर यह बड़ी रकम वसूल ली।
कैसे शुरू हुआ ठगी का सिलसिला
इस पूरे मामले की शुरुआत पठानपुरा की रहने वाली वैशाली अनिल खनके के साथ हुई। वैशाली को भूमि अधिग्रहण के बदले में सरकार से 71 लाख रुपये का मुआवजा मिला था। इसी दौरान उसकी पड़ोसी विद्या निमजे ने उसके पारिवारिक हालातों का फायदा उठाया। वैशाली के पति काफी लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और मानसिक रूप से भी परेशान थे। विद्या ने इसी मजबूरी का फायदा उठाकर वैशाली से नजदीकी बढ़ाई और धीरे-धीरे उसे धार्मिक अनुष्ठानों व पूजा-पाठ के जाल में फंसा लिया।
धूनी का पाउडर और पवित्र चिट्ठी का झूठ
इस साजिश में शाहिस्ता अंजुम और शबाना नाम की दो अन्य महिलाएं भी शामिल थीं। आरोपी महिलाओं ने वैशाली को यकीन दिलाया कि उनके पास विशेष दैवीय शक्तियां हैं। उन्होंने दावा किया कि यदि वैशाली अपने पति को धूनी का पाउडर और एक विशेष पवित्र चिट्ठी पानी में घोलकर पिलाएगी, तो वह जल्द ही स्वस्थ हो जाएंगे। आरोपी महिलाओं ने वैशाली की घबराहट का नाजायज लाभ उठाया। इतना ही नहीं, जुलाई के पहले सप्ताह में आरोपियों ने वैशाली को यह कहकर डराया कि घर में सुख-समृद्धि के लिए उसे अपने सोने के टॉप्स और गले का हार उतार देना चाहिए, जिसे उन्होंने हड़प लिया।
लाखों रुपये का लेन-देन
ठगी की ये वारदातें रुकने का नाम नहीं ले रही थीं। 24 जुलाई को आरोपी महिला वैशाली को बैंक ले गई और वहां से 10 लाख रुपये नकद निकलवा लिए। इसके अगले ही दिन उन्होंने घर खरीदने के उद्देश्य से रखी गई 10 लाख रुपये की और बड़ी रकम भी अपने कब्जे में ले ली। पुलिस की तफ्तीश में यह बात निकलकर सामने आई है कि ठगी की इस पूरी रकम को तीनों आरोपी महिलाओं ने आपस में बांट लिया था। जब वैशाली के पति की सेहत में कोई सुधार नहीं हुआ और उसने अपनी रकम वापस मांगी, तो ये महिलाएं उसे तरह-तरह से टालने लगीं। अंत में खुद को लुटता हुआ देख वैशाली ने शहर पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
कानूनी कार्रवाई और बरामदगी
पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं जैसे 318(4), 316(2) और महाराष्ट्र नरबलि एवं अन्य अमानवीय, अनिष्ट तथा अघोरी प्रथा एवं काला जादू प्रतिषेध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने विद्या निमजे, शाहिस्ता अंजुम और शबाना को गिरफ्तार कर लिया है। तलाशी के दौरान पुलिस ने उनके पास से ताबीज, धूनी पाउडर और अंधविश्वास फैलाने से जुड़ी कई संदिग्ध वस्तुएं बरामद की हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी, अप्पर पुलिस अधीक्षक ईश्वर कटकड़े और उपविभागीय पुलिस अधिकारी प्रमोद चौगुले के निर्देशन में पुलिस निरीक्षक निशिकांत रामटेके की टीम ने की। फिलहाल, पुलिस उपनिरीक्षक तृप्ति खंडाई इस मामले की आगे की जांच कर रही हैं।
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